जेएनयू में 'युवा कुंभ' का भव्य आयोजन; राम माधव जी ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को किया रेखांकित
.jpg)
नई दिल्ली ,15 अप्रैल2026 । जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के कन्वेंशन सेंटर (ऑडिटोरियम 1) में आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, रामकृष्णपुरम विभाग (दिल्ली प्रांत) द्वारा 'युवा कुंभ' का अत्यंत सफल और गरिमामयी आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम संघ के शताब्दी वर्ष (1925-2025/26) के उपलक्ष्य में "सेवा और समर्पण के 100 वर्ष एवं राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका" विषय पर आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में माननीय श्री राम माधव जी (अध्यक्ष, इंडिया फाउंडेशन) उपस्थित रहे, जिन्होंने जेएनयू के सैकड़ों छात्र-छात्राओं और प्रबुद्ध जनों को संबोधित किया।
अपने संबोधन में राम माधव जी ने संघ के 100 वर्षों के सेवा कार्य और राष्ट्र की अखंडता में युवाओं के योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवा शक्ति ही भारत को परम वैभव पर ले जाने का आधार है और संघ का शताब्दी वर्ष इसी संकल्प की सिद्धि का पर्व है। कार्यक्रम के दौरान विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई, जिसने भारतीय संस्कृति की भव्यता को प्रदर्शित किया। हालाँकि, इस पवित्र और अकादमिक कार्यक्रम में भी कैंपस के वामपंथी गुंडों ने अपनी 'घिनौनी और अराजक' मानसिकता का परिचय देते हुए विरोध प्रदर्शन की आड़ में व्यवधान पैदा करने का प्रयास किया।जेएनयू छात्र समुदाय इन वामपंथी तत्वों द्वारा किए गए इस 'घटिया कृत्य' की कड़े शब्दों में निंदा करती है। यह अत्यंत निंदनीय है कि जेएनयू जैसे लोकतांत्रिक संस्थान में जब कोई संगठन राष्ट्र निर्माण और सेवा पर चर्चा करता है, तो वामपंथी विचारधारा से ग्रसित अराजक तत्व इसे पचा नहीं पाते और उपद्रव पर उतारू हो जाते हैं। इन 'वामपंथी गुंडों' द्वारा किया गया विरोध न केवल अलोकतांत्रिक है, बल्कि यह उनकी असहिष्णुता और जेएनयू की छवि को धूमिल करने वाली सोच को दर्शाता है। राष्ट्रवादी छात्रों की एकता ने इन उपद्रवियों के मंसूबों को नाकाम कर दिया और भारी उत्साह के बीच कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया।
जेएनयू प्रशासन को ऐसे अराजक तत्वों पर कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए जो शांतिपूर्ण सांस्कृतिक और शैक्षणिक विमर्श में बाधा डालते हैं। वामपंथियों का यह व्यवहार यह सिद्ध करता है कि वे वैचारिक हार मान चुके हैं और अब केवल शोर-शराबे और गुंडागर्दी के सहारे अपनी खोई हुई जमीन तलाश रहे हैं। राष्ट्रवादी स्वर ऐसे ओछे विरोध प्रदर्शनों से दबने वाला नहीं है और जेएनयू की धरती पर राष्ट्र प्रथम का संकल्प निरंतर गूंजता रहेगा।
आयोजन के संयोजक ने कहा कि, "युवा कुंभ की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि जेएनयू अब राष्ट्रवाद के मार्ग पर अग्रसर है। वामपंथी गुंडों द्वारा किया गया विरोध प्रदर्शन उनका एक अत्यंत घटिया कृत्य है। वे केवल कैंपस का माहौल बिगाड़ना चाहते हैं, लेकिन हम उन्हें सफल नहीं होने देंगे।"
आयोजन के सह संयोजक कहा कि, "आज वामपंथियों ने एक बार फिर अपनी असहिष्णुता का परिचय दिया है। राष्ट्र निर्माण की चर्चा से इन्हें इतनी चिढ़ क्यों है? इन अराजक तत्वों के विरोध के बावजूद सैकड़ों छात्रों ने राम माधव जी के विचारों को सुना।




