जर्मनी में 13 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर लग सकती है रोक

25 June, 2026, 10:04 am

 

बर्लिन, 25 जून 2026। जर्मनी में बच्चों और किशोरों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर बड़ी बहस छिड़ गई है। जर्मनी की परिवार मंत्री Karin Prien ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के स्वतंत्र उपयोग के लिए न्यूनतम आयु 13 वर्ष निर्धारित करने की वकालत की है। उनका मानना है कि TikTok, Instagram और Snapchat जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग 13 वर्ष से कम आयु के बच्चों द्वारा बिना अभिभावकीय निगरानी के नहीं किया जाना चाहिए।

प्रिएन ने कहा कि इस संबंध में यूरोपीय स्तर पर एक समान कानून बनाया जाना चाहिए। हालांकि, यदि यूरोपीय संघ की ओर से समय पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है तो जर्मनी अपने राष्ट्रीय स्तर पर आवश्यक कानूनी प्रावधान तैयार करेगा।

मंत्री के अनुसार, 13 वर्ष से कम आयु के बच्चे केवल उन डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर सकेंगे जिन्हें बच्चों के लिए सुरक्षित और कम जोखिम वाला साबित किया गया हो। इसके लिए प्रभावी आयु सत्यापन प्रणाली लागू करने की भी सिफारिश की गई है। वहीं 13 से 18 वर्ष के किशोरों के लिए चरणबद्ध सुरक्षा उपाय लागू किए जाने का प्रस्ताव है।

 विशेषज्ञ आयोग की 56 सिफारिशें

यह प्रस्ताव "डिजिटल दुनिया में बाल एवं युवा संरक्षण" पर गठित विशेषज्ञ आयोग की सिफारिशों पर आधारित है। आयोग में शामिल 18 विशेषज्ञ पिछले वर्ष सितंबर से इस विषय पर विचार-विमर्श कर रहे थे। उन्होंने सरकार को कुल 56 सिफारिशें सौंपी हैं।

आयोग ने चिंता जताई कि अश्लील सामग्री, नफरत फैलाने वाले संदेश, साइबर बुलिंग और अत्यधिक स्क्रीन टाइम बच्चों और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार लगभग तीन लाख युवा ऐसे व्यवहार प्रदर्शित कर रहे हैं जिन्हें डिजिटल लत की श्रेणी में रखा जा सकता है।

आयु सीमा पर मतभेद

विशेषज्ञ आयोग आयु सीमा के मुद्दे पर एकमत नहीं हो सका। रिपोर्ट में दो विकल्प प्रस्तुत किए गए हैं।

पहला विकल्प 13 वर्ष की वैधानिक न्यूनतम आयु सीमा और 13 से 18 वर्ष के युवाओं के लिए अतिरिक्त सुरक्षा मानकों का समर्थन करता है। इसके तहत जोखिमपूर्ण फीचर्स को डिफॉल्ट रूप से निष्क्रिय रखने की सिफारिश की गई है।

दूसरा विकल्प किसी एक समान आयु सीमा के बजाय जोखिम आधारित व्यवस्था का समर्थन करता है। इसके तहत विभिन्न डिजिटल सेवाओं और फीचर्स के जोखिम स्तर के अनुसार अलग-अलग आयु प्रतिबंध लागू किए जा सकते हैं।

ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों में सख्त नियम

जर्मनी का प्रस्ताव अंतरराष्ट्रीय मानकों की तुलना में अपेक्षाकृत नरम माना जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया में 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। वहीं ब्रिटेन, फ्रांस और अन्य यूरोपीय देशों में भी ऐसे नियमों पर विचार चल रहा है।

हालांकि जर्मन विशेषज्ञों का मानना है कि केवल राष्ट्रीय स्तर पर बनाए गए नियमों को लागू करना कठिन होगा क्योंकि सोशल मीडिया कंपनियां सीमाओं से परे सेवाएं प्रदान करती हैं। इसलिए यूरोपीय संघ स्तर पर समन्वित कानून अधिक प्रभावी साबित हो सकता है।

 प्लेटफॉर्म कंपनियों की जिम्मेदारी बढ़ाने की मांग

विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि बच्चों की सुरक्षा का पूरा बोझ केवल परिवारों और बच्चों पर नहीं डाला जाना चाहिए। सोशल मीडिया कंपनियों को भी अधिक जिम्मेदारी उठानी होगी।

रिपोर्ट में सुरक्षित और आयु-उपयुक्त डिफॉल्ट सेटिंग्स को अनिवार्य बनाने की सिफारिश की गई है। इसमें एल्गोरिदम आधारित फीड, व्यक्तिगत विज्ञापन, अनंत स्क्रॉलिंग (Endless Scroll) और बार-बार उपयोग के लिए प्रेरित करने वाले नोटिफिकेशन जैसे फीचर्स पर रोक लगाने का सुझाव शामिल है।

आयोग के सह-अध्यक्ष Olaf Köller ने कहा, "बच्चों को डिजिटल दुनिया के अनुसार ढालने के बजाय डिजिटल दुनिया को बच्चों के अनुकूल बनाना होगा। केवल बच्चों को इंटरनेट से दूर रखना समाधान नहीं है।"

परिवार मंत्री प्रिएन ने भी कहा कि बच्चों की डिजिटल सुरक्षा केवल सरकार की नहीं बल्कि स्कूलों, वैज्ञानिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और परिवारों की साझा जिम्मेदारी है। उनका लक्ष्य ऐसी व्यापक रणनीति विकसित करना है जो सुरक्षा, शिक्षा और डिजिटल सशक्तिकरण के बीच संतुलन स्थापित करे।

INPUT By DPA

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