सी-डॉट बेंगलुरु में नवाचार और उत्कृष्टता के लिए 36 पेटेंट, 18 कॉपीराइट, 5 डिजाइन पंजीकरण, 9 ट्रेडमार्क और 3 शोध पत्रों को मान्यता दी गई

16 April, 2026, 7:54 pm

केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग (डीओटी) के अंतर्गत आने वाले प्रमुख अनुसंधान एवं विकास केंद्र-सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (सी-डॉट)- ने अपने बेंगलुरु परिसर में वार्षिक बौद्धिक संपदा (आईपी) पुरस्कार समारोह 2026 का सफल आयोजन किया। इस अवसर पर बौद्धिक संपदा (आईपी) में उत्कृष्टता का उत्सव मनाया गया तथा उन नवोन्मेषकों को सम्मानित किया गया, जो भारत के स्वदेशी दूरसंचार इकोसिस्टम को सुदृढ़ बना रहे हैं।

यह आयोजन रचनात्मकता, समर्पण और अभिनव सोच को मान्यता देने का एक मंच बना। पुरस्कार विजेताओं का योगदान सी-डॉट में सशक्त नवाचार संस्कृति को दर्शाता है, जो डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप अगली पीढ़ी के दूरसंचार समाधानों के अनुसंधान और विकास को प्रोत्साहित करता है।

सी-डॉट बेंगलुरु में कुल 78 कर्मचारियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने सामूहिक रूप से 36 पेटेंट, 18 कॉपीराइट, 5 डिजाइन पंजीकरण, 9 ट्रेडमार्क और 3 शोध पत्र हासिल किए हैं। पुरस्कार विजेताओं को प्रमाण पत्र, पदक और नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। इस समारोह में शोधकर्ताओं, अभियंताओं और संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया, जिनके योगदान ने सी-डॉट के बौद्धिक संपदा पोर्टफोलियो को काफी मजबूत किया है। पेटेंटों की लगातार संख्या और पुरस्कार विजेताओं की मजबूत आधार के साथ सी-डॉट दूरसंचार और डिजिटल प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नवाचार के प्रमुख चालक के रूप में अपनी स्थिति को और सुदृढ़ करना जारी रखे हुए है। ये उपलब्धियां संगठन के अनुसंधान उत्कृष्टता पर निरंतर ध्यान और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के निर्माण के प्रति इसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

सी-डॉट के सीईओ डॉ. राजकुमार उपाध्याय ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और राष्ट्र निर्माण में बौद्धिक संपदा की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “आज हम जिन नवाचारों का उत्सव मना रहे हैं, वे न केवल तकनीकी उत्कृष्टता को दर्शाते हैं, बल्कि दूरसंचार प्रौद्योगिकियों में भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के प्रति गहरी प्रतिबद्धता भी दिखाते हैं। एक मजबूत और विस्तार लेता हुआ आईपी पोर्टफोलियो एक लचीला और भविष्य के लिए तैयार इकोसिस्टम बनाने के लिए मौलिक है। यह देखकर उत्साहजनक है कि हमारी टीमें लगातार सीमाओं को लांघ रही हैं और भारत के डिजिटल भविष्य में सार्थक योगदान दे रही हैं।” उन्होंने आगे इस बात पर जोर दिया कि इस तरह की मान्यताएं शोधकर्ताओं को उद्देश्यपूर्ण नवाचार करने के लिए प्रेरित करती हैं, जिससे विचारों को प्रभावशाली प्रौद्योगिकियों में बदला जा सके जो दूरसंचार और उभरते डिजिटल क्षेत्रों में भारत की वैश्विक स्थिति को बढ़ाते हैं।

वार्षिक आईपी पुरस्कार समारोह 2026 नवाचार को प्रोत्साहित करने और उन लोगों को पहचानने पर सी-डीओटी के निरंतर विशेश ध्यान देने को दर्शाता है, जो भारत के डिजिटल भविष्य को आकार देने वाली प्रौद्योगिकीयों के पीछे हैं।