अंगुल रथ यात्रा उत्सव में शामिल हुए नवीन जिन्दल ,जिन्दल फाउंडेशन ने पुरी में 12वें वार्षिक "अन्न सेवा" कार्यक्रम की शुरुआत की

अंगुल /पुरी (ओडिशा) 16 जुलाई 2026- आस्था, समानता और सामूहिक भक्ति के महापर्व पर आज देवभूमि, जिन्दल नगर, अंगुल में वार्षिक रथ यात्रा के अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। जिन्दल स्टील के चेयरमैन श्री नवीन जिन्दल ने प्रधान सेवक के रूप में इस आध्यात्मिक यात्रा का नेतृत्व किया। उन्होंने रथ खींचने में लोगों के साथ भाग लेकर इस शाश्वत सिद्धांत को रेखांकित किया कि "सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है" और नेतृत्व का वास्तविक अर्थ ही सेवा है।
अपनी माता श्रीमती सावित्री जिंदल और धर्मपत्नी व फाउंडेशन की चेयरपर्सन श्रीमती शालू जिन्दल के साथ श्री नवीन जिंदल ने 'छेरा पहँरा' की पारंपरिक रस्म अदा की जिसके तहत भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान श्री बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों के सामने के मार्ग की पवित्र बुहार( सफाई) की जाती है ।
इस गहरे भावनात्मक और एकजुट करने वाले उत्सव पर विचार साझा करते हुए श्री नवीन जिन्दल ने कहा मैं महाप्रभु जगन्नाथ जी से प्रार्थना करता हूं कि वह सभी को उत्तम स्वास्थ्य , प्रसन्नता और समृद्धि का आशीर्वाद दे । श्रद्धालुओं के साथ पवित्र रथ को खींचना और महाप्रभु का आशीर्वाद प्राप्त करना हम सभी के लिए एक परम सौभाग्य है मैं जिन्दल परिवार की ओर से सभी को सुखद और मंगलमय रथ यात्रा की शुभकामनाएं देता हूं ।
इस आध्यात्मिक भक्ति को सार्थक सेवा में बदलने के उद्देश्य से जिन्दल स्टील की सामाजिक शाखा जिन्दल फाउंडेशन ने लगातार 12वें वर्ष पुरी में अपने प्रतिष्ठित "अन्न सेवा" कार्यक्रम की शुरुआत की है । अन्न सेवा 15 जुलाई से 25 जुलाई 2026 तक 11 दिनों के लिए निर्धारित भक्ति भाव से परिपूर्ण इस सेवा का उद्देश्य पुरी पहुंचने वाले लाखों तीर्थ यात्रियों को ताजा तैयार भोजन वितरित करना है । सभी श्रद्धालुओं तक सम्मान पूर्वक अधिकतम पहुंच सुनिश्चित करने के लिए फाउंडेशन ने श्री गुंडीचा मंदिर बस स्टैंड, पुरी रेलवे स्टेशन , स्क्वायर और स्टेशन रोड के समीप रणनीतिक रूप से तीन समर्पित रसोई वितरण केंद्र स्थापित किए हैं ।यह केंद्र 24 घंटे काम कर रहे हैं जहां सख्त खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता दिशा निर्देशों के तहत पारंपरिक उड़िया व्यंजन जैसे चावल ,दालमा और खट्टा तैयार कर परोसे जा रहे हैं।
10 से अधिक वर्षों से, फाउंडेशन की यह रथ यात्रा सेवा सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक रही है । यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि जब पवित्र यात्रा के लिए पूरी में लाखों लोग एकत्रित हो, तो कोई भी श्रद्धालु भूख ना रहे

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