किसानों- मध्यम वर्गीय शहरियों – लघु व मझले उद्योगों पर डीजल रेट बढ़ोत्तरी का भाजपाई हमला: रणदीप सिंह सुरजेवाला

सांसद व भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव, श्री रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आज जारी बयान में कहा कि मोदी सरकार लगातार “लूट की किस्तों” से महंगाई की आग भड़काती चली जा रही है। अबकी बार मोदी सरकार ने चोर दरवाजे से “मुखौटा” लगाकर किसानों-शहरी मध्यमवर्गों-लघु और मझले उद्योगों पर महँगाई का हमला बोला है!
सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा की ‘वसूली सरकार’ ने पेट्रोल पंपों पर 200 लीटर से ज्यादा डीजल ना देने का फरमान जारी करके एक ही झटके में 200 लीटर डीजल या उससे अधिक डीजल खरीदने वाले लोगों के लिए डीजल ₹40 प्रति लीटर महंगा कर डाला है !
बढ़ती महंगाई के लिए भाजपा सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा लूट, धोखे और फरेब को ही “सरकार चलाने का औज़ार” समझने लगी है। उनके इस “चालबाज़ी के फ़रमान” ने जहाँ “महंगाई के डायनासोर” को खुली छूट दी है, तो वहीं तेल कंपनियों के ‘मुनाफे की पहरेदारी’ में तैनात रहने वाले पेट्रोलियम मंत्री- श्रीमान हरदीप पुरी, इसे भी ‘देश हित का काम’ बता रहे हैं !
मगर यह कैसे “लूट और महंगाई बढ़ाने का ही भाजपाई इंतजाम” है...इसे समझिए
खेतों में खरीफ सीज़न की बिजाई का काम चल रहा है और किसानों को डीजल की जरूरत इस वक्त सबसे ज्यादा है। अब जब किसान का ड्रम ही 220 लीटर का होता है, तो ऐसे में बिजाई के सीजन में किसानों को बल्क पॉइंट से जबरन ₹40 प्रति लीटर महंगा डीजल खरीदने को मजबूर होना पड़ेगा !
शहरी इलाकों में ज्यादातर फ्लैट्स- LIG, MIG, सोसायटी बिल्डिंग और मल्टी स्टोरी बिल्डिंग में बिज़ली की भारी कटौती के बीच जेनरेटर चलाने के लिए डीजल का ही इस्तेमाल होता है। वो भी एक समय में 500 से 1000 लीटर तक डीजल खरीदते हैं। इन सबको भी इस्तेमाल के लिए बल्क पॉइंट से ₹40 प्रति लीटर महंगा डीजल ही खरीदना पड़ेगा !
औद्योगिक क्षेत्र की बात करें तो लघु और मध्यम इकाइयां (MSME's) अपने प्रोडक्शन यूनिट के जेनरेटर के लिए डीजल का ही इस्तेमाल करती हैं। इस इकाइयों में 200 लीटर से कहीं अधिक हज़ारों लीटर डीजल की खपत होती है। अब इन सारी MSME को भी अपनी ज़रूरत का डीजल ₹40 प्रति लीटर महंगा पड़ेगा !
ज़ाहिर है, जब औद्योगिक उत्पादन में क़रीब 45% की हिस्सेदारी वाली MSME's की उत्पादन लागत बढ़ेगी, तो अधिकतर चीजें महंगी हो जाएंगी, जिसका भार आखिर में जनता की जेब पर ही पड़ेगा !
कुल मिलाकर भाजपा ने अपनी ‘नाकामी के बोझ’ और ‘लूट की बदनीयती’ से, देश की जनता पर “महंगाई का एक और चाबुक” चला दिया है !
एक तरफ तेल कंपनियां मुनाफे पर मुनाफे के रिकॉर्ड बना रही हैं, तो दूसरी तरफ सारा फायदा “बीजेपी एंड कंपनी” की तिजोरियों में जा रहा है, इसके बावज़ूद जनता को जरा भी राहत देने की बजाय भाजपा बेशर्मी से लूट की नई-नई तरकीब निकालने में ही लगी है !
12 साल से “भाजपाई नाकामियों के बोझ और बर्बादियों पर सरकारी जश्न” से देश त्रस्त है...मगर सत्ता की मदहोशी में देशवासियों की पीड़ा से बेपरवाह भाजपा, लोगों की “आंखों में धूल झोंककर” चौतरफ़ा लूट मचाने में ही लगी है!










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