नूंह में CAQM का शिकंजा: 35 औद्योगिक इकाइयों की जांच, 17 में नियमों का उल्लंघन

4 September, 2026, 10:19 pm

 

नई दिल्ली, 4 सितंबर। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में औद्योगिक प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने हरियाणा के नूंह जिले में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। 3 सितंबर को हुई कार्रवाई में 35 औद्योगिक इकाइयों और परिसरों की जांच की गई, जिनमें 17 पर्यावरणीय मानकों का पालन करती नहीं मिलीं। 11 इकाइयां नियमों के अनुरूप पाई गईं, जबकि 7 बंद या गैर-संचालित थीं।

अभियान में CAQM की आठ जांच टीमें हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रशासन के अधिकारियों के साथ मैदान में उतरीं। जांच का उद्देश्य पर्यावरणीय नियमों और संचालन की सहमति (CTO) की शर्तों के वास्तविक पालन की स्थिति देखना था।

 प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों में मिली खामियां

जांच में कुछ इकाइयों में वेट स्क्रबर खराब या अपर्याप्त रूप से संचालित मिले। कहीं पानी का प्रवाह कम था तो कहीं रिसाव की समस्या थी। कुछ स्थानों पर विद्युत स्थैतिक अवक्षेपक (ESP)  भी बंद या खराब स्थिति में मिले।

बॉयलर और तापीय द्रव तापकों की कुछ चिमनियां निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थीं और उनकी ऊंचाई भी अपर्याप्त पाई गई।

उड़ती धूल और अनधिकृत ईंधन भी चिंता का कारण

कई परिसरों में कन्वेयर बेल्ट ढके नहीं थे और पानी के छिड़काव की व्यवस्था अपर्याप्त मिली। सीमा पर धूल रोकने वाले अवरोधक भी पर्याप्त नहीं थे, जबकि कुछ आंतरिक सड़कें कच्ची थीं।

निरीक्षण में मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए डीजल जनरेटर, औद्योगिक कार्यों में लकड़ी जलाने और कुछ बॉयलर व तापीय द्रव तापकों में अनुमोदित नहीं किए गए तरल ईंधन के इस्तेमाल के मामले भी सामने आए।

 उत्सर्जन निगरानी और CTO का भी उल्लंघन

कुछ इकाइयों में आवश्यक निरंतर ऑनलाइन उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (OCEMS) स्थापित नहीं थी। कई जगह चिमनी उत्सर्जन की रिपोर्ट पुरानी थी या निर्धारित रिपोर्ट जमा नहीं की गई थी।

इसके अलावा कुछ परिसरों में ऐसे बॉयलर, तापीय द्रव तापक और मशीनरी संचालित मिलीं, जो संबंधित CTO के दायरे में शामिल नहीं थीं। कुछ औद्योगिक शेडों में घना धुआं भी देखा गया।

CAQM का सख्त संदेश

CAQM ने कहा है कि NCR की सभी औद्योगिक इकाइयों को प्रभावी प्रदूषण नियंत्रण उपकरण बनाए रखने, धूल नियंत्रण के पर्याप्त उपाय करने, केवल स्वीकृत ईंधन का इस्तेमाल करने, मानकों के अनुरूप डीजल जनरेटर चलाने और आवश्यक उत्सर्जन निगरानी प्रणाली संचालित करने के साथ CTO की शर्तों का पालन करना होगा।

आयोग ने स्पष्ट किया कि कागजी अनुपालन के बजाय जमीनी स्थिति की जांच पर जोर रहेगा। NCR में ऐसे सघन औद्योगिक निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेंगे और उल्लंघन मिलने पर संबंधित एजेंसियों के माध्यम से आवश्यक सुधारात्मक एवं प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी।

इनपुट- पीआईबी

लोकप्रिय