Artemis II मिशन की सफलता पर यूरोपीय इंजीनियरों को अंतरिक्ष यात्रियों का धन्यवाद

16 July, 2026, 7:40 am

 

ब्रेमेन (जर्मनी), 16 जुलाई 2026( DPA)। नासा के Artemis IIमिशन के अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा की ऐतिहासिक यात्रा को सफल बनाने में योगदान देने वाले जर्मनी और यूरोप के इंजीनियरों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षित मिशन और पृथ्वी पर सफल वापसी के पीछे यूरोपीय इंजीनियरों की तकनीकी विशेषज्ञता और समर्पण की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

जर्मनी के उत्तरी शहर ब्रेमेन स्थित एयरबस (Airbus) संयंत्र के दौरे के दौरान अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री विक्टर ग्लोवर और रीड वाइजमैन ने इंजीनियरों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष यात्रियों ने अपनी जान उस तकनीक के भरोसे सौंपी थी, जिसे यूरोपीय इंजीनियरों ने तैयार किया। मिशन की सफलता उनके उत्कृष्ट कार्य का प्रमाण है।

यूरोप में तैयार हुआ Orion का सर्विस मॉड्यूल

Artemis II मिशन में उपयोग किया गया European Service Module (ESM) जर्मनी के ब्रेमेन स्थित एयरबस संयंत्र में बनाया गया है। यह मॉड्यूल Orionअंतरिक्ष यान को प्रणोदन (Propulsion), विद्युत ऊर्जा, ऑक्सीजन और पानी जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराता है। यही मॉड्यूल पूरे मिशन के दौरान अंतरिक्ष यान के संचालन में अहम भूमिका निभाता है।

1972 के बाद चंद्रमा के पास पहुंचने वाला पहला मानव मिशन

अप्रैल 2026 में पूरा हुआ Artemis II मिशन अमेरिकी अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि रहा। रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और कनाडाई अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन इस मिशन का हिस्सा थे।

यह 1972 में Apollo 17 मिशन के बाद पहला अवसर था जब इंसान चंद्रमा के निकट पहुंचे। मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा की एक परिक्रमा की और पृथ्वी से अब तक किसी भी मानव द्वारा तय की गई सबसे अधिक दूरी तक यात्रा की।

Artemis कार्यक्रम का अगला लक्ष्य

Artemis कार्यक्रम के तहत नासा का उद्देश्य इंसानों को दोबारा चंद्रमा की सतह पर उतारना और वहां दीर्घकालिक मानव उपस्थिति स्थापित करना है। इस कार्यक्रम में यूरोपीय अंतरिक्ष उद्योग, विशेष रूप से एयरबस द्वारा निर्मित यूरोपियन सर्विस मॉड्यूल, नासा के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार तकनीक के रूप में उभरा है।

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