राजनीतिक दल सहमति दें ताकि महिलाएं भी भारत की नीति निर्माण में अपना सहयोग दे सकें --- बांसुरी स्वराज

नई दिल्ली, 12 अप्रैल : सांसद एवं दिल्ली प्रदेश भाजपा महामंत्री श्रीमती कमलजीत सहरावत और सांसद एवं प्रदेश मंत्री सुश्री बांसुरी स्वराज ने आज एक संयुक्त प्रेसवार्ता को सम्बोधित करके नारी शक्ति वंदन अधिनियम प्रचार अभियान के लिए एक मिस्ड काल नम्बर 9667173333 जारी किया और सभी से अपिल कि की इस नंबर पर मिस्ड कॉल देकर अपनी सहमति दर्ज कराएं। उन्होने एक हैश टैग भी जारी किया #नारीशक्तिवंदन।
प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती न्योमा गुप्ता द्वारा संयोजित प्रेसवार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती योगिता सिंह, महिला मोर्चा प्रभारी श्रीमती श्यामबाला, मोर्चा महामंत्री श्रीमती प्रियल भारद्वाज और श्रीमती वैशाली पोद्दार भी उपस्थित थी।
श्रीमती कमलजीत सहरावत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 में जब पहली बार देश के प्रधानमंत्री बनें तो उन्होंने सबका साथ सबका विकास का नारा दिया और उसी नारे को चरितार्थ करते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में पास किया गया। आज उसका परिणाम है कि महिलाएं नेवी, एयरफोर्स और अन्य विभागों में पूर्णत: बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रही हैं और 2024 आते-आते महिलाओं के लिए मोदी सरकार ने जो नारे दिए हैं वह हो गया है – वुमेन लेड डेवलपमेंट।
श्रीमती सहरावत ने कहा कि 16,17 और 18 अप्रैल को एक स्पेशल सेशन बुलाया गया है ताकि इसको तुरंत बिल के रुप में पास कर लागू किया जा सके। मुझे उम्मीद है कि अन्य पार्टियां भी इसको तुरंत लागू करने के लिए अपनी सहमति देगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आज महिलाओं की संख्या पार्लियामेंट में 13.63 फीसदी है वह अब निश्चित रुप से 33 फीसदी होगी जिससे राजनीतिक के साथ साथ देश समाजिक परिवर्तन भी देखेगा।
सुश्री बांसुरी स्वराज ने कहा कि हमारी संस्कृति अर्धनारेश्वर वाली है अर्थात समानता हमारे यहां कोई नया कन्सेप्ट नहीं है। इतना ही नहीं साल 2024 में अगर आप आंकड़ों की भी बात करें तो पुरुष के मुकाबले महिलाओं के वोट प्रतिशत अधिक है इसके बावजूद हमारे देश की राजनीति में पुरुष प्रतिनधित्व करते हुए नजर आ रहे हैं। 2024 की चुनाव में महिला वोटर्स की संख्या थी 65.8 प्रतिशत जबकि पुरुषों ने सिर्फ 65.7 प्रतिशत वोट किए थे। लेकिन संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व सिर्फ 13.6 फीसदी है जबकि ग्लोबल एवरेज 27 फीसदी है।
सुश्री बांसुरी स्वराज ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का हम सब को धन्यवाद करना चाहिए जिन्होंने सितंबर 2024 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को सर्व सम्मति से पास कराया और उन्होंने कहा था कि 18वीं लोकसभा अंतिम लोकसभा होगी जिसमें महिलाओं का रिप्रजेंनेटशन कम होगा इसलिए साल 2029 में महिलाओं की रिप्रेंजेटेशन 33 फीसदी हो उसके लिए एक स्पेशल सेशन बुलाया गया है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलो से भी आग्रह किया है कि इस समाजिक उत्थान वाली नीति को राजनीति से ऊपर उठकर सहमति दें ताकि महिलाएं भी भारत की नीति निर्माण में अपना सहयोग दे सके।
प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती न्योमा गुप्ता ने कहा कि 16 से 18 अप्रैल भारत के सबसे महत्वपूर्ण संसदीय सत्रों में से एक होने जा रहा है, क्योंकि यह तय करेगा कि हमारी संसद दशकों पुराने एक संवैधानिक वादे को पूरा करेगी या नहीं। इस सत्र को इसलिए बुलाया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह कानून 2029 के चुनाव के लिए समय पर लागू हो सके, न कि इसे 2034 या उससे आगे के लिए टाल दिया जाए। चूंकि इस लंबे इंतजार को समाप्त करना मूल विधेयक के दौरान विपक्ष की प्रमुख मांगों में से एक था, हमें उम्मीद है कि वे इसका भी पूरा समर्थन करेंगे।




