जर्मनी की राजनीति में मर्ज़ पर संकट के संकेत, सर्वे में बहुमत ने जताई समय से पहले विदाई की आशंका

23 August, 2026, 11:07 pm

 

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ को लेकर एक नए YouGov सर्वे ने उनकी सरकार और पार्टी नेतृत्व के सामने बढ़ती राजनीतिक चुनौती के संकेत दिए हैं। सर्वे के मुताबिक, अधिकांश जर्मन नागरिकों को उम्मीद है कि 2029 के निर्धारित संघीय चुनाव से पहले मर्ज़ को चांसलर पद से हटा दिया जाएगा।

सर्वे में 36 प्रतिशत लोगों ने कहा कि मर्ज़ अगला चुनाव होने से पहले ही चांसलर पद छोड़ देंगे, जबकि 18 प्रतिशत का मानना है कि इसी साल उनका स्थान बदल सकता है। इसके विपरीत, 29 प्रतिशत लोगों को लगता है कि मर्ज़ 2029 के चुनाव तक पद पर बने रहेंगे। वहीं 17 प्रतिशत लोगों ने कोई जवाब नहीं दिया।

मर्ज़ से बेहतर विकल्प कौन?

जब लोगों से पूछा गया कि चांसलर पद के लिए कौन अधिक उपयुक्त है, तो केवल 9 प्रतिशत ने मर्ज़ के पक्ष में राय दी। उनकी पार्टी CDU के नेता और नॉर्थ राइन-वेस्टफेलिया के मुख्यमंत्री हेंड्रिक वुस्त को 25 प्रतिशत लोगों ने अधिक उपयुक्त माना। हालांकि, 66 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे इस बारे में कुछ नहीं जानते या किसी नाम को चुन नहीं सकते।

पार्टी में भी कमजोर हुई पकड़

सर्वे का सबसे महत्वपूर्ण संकेत मर्ज़ की पार्टी के भीतर घटती पकड़ को लेकर है। जुलाई में मर्ज़ ने अपनी सरकार और क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (CDU) के संगठन में कई बदलाव किए थे। इसके बावजूद 36 प्रतिशत लोगों का मानना है कि इन फेरबदल के बाद मर्ज़ ने पार्टी में काफी अधिकार खोया है, जबकि 31 प्रतिशत ने माना कि उनका कुछ प्रभाव कम हुआ है।

इसके विपरीत, केवल 1 प्रतिशत लोगों ने माना कि मर्ज़ ने पार्टी में काफी प्रभाव हासिल किया है और 5 प्रतिशत ने माना कि उनका प्रभाव कुछ बढ़ा है।

सितंबर के चुनाव बढ़ाएंगे दबाव

YouGov का यह सर्वे 14 से 17 अगस्त के बीच जर्मनी में 2,190 वयस्कों के बीच किया गया। सर्वे ऐसे समय सामने आया है जब मर्ज़ सरकार को जनमत सर्वेक्षणों में दबाव का सामना करना पड़ रहा है।

सितंबर में होने वाले तीन महत्वपूर्ण राज्य चुनाव मर्ज़ के लिए बड़ी राजनीतिक परीक्षा माने जा रहे हैं। इन चुनावों में दक्षिणपंथी और धुर-दक्षिणपंथी AfD (Alternative für Deutschland) के मजबूत प्रदर्शन की संभावना जताई जा रही है।

ऐसे में सर्वे के आंकड़े केवल मर्ज़ की व्यक्तिगत लोकप्रियता में गिरावट नहीं, बल्कि CDU के भीतर नेतृत्व और सरकार की राजनीतिक स्थिरता को लेकर बढ़ती बेचैनी का संकेत भी माने जा सकते हैं। यदि सितंबर के चुनावों में AfD को बड़ा लाभ मिलता है, तो मर्ज़ के नेतृत्व पर पार्टी के भीतर दबाव और बढ़ सकता है।

इनपुट -डीपीए

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