जर्मनी में बेरोजगारी बढ़ी, अगस्त में 30.61 लाख पहुंची; रोजगार बाजार में सुस्ती बरकरार

28 August, 2026, 10:06 pm

 

बर्लिन, 28 अगस्त 2026। जर्मनी के श्रम बाजार में अगस्त महीने में बेरोजगारी बढ़ी है। जर्मनी की Federal Employment Agency  के अनुसार अगस्त में बेरोजगार लोगों की संख्या जुलाई की तुलना में 54,000 बढ़कर 30.61 लाख हो गई। पिछले वर्ष अगस्त की तुलना में भी बेरोजगारों की संख्या 36,000 अधिक है।

इसके साथ ही जर्मनी की बेरोजगारी दर 0.1 प्रतिशत अंक बढ़कर 6.5 प्रतिशत हो गई। एजेंसी ने कहा कि श्रम बाजार में सामान्य मौसमी प्रभावों से आगे बहुत कम गतिशीलता दिखाई दे रही है और पिछले कुछ महीनों से जारी सुस्ती का रुख बरकरार है।

 नए रोजगार के अवसर सीमित

Federal Employment Agency के मुताबिक कंपनियों की ओर से कर्मचारियों की मांग अभी भी कमजोर बनी हुई है। अगस्त में एजेंसी के पास 6.56 लाख रिक्तियां दर्ज हुईं। हालांकि यह संख्या जुलाई से 3,000 अधिक और पिछले साल अगस्त की तुलना में 25,000 ज्यादा है।

सामाजिक बीमा योगदान वाले रोजगार में भी सुधार के संकेत कमजोर हैं। मई से जून के बीच ऐसे रोजगारों की संख्या मौसमी समायोजन के आधार पर करीब 1,000 बढ़ने का अनुमान है, लेकिन पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले इसमें 73,000 की कमी रही।

आर्थिक मुश्किलों का असर

जर्मनी में कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को अस्थायी रूप से काम से हटाने वाली शॉर्ट-टाइम वर्किंग व्यवस्था भी अपेक्षाकृत ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। यह व्यवस्था आर्थिक संकट से जूझ रही कंपनियों को कर्मचारियों की नौकरियां बनाए रखने में मदद करती है।

अगस्त में अनुमान के मुताबिक 11.33 लाख लोगों को बेरोजगारी लाभ मिला, जो एक साल पहले की तुलना में 1.09 लाख अधिक है। विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे जर्मनी की मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों के साथ-साथ अर्थव्यवस्था में हो रहा संरचनात्मक बदलाव भी प्रमुख कारण है।

 शरणार्थियों के रोजगार में बढ़ोतरी का असर

दूसरी ओर, कामकाजी उम्र के उन लोगों की संख्या जो बेरोजगारी संबंधी कल्याण भुगतान के पात्र हैं, पिछले वर्ष की तुलना में 1.16 लाख घटकर 37.54 लाख रह गई। Federal Employment Agency के मुताबिक इसमें शरणार्थियों के सफलतापूर्वक श्रम बाजार में शामिल होने का भी योगदान है।

हालांकि एजेंसी ने स्पष्ट किया कि इस श्रेणी में शामिल सभी लोग बेरोजगार नहीं हैं। कुछ लोग अपनी आय को न्यूनतम जीवन-यापन स्तर तक पहुंचाने के लिए सरकारी सहायता का इस्तेमाल करते हैं।

विश्लेषण: जर्मनी में बेरोजगारी का बढ़ना और सामाजिक बीमा वाले रोजगारों में सालाना गिरावट यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के सामने मौजूद आर्थिक चुनौतियों को दर्शाती है। रिक्तियों की संख्या में मामूली बढ़ोतरी के बावजूद रोजगार बाजार में अपेक्षित तेजी नहीं आना संकेत देता है कि कंपनियां फिलहाल नए कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर सतर्क हैं। इनपुट (डीपीए)

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