विज्ञान पत्रकारिता विज्ञान और समाज के बीच मजबूत सेतु: विशेषज्ञ

जालंधर:, 25 अगस्त 2026। पुष्पा गुजराल साइंस सिटी की ओर से पत्रकारिता एवं जनसंचार के विद्यार्थियों में विज्ञान पत्रकारिता से जुड़े कौशल को विकसित करने के उद्देश्य से “आधुनिक विज्ञान की नैतिकता, प्रभाव और पत्रकारिता” विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पंजाब के विभिन्न कॉलेजों से पत्रकारिता एवं जनसंचार के 150 से अधिक विद्यार्थियों और शिक्षकों ने हिस्सा लिया।
सेमिनार को संबोधित करते हुए पुष्पा गुजराल साइंस सिटी के निदेशक डॉ. राजेश ग्रोवर ने विज्ञान पत्रकारिता को मजबूत और प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विज्ञान को आम लोगों तक पहुंचाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। विज्ञान पत्रकार एक तरह से अनुवादक की भूमिका निभाता है, जो जटिल वैज्ञानिक जानकारियों को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाता है और फर्जी खबरों तथा गलत सूचनाओं से निपटने में मदद करता है।
डॉ. ग्रोवर ने कहा कि विज्ञान की नई खोजों और उपलब्धियों को स्थानीय भाषाओं में आम लोगों तक पहुंचाना भी विज्ञान पत्रकारों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों की रिपोर्टिंग में केवल भय पैदा करने वाली खबरों के बजाय सकारात्मक दृष्टिकोण, वैज्ञानिक तथ्यों और वास्तविक समाधानों को प्रमुखता देने की अपील की। उन्होंने युवा पत्रकारों से समाज में तार्किक और वैज्ञानिक सोच विकसित करने में योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ के स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन स्टडीज की चेयरपर्सन डॉ. अर्चना आर. सिंह मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा कि पत्रकार केवल तथ्यों को एकत्र करने तक सीमित नहीं होता, बल्कि उन्हें एक प्रभावी स्वरूप देकर समाज के सामने प्रस्तुत करता है। विज्ञान पत्रकारिता लोगों को स्वास्थ्य, पर्यावरण और प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण विषयों को समझने तथा सही निर्णय लेने में मदद करती है।
डॉ. सिंह ने वैज्ञानिक आंकड़ों को समझने, विश्वसनीय स्रोतों की पहचान करने और तथ्यों की पुष्टि करने को विज्ञान पत्रकारिता की बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान कोवैक्सिन और कोविशील्ड जैसे टीकों को लेकर लोगों में फैले भ्रम और गलतफहमियों को दूर करने में मीडिया की भूमिका का भी उल्लेख किया।
इस अवसर पर न्यूज़18 पंजाब, हरियाणा और हिमाचल के संपादक गौरव शुक्ला ने युवा पत्रकारों के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को पत्रकारिता की बारीकियों से अवगत कराया और विज्ञान के प्रति मजबूत समझ विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
पराली और प्रदूषण पर रेडियो फीचर प्रतियोगिता
कार्यक्रम के दौरान “पराली जलाने से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव”विषय पर रेडियो फीचर प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। प्रतियोगिता में दोआबा कॉलेज, जालंधर की भूमिका ने प्रथम स्थान हासिल किया। आई.के.जी. पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी की मनदीप कौर जोहल दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि जी.एन.ए. यूनिवर्सिटी, फगवाड़ा की अर्शदीप कौर ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। ए.पी.जे. कॉलेज, जालंधर की सृष्टि को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
सेमिनार में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि *सटीक, सरल और वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित पत्रकारिता न केवल लोगों को सही जानकारी देती है, बल्कि समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।*








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