देश का सबसे बड़ा ग्रामीण मोबाइल नेटवर्क सर्वेडाक विभाग और ट्राई मिलकर करेंगे
.png)
संचार मंत्रालय के डाक विभाग (DoP) और भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने शुक्रवार को नई दिल्ली में देशभर के 5.68 लाख से अधिक गांवों में मोबाइल नेटवर्क की गुणवत्ता का आकलन करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण भारत में दूरसंचार सेवाओं की गुणवत्ता का वास्तविक आकलन करना, डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करना और डिजिटल इंडिया अभियान को गति देना है।
एमओयू (MOU) के तहत डाक विभाग के 1.40 लाख से अधिक ग्रामीण शाखा डाकघरों के नेटवर्क का उपयोग किया जाएगा। ग्रामीण डाक सेवक (GDS) अपनी नियमित डाक वितरण गतिविधियों के दौरान ट्राई द्वारा विकसित एंड्रॉयड आधारित मोबाइल ऐप के जरिए मोबाइल नेटवर्क की गुणवत्ता का सर्वे करेंगे। इस सर्वे में भारती एयरटेल, रिलायंस जियो, वोडाफोन आइडिया और बीएसएनएल सहित प्रमुख दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के नेटवर्क का आकलन किया जाएगा।
यह सर्वे सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के गांवों को कवर करेगा। इससे मोबाइल नेटवर्क के प्रदर्शन से जुड़े विश्वसनीय जमीनी आंकड़े उपलब्ध होंगे, जिनके आधार पर दूरसंचार सेवाओं की कमियों की पहचान, नेटवर्क अवसंरचना को मजबूत करने और साक्ष्य आधारित नीतिगत निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
डाक विभाग की महाप्रबंधक (नागरिक-केन्द्रित सेवाएं एवं ग्रामीण व्यवसाय) मनीषा बंसल बादल ने कहा कि डाक विभाग ने अपनी व्यापक पहुंच और लोगों के विश्वास के बल पर विभिन्न सरकारी संस्थाओं के साथ मिलकर नागरिक-केन्द्रित सेवाओं का विस्तार किया है। उन्होंने कहा कि ट्राई के साथ यह साझेदारी मजबूत और विश्वसनीय डिजिटल अवसंरचना तैयार करने के साथ ‘डिजिटल इंडिया’ के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और सशक्त करेगी।
ट्राई के प्रधान सलाहकार (एनएसएल) अरुण अग्रवाल ने कहा कि डाक विभाग के व्यापक फील्ड नेटवर्क के जरिए जमीनी स्तर पर नेटवर्क प्रदर्शन का व्यवस्थित और विश्वसनीय आकलन संभव होगा। इससे तथ्य आधारित नियामकीय निर्णय लेने और उपभोक्ताओं के लिए दूरसंचार सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने में मदद मिलेगी।
एक वर्ष की इस साझेदारी के तहत डाक विभाग देशव्यापी फील्ड सर्वे करेगा, जबकि ट्राई मोबाइल ऐप, तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और केंद्रीकृत निगरानी उपलब्ध कराएगा। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल संपर्क की कमियों की पहचान कर उनका समाधान करने और डिजिटल रूप से सशक्त एवं समावेशी भारत के निर्माण को गति मिलने की उम्मीद है।












YXG8.jpeg)



