भारत मंडपम में महाराष्ट्र टेक्सटाइल पवेलियन को मिली वैश्विक पहचान

16 July, 2026, 7:57 am

 

नई दिल्ली, 16 जुलाई। भारत मंडपम में आयोजित वैश्विक वस्त्र प्रदर्शनी में महाराष्ट्र के पवेलियन को देश-विदेश के खरीदारों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है। महाराष्ट्र सरकार की नई दिल्ली स्थित निवासी आयुक्त एवं सचिव श्वेता सिंघलने विश्वास जताया कि इस मंच के माध्यम से राज्य के वस्त्र उद्योग और निर्यात को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान और गति मिलेगी।

महाराष्ट्र पवेलियन का निरीक्षण करने के बाद श्वेता सिंघल ने कहा कि राज्य के समृद्ध वस्त्र उद्योग को आकर्षक और प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के पास मजबूत औद्योगिक आधार, कुशल मानव संसाधन और उत्कृष्ट अनुसंधान संस्थान हैं, जिनके बल पर राज्य वस्त्र उद्योग के विकास का नया अध्याय लिख रहा है।

 तकनीकी वस्त्र क्षेत्र को प्राथमिकता

महाराष्ट्र के वस्त्र विभाग की प्रधान सचिव अंशू सिन्हा ने बताया कि राज्य देश के प्रमुख वस्त्र उत्पादन केंद्रों में शामिल है। 'एकीकृत एवं सतत वस्त्र नीति 2023-28' के तहत तकनीकी वस्त्र (Technical Textiles) क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

उन्होंने बताया कि राज्य के प्रत्येक राजस्व मंडल में एक-एक तकनीकी वस्त्र पार्क स्थापित किया जा रहा है, यानी कुल छह टेक्निकल टेक्सटाइल पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र तकनीकी वस्त्र क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए 'महाराष्ट्र टेक्निकल टेक्सटाइल मिशन' शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।

राज्य सरकार इस क्षेत्र में निवेश करने वाले उद्योगों को 55 प्रतिशत तक या अधिकतम 250 करोड़ रुपये*का पूंजीगत अनुदान दे रही है। साथ ही गुणवत्ता और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए सौर ऊर्जा तथा अपशिष्ट जल शोधन (Effluent Treatment) परियोजनाओं को भी विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

महाराष्ट्र के पारंपरिक उत्पादों ने खींचा खरीदारों का ध्यान

महाराष्ट्र पवेलियन में राज्य के विविध वस्त्र एवं हस्तशिल्प उत्पादों का प्रदर्शन किया गया है। इसमें सोलापुर का बुनाई उद्योग, हथकरघा, रेशम उद्योग, पारंपरिक वस्त्र कला, आधुनिक फैशन तथा अमरावती में विकसित हो रहे प्रधानमंत्री मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क की झलक प्रस्तुत की गई है।

विशेष रूप से पैठणी साड़ियां, करवत काठी, हिमरू वस्त्र, खण साड़ियां, सोलापुर की चादरें तथा भौगोलिक संकेत (GI) टैग प्राप्त कोल्हापुरी चप्पलें देश और विदेश से आए खरीदारों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

यह प्रदर्शनी महाराष्ट्र के वस्त्र उद्योग को वैश्विक बाजार से जोड़ने और निर्यात बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है।

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