पंजाब में ‘खेड़ां वतन पंजाब दियां-2026’ का आगाज

5 September, 2026, 10:41 pm

 

बठिंडा, 5 सितंबर 2026।पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को बठिंडा के शहीद भगत सिंह स्टेडियम में राज्य के प्रमुख खेल आयोजन ‘खेड़ां वतन पंजाब दियां-2026’के चौथे संस्करण का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पंजाब की खेल प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार लगातार बुनियादी ढांचे और प्रशिक्षण सुविधाओं का विस्तार कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि 2036 के ओलंपिक में पंजाब के खिलाड़ी भारत के लिए 10 से अधिक पदक जीतेंगे।

इस वर्ष प्रतियोगिता में करीब 10 लाख खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। 14 वर्ष से लेकर 70 वर्ष से अधिक आयु के खिलाड़ियों के लिए कुल **39 खेल विधाएं रखी गई हैं, जिनमें चार पैरा-स्पोर्ट्स भी शामिल हैं। प्रतियोगिताओं का समापन 29 नवंबर को पटियाला में होगा। इस बार खिलाड़ियों के लिए कुल 12.50 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि रखी गई है। पहली बार वेटरन खिलाड़ियों को भी नकद पुरस्कार दिए जाएंगे।

 स्वर्ण पदक विजेता को 10 हजार, रजत को 7 हजार

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक विजेता को 10,000 रुपये, रजत पदक विजेता को 7,000 रुपये और कांस्य पदक विजेता को 5,000 रुपये दिए जाएंगे। 40 वर्ष तक की उम्र के पदक विजेता खिलाड़ियों को ग्रेडिंग प्रमाणपत्र भी दिए जाएंगे, जिससे उन्हें सरकारी नौकरियों में खेल कोटे का लाभ मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘खेड़ां वतन पंजाब दियां’ अब केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवाओं को खेलों से जोड़ने वाला जन आंदोलन बन चुका है। इसके जरिए गांवों और शहरों में छिपी प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जा रहा है।

 पंजाब के खिलाड़ियों को 50-50 लाख रुपये

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 की रजत पदक विजेता हरजिंदर कौर और लवप्रीत सिंह को 50-50 लाख रुपये देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धियों को सम्मान देने के साथ उन्हें प्रशिक्षण और तैयारी के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रही है।

3,148 गांवों में बन रहे ग्रामीण खेल मैदान

खेलों के लिए राज्य में बड़े स्तर पर बुनियादी ढांचा तैयार किए जाने का दावा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 3,148 ‘पेंडू खेल मैदान’ विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 750 मैदानों का उद्घाटन किया जा चुका है। इसके अलावा 6,000 जिम स्थापित किए जा रहे हैं, जबकि पहले चरण में 500 जिम जनता को समर्पित किए जा चुके हैं।

उन्होंने बताया कि खेल उपकरण खरीदने के लिए 9,501 खिलाड़ियों के बैंक खातों में 12.50 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए हैं।

 खेल बजट को लेकर कांग्रेस-अकाली सरकारों पर निशाना

भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में पहली बार खेलों के लिए 1,744 करोड़ रुपये का विशेष बजट रखा गया है। उनके अनुसार 2022 से अब तक 40,415 खिलाड़ियों को 135 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी जा चुकी है।

नई खेल नीति के तहत ओलंपिक की तैयारी के लिए खिलाड़ियों को 15 लाख रुपये और एशियाई तथा कॉमनवेल्थ खेलों की तैयारी के लिए 8 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है। अब तक प्रशिक्षण और तैयारी के लिए करीब 15 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब का मौजूदा खेल बजट पिछले 10 वर्षों में अकाली-भाजपा और कांग्रेस सरकारों द्वारा खेलों पर किए गए खर्च से अधिक है।

 ‘युद्ध नशे के खिलाफ’ में खेल सबसे बड़ा हथियार

मुख्यमंत्री ने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेलों को सरकार की रणनीति का अहम हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान में खेल सबसे प्रभावी हथियार हैं। उनका कहना था कि खेल बच्चों और युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, फिटनेस, टीम भावना और संघर्ष की क्षमता विकसित करते हैं।

उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को खेलों के लिए प्रोत्साहित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर बच्चे का पदक जीतना जरूरी नहीं है, लेकिन खेल जीवन में आगे बढ़ने की क्षमता जरूर पैदा करते हैं।

पंजाब की खेल प्रतिभा पर मान को भरोसा

भगवंत मान ने कहा कि पंजाब ने दशकों से भारतीय खेलों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह, भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर और भारतीय बास्केटबॉल टीम के कप्तान पालप्रीत सिंह बराड़ का उदाहरण देते हुए कहा कि पंजाब की प्रतिभा लगातार राष्ट्रीय टीमों तक पहुंच रही है।

उन्होंने बताया कि एशियन गेम्स-2026 में पंजाब के 27 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया है। साथ ही पंजाब पहली बार एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करेगा, जिसके मुकाबले अक्टूबर-नवंबर में जालंधर और मोहाली में खेले जाएंगे।

2022 से अब तक करोड़ों की पुरस्कार राशि

मुख्यमंत्री ने ‘खेड़ां वतन पंजाब दियां’ के पिछले तीन संस्करणों का आंकड़ा भी साझा किया।
2022 के पहले संस्करण में करीब 3.50 लाख खिलाड़ियों ने भाग लिया और 9,688 खिलाड़ियों को पदक मिले।
2023 में करीब 4 लाख खिलाड़ी शामिल हुए और 12,500 खिलाड़ियों ने पदक जीते।
2024 में करीब 4.35 लाख खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और 14,500 खिलाड़ियों को पदक मिले।

इन तीनों संस्करणों में कुल 25.51 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई। 2025 में बाढ़ के कारण खेलों का आयोजन नहीं हो सका।

 भव्य उद्घाटन समारोह

बठिंडा में आयोजित उद्घाटन समारोह में भांगड़ा और गिद्धा सहित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पंजाब की खेल और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया। पंजाबी कलाकार गुरदास मान और कुलविंदर बिल्ला ने भी प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री भगवंत मान और गुरदास मान ने संयुक्त रूप से आकाश में रंग-बिरंगे गुब्बारे छोड़कर प्रतियोगिता के चौथे संस्करण की औपचारिक शुरुआत की।

टॉर्च सेरेमनी में एथलेटिक्स के गुरप्रीत सिंह, हॉकी के रुपिंदर पाल सिंह, भारोत्तोलक लवप्रीत सिंह और हरजिंदर कौर सहित कई प्रमुख खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता तीरंदाज परनीत कौर*ने खिलाड़ियों को शपथ दिलाई, जबकि एशियाई खेल पदक विजेता चरनजीत सिंह ने ध्वज मार्च का नेतृत्व किया।

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