2030 शीतकालीन ओलंपिक से नॉर्डिक कंबाइंड बाहर, जर्मनी में गहरा झटका

8 July, 2026, 11:38 pm

 

बर्लिन, 8 जुलाई। 2030 के शीतकालीन ओलंपिक से International Olympic Committee (IOC) द्वारा Nordic combined को बाहर किए जाने के फैसले ने जर्मनी के खिलाड़ियों और अधिकारियों को गहरा झटका दिया है। जर्मन स्की संघ का कहना है कि यह फैसला खेल के भविष्य पर गंभीर संकट खड़ा कर सकता है।

नॉर्डिक कंबाइंड शीतकालीन ओलंपिक के पहले संस्करण 1924से लगातार खेलों का हिस्सा रहा है। इस खेल में स्की जंपिंग और क्रॉस-कंट्री स्कीइंग का संयोजन होता है। लेकिन 2030 के फ्रेंच आल्प्स शीतकालीन ओलंपिक के कार्यक्रम से इसे हटाने का निर्णय लिया गया है।

जर्मनी के तीन बार के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता और राष्ट्रीय कोच Eric Frenzel ने कहा,

 "मेरे लिए इस फैसले पर शब्द ढूंढ़ना बेहद मुश्किल है।"

वहीं German Ski Association के खेल निदेशक Horst Hütte lने कहा कि यह निर्णय "बेहद निराशाजनक और विनाशकारी" है।

 खिलाड़ियों में भविष्य को लेकर चिंता

दो बार के ओलंपिक चैंपियन Johannes Rydzek, जो अंतरराष्ट्रीय स्की महासंघ International Ski and Snowboard Federation में खिलाड़ियों के प्रतिनिधि भी हैं, ने जर्मन प्रसारक ZDF से कहा,

 "ऐसा लगता है जैसे हमारे पैरों तले से जमीन खिसक गई हो। इस फैसले के दूरगामी परिणाम होंगे, जिनका अभी पूरी तरह आकलन भी नहीं किया जा सकता।"

 फंडिंग और प्रायोजन पर मंडराया संकट

नॉर्डिक कंबाइंड जैसे अपेक्षाकृत छोटे खेल सरकारी सहायता और प्रायोजकों पर काफी हद तक निर्भर रहते हैं। ओलंपिक से बाहर होने के बाद अब इस खेल के लिए भविष्य में वित्तीय सहायता और प्रायोजन मिलना कठिन हो सकता है। इससे विश्व कप जैसी प्रतियोगिताओं के आयोजन पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

रिडज़ेक ने बताया कि जर्मन स्की संघ ने 2027 में स्वीडन के Falun में होने वाली विश्व चैंपियनशिप तक मौजूदा व्यवस्था जारी रखने का भरोसा दिया है, लेकिन उसके बाद क्या होगा, यह कोई नहीं जानता।

 महिलाओं की स्पर्धा जोड़ने की उम्मीद भी टूटी

कई खेल विशेषज्ञों को उम्मीद थी कि 2030 शीतकालीन ओलंपिक में नॉर्डिक कंबाइंड को बनाए रखते हुए पहली बार महिलाओं की स्पर्धा भी शामिल की जाएगी। लेकिन इसके उलट पूरे खेल को ही कार्यक्रम से बाहर कर दिया गया।

IOC का मानना है कि पिछले ओलंपिक में महिलाओं की प्रतियोगिता का अभाव, सीमित वैश्विक प्रतिस्पर्धा और कम व्यावसायिक आकर्षण इस निर्णय के प्रमुख कारण रहे।

हालांकि यह फैसला स्थायी नहीं माना जा रहा है। यदि खेल की लोकप्रियता और दर्शकों की रुचि बढ़ती है, तो 2034 के शीतकालीन ओलंपिक में नॉर्डिक कंबाइंड की वापसी की संभावना बनी रह सकती है।

लोकप्रिय