मोदी सरकार के ऐतिहासिक 12 वर्ष नए और सशक्त भारत का उदय

12 June, 2026, 9:59 pm

लेखक   -डॉ. सतीश पूनियां

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले बारह वर्षों में भारत ने एक विकसित, आत्मविश्वास से लबरेज और दुनिया की आंखों में आंखें डालकर बात करने वाले मजबूत राष्ट्र के रूप में पहचान कायम की है। भारत के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक उत्थान की गाथाएं दुनिया की जुबान पर है। अब वह दौर नहीं रहा, जब आतंक फैलाने वाले मुल्क को देश में आतंकी घटनाओं में उसकी स्पष्ट संलिप्तता के बावजूद भी उसे दंडित करने के स्थान पर उसको डोजियर पर डोजियर सौंपा जाए, अब सीधी और स्पष्ट कार्रवाई होती है। यह सब संभव हुआ है एक कुशल, विजनरी और राष्ट्र प्रथम की भावना वाले नेतृत्व के कारण।

मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार यह जानती थी कि दुनिया के सामने खड़ा होना है तो हमें पहले आर्थिक ताकत बनना होगा। भारतीय नागरिकों को आर्थिक और सामाजिक तौर पर सशक्त करना होगा। पिछले बारह वर्षों में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था और देश के नागरिकों को सशक्त करने का काम किया है। इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्तमान में जब पूरी दुनिया मिडिल
ईस्ट में चल रहे युद्ध की आग से झुलस रही है, उस दौर में भी भारतीय अर्थव्यवस्था 7.7 की उत्साहजनक वार्षिक वृद्धि दर से आगे बढ़ रही है। ये आंकड़े ही साफ संकेत देते हैं कि देश के नागरिकों और दुनिया के निवेशकों का भरोसा मोदी सरकार पर लगातार बना हुआ है।

वर्ष 2014 में देश की बागडोर संभालने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'सबका साथ, सबका विकास मूलमंत्र के साथ काम आरंभ किया। इसका परिणाम आज देश के हर क्षेत्र में दिखाई देता है। मोदी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं ने देश के सामाजिक और आर्थिक भूगोल को पूरी तरह बदल कर रख दिया है। एक वक्त था जब लोग बैंक में खाता खुलवाने में हिचकते थे। लेकिन जनधन योजना ने देश के पूरे माइंड सैटअप को बदल दिया। प्रधानमंत्री जनधन योजना ने बैंकों को खुद लोगों तक पहुंचा दिया। कभी देश की आधी से अधिक आबादी औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से कटी हुई थी। मोदी सरकार ने इस खाई को पाटने के लिए मिशन मोड में काम किया और आज 58 करोड़ से अधिक जन धन खाते खोले जा चुके हैं। इन खातों में आज की तारीख तक तीन लाख करोड़ से अधिक की धनराशि जमा है।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं को एक विजन दिया। उन्होंने युवाओं से रोजगार मांगने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बनने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के माध्यम से उनको सपनों को पंख दिये। उनके भीतर आत्मविश्वास पैदा किया। आज गांवों शहरों में मुद्रा योजना के माध्यम से हजारों लाखों की संख्या में युवक और युवतियां स्वरोजगार के माध्यम हजारों हाथों को काम दे रहे हैं। आंकड़े खुद इस योजना की सफलता की गवाही देते हैं। योजना की शुरुआत से लेकर अब तक 57 करोड़ से अधिक मुद्रा ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं। 40 लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे छोटे उद्यमियों के हाथों में सौंपी गई है। इसमें लगभग 68 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएं और समाज के पिछड़े तबके से हैं।  

महंगी दवाओं और ईलाज को आसान बनाते हुए मोदी सरकार ने आयुष्मान भारत योजना  और प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के माध्यम से स्वास्थ्य सुरक्षा को बिलकुल किफायती बना दिया गया है। देशभर में खुले हज़ारों जन औषधि केंद्रों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाएं बाज़ार मूल्य से पचास से नब्बे प्रतिशत तक कम कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में कनेक्टिविटी पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मोदी सरकार ने पिछले बारह  वर्षों में 'प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना' की गति और कवरेज में क्रांतिकारी बदलाव किया है। इन वर्षों में ग्रामीण कनेक्टिविटी को अभूतपूर्व गति देते हुए सात लाख किलोमीटर से अधिक लंबी ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया गया है। इसका असर यह हुआ है कि इन बारहमासी सड़कों ने न केवल किसानों की फसलों को मंडियों तक आसानी से पहुँचाया है, बल्कि ग्रामीण अंचलों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को भी सुलभ किया है।

