भगवंत मान सरकार ने पंजाब को कर्ज की दलदल में धकेला, एक तिमाही में 13,000 करोड़ का नया कर्ज : तरुण चुग

25 July, 2026, 5:10 pm



चंडीगढ़, 25 जुलाई 2026 भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद  तरुण चुग ने भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पंजाब अब कर्ज पर नहीं, कर्ज के ब्याज पर चल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जुलाई से सितंबर के बीच बाजार से 13,000 करोड़ रुपये का नया कर्ज उठाने जा रही है — जुलाई में 5,500 करोड़, अगस्त में 3,500 करोड़ और सितंबर में 4,000 करोड़। इसमें से 3,000 करोड़ जुलाई में उठाए जा चुके हैं और अगले हफ्ते एक और किश्त तय है। चुग ने कहा कि इसका सीधा मतलब है कि मान सरकार हर दिन औसतन 141 करोड़ रुपये का नया कर्ज पंजाब के सिर पर लाद रही है, और यह पैसा किसी नए स्कूल, अस्पताल या सड़क पर नहीं, बल्कि पुराने कर्ज का ब्याज चुकाने पर खर्च हो रहा है।

 चुग ने कहा कि आंकड़े मान सरकार के हर दावे की पोल खोल देते हैं। अप्रैल से सितंबर के बीच ही राज्य की उधारी 18,142 करोड़ रुपये पहुंच जाएगी और इस वित्त वर्ष के अंत तक पंजाब का बकाया कर्ज 4.47 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा। उन्होंने कहा कि देश के सभी राज्य मिलकर इस तिमाही में जो 2.37 लाख करोड़ रुपये बॉन्ड से उठा रहे हैं, उसका करीब 5 प्रतिशत अकेला पंजाब उठा रहा है, जबकि देश की आबादी में पंजाब का हिस्सा ढाई प्रतिशत भी नहीं है। चुग ने कहा कि 2026-27 में सिर्फ ब्याज चुकाने पर 28,755 करोड़ रुपये जाएंगे, यानी सरकार की हर 100 रुपये की कमाई में से 23 रुपये सीधे ब्याज में चले जाएंगे। तीन करोड़ की आबादी के हिसाब से देखें तो आज पंजाब में जन्म लेने वाला हर बच्चा करीब डेढ़ लाख रुपये का कर्जदार पैदा हो रहा है।

चुग ने पावरकॉम के मामले को सबसे गंभीर बताते हुए कहा कि पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड अपने इतिहास में पहली बार 10,000 करोड़ रुपये का कर्ज डेट मार्केट से उठा रहा है, और वह भी पंजाब सरकार की किसी गारंटी के बिना। उन्होंने कहा कि यह पंजाब की वित्तीय साख का सबसे बड़ा प्रमाणपत्र है — जब मान सरकार खुद अपनी ही कंपनी की गारंटी लेने से इनकार कर दे, तो बाजार उस सरकार पर क्या भरोसा करेगा। चुग ने पूछा कि छह महीने पहले जो पावरकॉम PSERC के सामने खुद को मुनाफे वाली और मजबूत कंपनी बता रहा था, वह अचानक 10,000 करोड़ की भीख मांगने बाजार में क्यों पहुंच गया। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ साफ कह रहे हैं कि इतना पैसा जुटाने के लिए पावरकॉम को अपनी जमीन और संपत्तियां तक गिरवी रखनी पड़ सकती हैं — यानी मान सरकार अब पंजाब की जमीन बंधक रखने पर उतर आई है।

चुग ने कहा कि पावरकॉम की यह हालत भगवंत मान सरकार ने खुद बनाई है। सरकार बिजली सब्सिडी समय पर जारी नहीं करती, सरकारी विभाग सालों से बिजली के बिल नहीं भरते, और बिजली खरीद की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि 15,550 करोड़ रुपये की बिजली सब्सिडी और महिलाओं को 1,000 रुपये मासिक की योजना पर सालाना करीब 9,300 करोड़ रुपये का बोझ — यह सब घोषणाओं में तो अच्छा लगता है, लेकिन खजाने में एक रुपया कमाने की कोई योजना 'आप' सरकार के पास नहीं है। चुग ने कहा कि 21 और 22 जुलाई को पंजाब के बिजली कर्मचारियों को सामूहिक छुट्टी लेकर सड़कों पर उतरना पड़ा — यह उसी सरकार का हाल है जो खुद को बिजली क्रांति की सरकार बताती थी।

तरुण चुग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जुलाई को जालंधर में जो कहा था, वह अब सरकारी दस्तावेजों से भी साबित हो गया है — पंजाब के नाम पर कर्ज उठाया जा रहा है और बजट का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में जा रहा है, जबकि सरकार चलाने वाले उस पैसे का मजा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीति आयोग के फिस्कल हेल्थ इंडेक्स में पंजाब का स्कोर देश में सबसे नीचे है और कर्ज-GSDP अनुपात में पंजाब देश का दूसरा सबसे कर्जदार राज्य बन चुका है। चुग ने कहा कि 2017 में पंजाब पर करीब 2.1 लाख करोड़ का कर्ज था, और 'आप' के साढ़े चार साल में ही इसमें करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपये जुड़ गए। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता 2027 में इस हिसाब-किताब का पूरा जवाब मांगेगी, क्योंकि मान सरकार ने विज्ञापनों पर करोड़ों उड़ाए और आने वाली पीढ़ियों के नाम पर कर्ज का पहाड़ खड़ा कर दिया।

 

लोकप्रिय