जर्मनी, फ्रांस और पोलैंड ने वीमर में दिखाई एकजुटता, रूस के खिलाफ बढ़ा दबाव

जॉर्ग ब्लैंक, डीपीए (DPA)
वीमर, 3 सितंबर 2026। रूस के साथ बढ़ते तनाव और यूरोप में कथित हाइब्रिड हमलों के बीच जर्मनी, फ्रांस और पोलैंड ने गुरुवार को वीमर में अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। तीनों देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक ऐसे समय हुई है जब जर्मनी ने लीपज़िग एयरपोर्ट के पास विस्फोटकों से लदे ड्रोन की घटना के पीछे रूस का हाथ होने का औपचारिक आरोप लगाया है। रूस ने इस आरोप से इनकार किया है।
वीमर ट्रायंगल के तहत हुई बैठक में जर्मन विदेश मंत्री योहान वाडेफुल , फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां-नोएल बैरोट और पोलैंड के विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की शामिल हुए। वाडेफुल ने कहा कि यूरोप में स्थायी शांति का रास्ता यूक्रेन को दृढ़ समर्थन और मॉस्को पर लगातार दबाव से होकर गुजरता है।
रूस पर बढ़ता कूटनीतिक दबाव
लीपज़िग में 4 अगस्त को हुई ड्रोन घटना के बाद जर्मनी ने इस सप्ताह बॉन स्थित रूसी वाणिज्य दूतावास और बर्लिन स्थित रूसी हाउस सांस्कृतिक केंद्र को बंद करने की घोषणा की। पोलैंड और फ्रांस ने भी घटना के विरोध में रूसी राजनयिक प्रतिनिधियों को तलब किया है।पोलिश विदेश मंत्री सिकोरस्की ने कहा कि वारसॉ रूस को लेकर जर्मनी के फैसलों का समर्थन करता है। उन्होंने ‘हाइब्रिड युद्ध’ शब्द की जगह इसे आक्रमण की उस रणनीति के रूप में समझाया जो प्रत्यक्ष सैन्य हमला किए बिना दबाव और नुकसान पहुंचाने का प्रयास करती है।
फ्रांस के विदेश मंत्री बैरोट ने कहा कि यूरोप के बीचोंबीच परिवहन ढांचे को निशाना बनाया जाना गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि फ्रांस, जर्मनी और पोलैंड संप्रभु, सुरक्षित और समृद्ध यूरोप के लिए पहले से कहीं अधिक दृढ़ता के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं।
वीमर ट्रायंगल की स्थापना 1991 में जर्मनी, फ्रांस और पोलैंड के बीच संवाद और सहयोग के मंच के रूप में हुई थी। मौजूदा घटनाक्रम में यह मंच रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच यूरोपीय रणनीतिक एकजुटता का महत्वपूर्ण संकेत बनता दिखाई दे रहा है।

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