ट्रेनों की सुरक्षा के लिए रेलवे ने 19,700 किमी ट्रैक पर लगाई सुरक्षा बाड़, पत्थरबाजी रोकने के लिए अभियान तेज

12 August, 2026, 9:25 pm

नई दिल्ली, 12 अगस्त 2026, (पीआईबी) भारतीय रेलवे ने रेल संचालन की सुरक्षा और रेलवे संपत्ति की रक्षा के लिए अब तक रेलवे ट्रैक के किनारे करीब 19,700 किलोमीटर हिस्से में सुरक्षा बाड़ लगाई है। अनधिकृत प्रवेश रोकने के साथ-साथ संवेदनशील क्षेत्रों में ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम, निगरानी और सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय को भी मजबूत किया गया है। रेल मंत्री, सूचना एवं प्रसारण मंत्री तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

भारतीय रेलवे यात्रियों के जीवन की सुरक्षा और रेलवे संपत्ति को नुकसान से बचाने के लिए पत्थरबाजी करने वालों के खिलाफ कानून के संबंधित प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई करता है। प्रभावित क्षेत्रों और चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर शराबियों, उपद्रवी तत्वों तथा अन्य असामाजिक तत्वों के खिलाफ नियमित अभियान चलाए जाते हैं। अभियान के दौरान पकड़े गए लोगों पर लागू कानूनी प्रावधानों के तहत मुकदमा चलाया जाता है।

रेलवे ने ट्रेनों के साथ चलने वाले दल को उन संवेदनशील क्षेत्रों और स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने के लिए जागरूक किया है, जहां ट्रेनों पर पत्थरबाजी या तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आती हैं। इन क्षेत्रों की पहचान कर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और संभावित घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाते हैं।

रेलवे ट्रैक के आसपास स्थित आबादी वाले क्षेत्रों में लोगों को पत्थरबाजी के खतरे और इसके गंभीर परिणामों के प्रति जागरूक करने के लिए ऑपरेशन साथी सहित विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं। इन अभियानों के जरिए लोगों को समझाया जाता है कि चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकना यात्रियों के जीवन के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है और यह कानूनन अपराध है।

चलती ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए रेलवे ने आवश्यक कदमों के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सामने आने वाली घटनाओं का विश्लेषण किया जाता है और उनके आधार पर संबंधित क्षेत्रों में रोकथाम के लिए ठोस कार्रवाई की जाती है। संवेदनशील स्थानों की निगरानी और सुरक्षा उपायों की समीक्षा भी की जाती है।

ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) और स्थानीय पुलिस के साथ नियमित समन्वय किया जाता है। सुरक्षा एजेंसियों के बीच महत्वपूर्ण सूचनाएं साझा की जाती हैं, ताकि घटनाओं की रोकथाम के साथ दोषियों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था की नियमित निगरानी और समीक्षा के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राज्य स्तरीय रेलवे सुरक्षा समिति (एसएलएससीआर) का गठन किया गया है। इन समितियों की अध्यक्षता संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अथवा पुलिस आयुक्त करते हैं। समितियों के माध्यम से रेलवे सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा और संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाता है।

 

 

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