जल जीवन मिशन के माध्यम से महिलाओं सशक्तिकरण का ऐतिहासिक कार्य किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से 'जल जीवन मिशन' की घोषणा की और इसे एक जन-आंदोलन बना दिया। ग्रामीण इलाकों में पाइप से पानी का दायरा आज बढ़कर पंद्रह करोड़ से अधिक घरों तक पहुंच चुका है। इस योजना ने ग्रामीण भारत, विशेषकर महिलाओं को पानी से होने वाली गंभीर बीमारियों से मुक्ति दी है।
महिला सशक्तिकरण के साथ यह योजना 'ईज ऑफ लिविंग' का एक बेहतरीन उदाहरण है।

कोविड महामारी के दौरान जब पूरी दुनिया थम गई थी। लोग घरों में कैद हो गए थे। लोगों के सामने भूखो मरने की नौबत आ गई थी, उस दौर में मोदी सरकार ने सुनिश्चित किया कि देश का कोई भी गरीब परिवार भूखा न सोए। सौभाग्य से उस वक्त राजस्थान प्रदेश का भाजपा अध्यक्ष होने के नाते हमने प्रधानमंत्रीजी के निर्देशन में प्रदेश में यह सुनिश्चित किया कि पार्टी की तरफ से लोगों तक अधिक से अधिक सहायता पहुंचायी जाए। 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' के तहत मुफ्त राशन की यह व्यवस्था आज भी अनवरत जारी है। देश के 81 करोड़ से अधिक नागरिकों को हर महीने मुफ्त खाद्यान्न प्रदान किया जा रहा है।  

हर सर पर छत के मिशन के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से अब तक चार करोड़ से अधिक पक्के घरों का निर्माण किया गया और उन्हें गरीब और बेघर परिवारों को सौंपा जा चुका है। हाल ही में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए योजना के अगले चरण को भी मंजूरी दे दी गई है। इसी तरह 'डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर' के माध्यम से विभिन्न केंद्रीय योजनाओं का 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक का फंड सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया यह पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त शासन का सबसे बड़ा प्रमाण है।  मोदी सरकार की कल्याणकारी नीतियों ने भारत से गरीबी उन्मूलन के कार्य को एक अभूतपूर्व गति दी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, आवास और स्वच्छता के मोर्चे पर चौतरफा सुधार के कारण पिछले एक दशक में 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी के जाल से बाहर आए हैं।

पाठकों को याद होगा कि 2014 से पहले स्वच्छता भारत की प्राथमिकताओं में कहीं पीछे छूट गई थी। लेकिन जब लाल किले से जब प्रधानमंत्री ने 'स्वच्छ भारत मिशन' का आह्वान किया। देशभर में रिकॉर्ड समय के भीतर 12 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण किया गया, जिससे ग्रामीण स्वच्छता का दायरा 2014 के 39 प्रतिशत से बढ़कर अब शत-प्रतिशत हो चुका है। यह केवल एक स्वच्छता अभियान नहीं था, बल्कि यह देश की करोड़ों महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और स्वास्थ्य से जुड़ा एक ऐतिहासिक सामाजिक सुधार आंदोलन था। देश के श्रमिक वर्ग के कल्याण के लिए मोदी सरकार ने 'ई-श्रम' पोर्टल और विभिन्न पेंशन तथा बीमा योजनाओं के माध्यम से उनको संरक्षण देने की पहल की। आज देश के 31 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिक सामाजिक सुरक्षा के दायरे में शामिल हो चुके हैं।

मोदी सरकार ने इन 12 वर्षों में देश की राजनीति के व्याकरण को बदल दिया है। 2014 से पहले की राजनीति महज जातिगत समीकरणों, तुष्टिकरण और वोटबैंक के इर्द-गिर्द घूमती थी, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने विकास की राजनीति की एक नई संस्कृति विकसित की है। आज का भारत एक आत्मविश्वास से भरा हुआ भारत है, जो अपनी कमियों को पीछे छोड़ते हुए वैश्विक पटल पर एक महाशक्ति बनने की ओर कदम बढ़ा चुका है।

(लेखक भाजपा के वरिष्ठ नेता तथा हरियाणा भाजपा प्रदेश प्रभारी हैं)

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