सोलन में शुरू हुई हिमाचल प्रदेश की दूसरी साइबर-फिजिकल सिस्टम्स (सीपीएस) लैब

सोलन, 20 अक्टूबर: शूलिनी विश्वविद्यालय के 16वें स्थापना दिवस के अवसर पर, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रोपड़ ने अपना 18वां साइबर-फिजिकल सिस्टम्स (सीपीएस) लैब उद्घाटित किया, जो राष्ट्रीय मिशन ऑन इंटरडिसिप्लिनरी साइबर-फिजिकल सिस्टम्स (एनएम-आईसीपीएस), विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा समर्थित है। यह लैब हिमाचल प्रदेश में स्थापित दूसरी सीपीएस लैब है, जो राज्य की शिक्षा और नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। शांत पहाड़ियों के बीच स्थित यह लैब तकनीकी उत्कृष्टता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि प्रो. प्रेम कुमार खोसला (चांसलर, शूलिनी विश्वविद्यालय) उपस्थित रहे। इसके अलावा प्रो. रणबीर चंदर सोबती (कुलपति, पंजाब विश्वविद्यालय), श्रीमती सरोज खोसला (संस्थापक, अध्यक्ष एवं ट्रस्टी, एफएलएसबीएम), डॉ. राधिका त्रिखा (मुख्य कार्यकारी अधिकारी, आईआईटी रोपड़–टीआईएफ ऑवध), और डॉ. मुकेश सी. केस्टवाल (मुख्य नवाचार अधिकारी, आईआईटी रोपड़–टीएफ ऑवध) भी मौजूद थे।
परियोजना प्रबंधक श्री देशराज धीमान और तकनीकी टीम ने लैब का दौरा कराया, जिसमें 50 से अधिक प्रतिभागियों ने अत्याधुनिक संसाधनों को देखा। यह लैब शिक्षा, अनुसंधान, प्रोटोटाइपिंग, परीक्षण और सहयोग के लिए एक समग्र मंच के रूप में कार्य करेगी।
लैब में प्रमुख सुविधाएँ में शामिल हैं: आईआईटी रोपड़ द्वारा विकसित आईओटी किट्स, बीएलई विकास उपकरण, पर्यावरणीय सेंसर, और 3डी प्रिंटर। तकनीकी टीम ने पहले प्रशिक्षण सत्र में 35 छात्रों और शिक्षकों को सीपीएस टूलकिट्स और प्रयोग आधारित सीखने से परिचित कराया।









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