फेथ कॉन्क्लेव-2026"'पर्यटन नीति 2025' से देश में निवेश का केंद्र बनकर उभरा मध्य प्रदेश

17 July, 2026, 8:48 pm

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विज़नरी नेतृत्व और उद्योग-अनुकूल नीतियों के चलते, मध्यप्रदेश आज पर्यटन उद्योग के लिए देश का सबसे पसंदीदा निवेश केंद्र बनकर उभरा है। नई दिल्ली में आयोजित FAITH कॉन्क्लेव-2026 के दूसरे दिन राज्य ने यह साबित कर दिया कि वह 'विकसित भारत 2047' के तहत देश की $3 ट्रिलियन पर्यटन अर्थव्यवस्था के सपने को पूरा करने में सबसे अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

सत्र के दौरान मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक और पर्यटन सचिव डॉ. इलैयाराजा टी. ने 'पार्टनर स्ट्रेटजी प्रेजेंटेशन' के जरिए राज्य सरकार के नीतिगत सहयोग और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को वैश्विक हितधारकों के सामने रखा।

निवेश अनुकूल वातावरण और अभूतपूर्व उपलब्धियां
डॉ. इलैयाराजा टी. ने राज्य की पर्यटन विकास की ठोस तस्वीर पेश करते हुए प्रमुख उपलब्धियों के आंकड़े साझा किए:
 वर्तमान में प्रदेश में 323 पर्यटन परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।
 मध्य प्रदेश में अब तक 3,801 करोड़ रुपये का कुल निवेश किया जा चुका है।
-आतिथ्य क्षेत्र को मजबूत करते हुए 9,345 नए कमरे (Keys) जोड़े गए हैं।
 इन पहलों के माध्यम से प्रदेश के युवाओं के लिए 37,380 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसरों का सृजन हुआ है।

पर्यटन नीति 2025: निवेशकों के लिए 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' का नया दौर


डॉ. इलैयाराजा टी. ने बताया कि मध्य प्रदेश की 'पर्यटन नीति 2025' को पूरी तरह से निवेशकों की सुगमता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके अंतर्गत नीतिगत सुधार लागू किए गए हैं:
सिंगल विंडो ऑनलाइन पोर्टल: सभी आवश्यक स्वीकृतियों के लिए एक एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल की व्यवस्था की गई है, जिसे लोक सेवा गारंटी अधिनियम (Service Guarantee Act) के दायरे में लाकर समय सीमा में अनुमति सुनिश्चित की गई है।

अनुमतियों (NOCs) का सरलीकरण: नए प्रोजेक्ट्स को स्थापित करने के लिए आवश्यक अनुमतियों और एनओसी (NOCs) की संख्या को 30 से घटाकर मात्र 10 कर दिया गया है, जिससे निवेशकों का बहुमूल्य समय बचेगा।

आकर्षक वित्तीय सहायता (Capital Subsidy): राज्य सरकार द्वारा पर्यटन परियोजनाओं के लिए 15% से 30% तक की कैपिटल सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिसकी अधिकतम सीमा 90 करोड़ रुपये तक है।

कस्टमाइज्ड इंसेंटिव पैकेज: बड़े निवेशों के लिए अधिकृत अधिकार प्राप्त समिति (Empowered Committee) के माध्यम से विशेष कस्टमाइज्ड प्रोत्साहन पैकेज की मंजूरी दी जाती है।

सरकारी भूमि का सीधा आवंटन: 100 करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली 'अल्ट्रा मेगा परियोजनाओं' के लिए आमंत्रण के आधार पर सीधे सरकारी भूमि आवंटित करने का प्रावधान है।

गोल्फ टूरिज्म को बढ़ावा: गोल्फ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आवंटित भूमि के 10% हिस्से को व्यावसायिक उपयोग के लिए उपयोग करने की अनुमति दी गई है।


सत्र को संबोधित करते हुए प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. ने कहा, "मध्य प्रदेश केवल भारत का हृदय ही नहीं है, बल्कि यह देश में पर्यटन निवेश का भी सबसे सुरक्षित और तेजी से बढ़ने वाला केंद्र बन चुका है। हमारी नीतियां पारदर्शी, प्रक्रियाएं सरल और दृष्टिकोण प्रगतिशील है। हम देश और दुनिया के निवेशकों को आमंत्रित करते हैं कि वे आएं और मध्य प्रदेश की इस विकास यात्रा के सहभागी बनें।"

इस सत्र में देश के होटल व्यवसायी, टूर ऑपरेटर्स, नीति निर्माता और पर्यटन जगत के दिग्गज उपस्थित रहे, जिन्होंने मध्य प्रदेश की इस निवेशक-अनुकूल नीति और तीव्र विकास दृष्टिकोण की सराहना की।

लोकप्रिय