बर्लिन की टेक्नो परेड में प्राइड हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि

By Marion Van Der Kraats and Stefan Kruse DPA
बर्लिन, 16 अगस्त: जर्मनी की राजधानी बर्लिन में शनिवार को आयोजित रेव द प्लैनेट परेड 2026’ की शुरुआत प्राइड परेड के दौरान हुए इस्लामिक हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। परेड में शामिल हजारों लोगों ने एक मिनट का मौन रखकर मृतक महिला और हमले में घायल हुए लोगों को याद किया।
टेक्नो परेड दोपहर 1:50 बजे ब्रांडेनबर्ग गेट और विक्टरी कॉलम के बीच टियरगार्टन पार्क से शुरू हुई। यह वही इलाका है, जहां 25 जुलाई को प्राइड परेड के किनारे एक कथित इस्लामिक हमलावर ने वैन से भीड़ को टक्कर मारने के बाद कथित तौर पर चाकू से हमला किया था। घटना में एक महिला की मौत हो गई थी और कम से कम 31 लोग घायल हुए थे।
परेड की शुरुआत में ‘रेव द प्लैनेट’ चैरिटी के सह-संस्थापक डॉ. मोटे ने लोगों से अपने मन में प्रेम बनाए रखने की अपील की। बर्लिन प्राइड संगठन के प्रतिनिधि ने कहा कि अब पहले से कहीं ज्यादा साहस दिखाने और मजबूती से खड़े होने की जरूरत है।
कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजन
प्राइड हमले के बाद बर्लिन के मध्य हिस्से में यह पहला बड़ा सार्वजनिक आयोजन है। आयोजकों को परेड में करीब 3 लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद थी। इस साल परेड की थीम ‘इमैजिन लव’ रखी गई।
सुरक्षा के लिए करीब 1,500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। हेलीकॉप्टर और ड्रोन के जरिए भी निगरानी की गई। आसपास की कई सड़कों और रास्तों को बंद कर दिया गया, जबकि कुछ स्थानों पर सुरक्षा अवरोध लगाए गए। नजदीकी कुछ मेट्रो स्टेशन भी बंद रहे।
बर्लिन पुलिस को ब्रांडेनबर्ग और सैक्सोनी-आनहाल्ट राज्यों की पुलिस से भी सहायता मिली। बर्लिन पुलिस प्रमुख बारबरा स्लोविक मीजेल ने कहा कि पुलिस कार्यक्रम को उच्च स्तर की सुरक्षा देने के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी बड़े खुले पार्क में हर रास्ते और हर बैरियर पर सुरक्षा बल तैनात करना संभव नहीं है और *पूर्ण सुरक्षा’ की गारंटी नहीं दी जा सकती।
30 डिग्री से ऊपर तापमान भी चुनौती
परेड के दौरान 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान ने भी आयोजकों और पुलिस के सामने चुनौती खड़ी की। लोगों को राहत देने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार करने वाली गाड़ी तैनात की, जबकि आयोजकों ने परेड मार्ग पर मुफ्त पेयजल उपलब्ध कराया।
इसी बीच ‘फकपरेड’ नाम से एक अलग विरोध प्रदर्शन भी आयोजित किया गया। यह आयोजन टेक्नो संस्कृति के व्यावसायीकरण और वैकल्पिक उपसंस्कृतियों के विस्थापन के विरोध में किया गया, जिसमें करीब 1,200 प्रतिभागियों*के पंजीकरण की जानकारी पुलिस ने दी।




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