राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने कार्यकाल के चार वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राष्ट्रपति भवन में कई पहल शुरू कीं

29 July, 2026, 5:48 am

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने कार्यकाल के चार वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मंगलवार को राष्ट्रपति भवन और राष्ट्रपति सम्पदा में कई नई पहलों का शुभारंभ और शिलान्यास किया। इस दौरान आगंतुकों के लिए ई-ऑडियो गाइड, बच्चों के लिए ‘बचपन बाल परिसर’, ‘राही’ इलेक्ट्रिक बस सेवा, ई-उपहार के तीसरे संस्करण और विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की शुरुआत की गई। साथ ही राष्ट्रपति के चार वर्षीय कार्यकाल पर आधारित कई प्रकाशनों का भी लोकार्पण किया गया।

राष्ट्रपति भवन में शुरू हुआ ई-ऑडियो गाइड

राष्ट्रपति भवन का ऐप आधारित ई-ऑडियो गाइड शुरू किया गया, जो हिंदी, अंग्रेज़ी सहित 14 अन्य भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगा। इसमें सांकेतिक भाषा (साइन लैंग्वेज) मॉड्यूल भी शामिल किया गया है, जिससे दिव्यांग आगंतुकों को भी सुविधा मिलेगी।

ई-उपहार के तीसरे संस्करण का शुभारंभ

राष्ट्रपति को प्राप्त 300 चयनित उपहारों को सार्वजनिक नीलामी के लिए ई-उपहार के तीसरे संस्करण में शामिल किया गया है। यह नीलामी 5 अगस्त से 5 सितंबर 2026 तक आयोजित होगी।

बच्चों के लिए ‘बचपन बाल परिसर’

राष्ट्रपति सम्पदा में बच्चों के लिए ‘बचपन बाल परिसर’ का उद्घाटन किया गया। इसमें प्ले जोन, ‘किलकारी’ और ‘समर्थ आंगनवाड़ी-सह-पालना’ जैसी सुविधाएं शामिल हैं, जिनका उद्देश्य बच्चों के समग्र विकास के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना है।

‘राही’ इलेक्ट्रिक बस सेवा की शुरुआत

राष्ट्रपति भवन एक्सेस एंड हेरिटेज इंटरकनेक्टर (RAAHI) के तहत निःशुल्क इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू की गई। महिला चालकों और परिचालकों द्वारा संचालित यह सेवा राष्ट्रपति भवन के कर्मचारियों और राष्ट्रपति सम्पदा के निवासियों के लिए उपलब्ध होगी तथा महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन को बढ़ावा देगी।

नेट जीरो ऊर्जा और आवासीय परियोजनाएं

राष्ट्रपति ने नेट जीरो एनर्जी कार्यनीति के तहत सर्विस ब्लॉक की आधारशिला रखी। साथ ही राष्ट्रपति निकेतन (देहरादून) और राष्ट्रपति निलयम (सिकंदराबाद) में नई आवासीय सुविधाओं का उद्घाटन किया तथा राष्ट्रपति सम्पदा में स्टाफ क्वार्टरों के पुनर्विकास की आधारशिला भी रखी।

राष्ट्रपति ने गिनाईं चार वर्षों की प्रमुख पहलें

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि उनका प्रयास रहा है कि राष्ट्रपति भवन भारत की समृद्ध परंपराओं, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय आदर्शों का जीवंत प्रतीक बना रहे। उन्होंने चक्रवर्ती राजगोपालाचारी की प्रतिमा का अनावरण, परम वीर दीर्घा, ग्रंथ कुटीर, स्टेट रूम्स के भारतीयकरण और राजकीय समारोहों में भारतीय कला एवं परंपराओं को बढ़ावा देने जैसी पहलों का उल्लेख किया।

राष्ट्रपति के कार्यकाल पर आधारित पुस्तकों का लोकार्पण

राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक अन्य समारोह में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने राष्ट्रपति मुर्मु के चार वर्षीय कार्यकाल पर आधारित पांच प्रकाशनों का लोकार्पण किया। इनमें ‘राष्ट्रपति भवन : राष्ट्र का भवन’, ‘सेवा और संवेदना’, ‘समावेशी सहभागिता’, ‘भारतीयता का उत्सव’ और ओड़िया भाषा में ‘अमा राष्ट्रपति – अमा गौरव’ शामिल हैं।

लोकतंत्र और विरासत से जोड़ने वाली पुस्तकें

राष्ट्रपति ने कहा कि इन पुस्तकों के शीर्षक समावेशी लोकतंत्र में भारत की आस्था को दर्शाते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि ये प्रकाशन राष्ट्रपति भवन की परंपराओं, कार्यप्रणाली और राष्ट्रीय विरासत से लोगों को परिचित कराते हुए उन्हें देश की प्रगति में योगदान देने के लिए प्रेरित करेंगे।

कर्तव्यभाव से निभाई जिम्मेदारी

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि 25 जुलाई 2022 को पदभार ग्रहण करना उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ा दायित्व भी था। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में उन्होंने इसी कर्तव्यभाव से कार्य किया है। उन्होंने युवाओं से नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ने, महिलाओं से आत्मनिर्भर बनने और जनजातीय समुदायों से अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का आह्वान किया।

उपराष्ट्रपति ने राष्ट्रपति की सराहना की

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पिछले चार वर्षों में अपनी शालीनता, विनम्रता और संविधान के प्रति प्रतिबद्धता से सर्वोच्च संवैधानिक पद की गरिमा बढ़ाई है। उन्होंने राष्ट्रपति भवन को अधिक जनोन्मुख और दिव्यांगजन-अनुकूल बनाने, अमृत उद्यान, राष्ट्रपति निकेतन और राष्ट्रपति तपोवन को आम जनता के लिए खोलने तथा संविधान के संथाली (ओल चिकी) संस्करण जैसी पहलों की सराहना की।

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