MPD 2047 में 351 Mixed Land Use सड़कों के नियमितीकरण का स्पष्ट प्रावधान हो: दिल्ली व्यापार महासंघ

20 August, 2026, 3:32 pm

 

नई दिल्ली। दिल्ली की 351 सड़कों पर Mixed Land Use के नियमितीकरण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। दिल्ली व्यापार महासंघ ने प्रस्तावित Master Plan Delhi (MPD) 2047 में इन सड़कों के नियमितीकरण का स्पष्ट और ठोस प्रावधान शामिल किए जाने की मांग की है। महासंघ ने कहा है कि वर्षों से लंबित इस विषय को अस्पष्ट छोड़ना दिल्ली के व्यापारिक समुदाय के हित में नहीं होगा।

महासंघ के अनुसार, Master Plan Delhi 2021 में दिल्ली की 351 सड़कों को Mixed Land Use के तहत रखा गया था। इसके अलावा, भारतीय जनता पार्टी ने अपने चुनावी घोषणापत्र में सत्ता में आने पर इन सड़कों को नियमित करने का आश्वासन दिया था। Draft Master Plan Delhi 2041 में भी इस मुद्दे का उल्लेख होने से व्यापारियों को इसके स्थायी समाधान की उम्मीद जगी थी।

हालांकि, महासंघ का कहना है कि MPD 2047 के प्रस्तावित स्वरूप में 351 Mixed Land Use सड़कों के नियमितीकरण का स्पष्ट उल्लेख नहीं होने से व्यापारिक समुदाय में चिंता पैदा हुई है। संगठन का तर्क है कि वर्षों से स्थापित व्यापारिक गतिविधियों और लाखों लोगों की आजीविका से जुड़े इस विषय को दिल्ली के भविष्य की मास्टर प्लानिंग में स्पष्ट स्थान मिलना चाहिए।

महासंघ ने कहा कि दिल्ली के व्यापारियों को पिछले वर्षों में सीलिंग, कन्वर्जन चार्ज, भूमि उपयोग, भवन नियम, पार्किंग और विभिन्न विभागों की कार्रवाई जैसी कई व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ा है। ऐसे में स्थापित व्यापारिक गतिविधियों को स्पष्ट नीतिगत संरक्षण नहीं मिलने पर व्यापारियों के बीच असुरक्षा और अनिश्चितता बनी रहेगी।

संगठन के मुताबिक, Master Plan केवल दिल्ली के भौतिक विकास का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह शहर की आर्थिक गतिविधियों, रोजगार, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका को दिशा देने वाला महत्वपूर्ण नीतिगत दस्तावेज भी है। इसलिए MPD 2047 तैयार करते समय दिल्ली की जमीनी वास्तविकताओं और वर्षों से संचालित व्यापारिक गतिविधियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

दिल्ली व्यापार महासंघ ने मांग की है कि 351 Mixed Land Use सड़कों के नियमितीकरण को लेकर पूर्व में दिए गए आश्वासन और Draft MPD 2041 में किए गए प्रावधान को ध्यान में रखते हुए MPD 2047 में स्पष्ट प्रावधान किया जाए। महासंघ ने इस मुद्दे पर व्यापारिक संगठनों और अन्य संबंधित हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श कर समयबद्ध समाधान तैयार करने की भी मांग की है।

महासंघ के चेयरमैन रमेश खन्ना, अध्यक्ष देवराज बवेजा और वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेन्द्र कपूर ने कहा कि 2047 की विकसित दिल्ली का लक्ष्य तभी सार्थक होगा, जब आधुनिक शहरी विकास के साथ स्थापित बाजारों, व्यापारिक गतिविधियों, रोजगार और व्यापारियों के हितों को भी सुरक्षित रखा जाए।

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