हरियाणा में रह रहे पूर्वोत्तर के युवाओं को प्रदेश सरकार दे रही पूर्ण सहयोगः मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

नई दिल्ली, 5 सितंबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री शनिवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स फेस्टिवल के नौवें संस्करण के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत जैसे शहरों में पूर्वोत्तर के भारी संख्या में युवा रोजगार कर रहे हैं और हरियाणा सरकार उन्हें पूर्ण रूप से सहयोग दे रही है। उन्होंने कहा कि भारत में अनेक रंग है, अनेक भाषाएं, अनेक परंपराएं हैं लेकिन सभी की भावनाएं एक हैं। यही भारत की विविधता की खूबसूरती है। उन्होंने इस आयोजन को लेकर मॉय होम इंडिया की टीम की भी सराहना की। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सभी देश व प्रदेशवासियों को शिक्षक दिवस की बधाई भी दी। इस दौरान केंद्रीय मंत्री श्री किरण रिजिजू, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी, हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा तथा फेस्टिवल के आयोजक श्री सुनील देवधर भी मौजूद रहे।
केंद्रीय मंत्री श्री किरण रिजिजू ने हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की प्रशंसा करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरों में रह रहे नॉर्थ ईस्ट के लोगों की बखूबी सुरक्षा और सहयोग कर रही है। उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं आ रही। इसको लेकर उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का धन्यवाद भी किया।
इसके उपरांत संबोधित करते हुए हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज इस मंच पर अरुणाचल प्रदेश के उगते सूरज की चमक, असम की ब्रह्मपुत्र जैसी विशालता, मणिपुर की खेल प्रतिभा, मेघालय की प्रकृति का संगीत, मिजोरम का अनुशासन, नागालैंड का सांस्कृतिक जीवन, सिक्किम की शांति और त्रिपुरा की गर्मजोशी भरी परंपराओं की सुगंध एक साथ बिखर रही है। उन्होंने कहा कि यहां आठ राज्य नहीं, बल्कि एक भारत दिखाई देता है, जिसमें अनेक रंग, भाषाएं और परंपराएं हैं परन्तु सबकी भावना एक है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा पूर्वोत्तर के आठ राज्यों को "अष्टलक्ष्मी" कहे जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पूर्वोत्तर की शक्ति और संभावनाओं के प्रति नए भारत के विश्वास का प्रतीक है।
पूर्वोत्तर अब दिल्ली के दिल के करीब
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि एक समय पूर्वोत्तर को दूरी के नजरिए से देखा जाता था, लेकिन आज तस्वीर बदल चुकी है। पूर्वोत्तर अब भारत की सीमा पर खड़ा क्षेत्र नहीं, बल्कि देश की विकास यात्रा की अग्रिम पंक्ति में है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन संस्कृति को सशक्त करते हैं, क्योंकि संस्कृति केवल वेशभूषा या नृत्य का नाम नहीं बल्कि एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचने वाली कहानी है। फेस्टिवल की थीम "द लिविंग हेरिटेज : ट्रेडिशन दैट बिल्ड विकसित भारत" का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विरासत का अर्थ अतीत को रोक कर रखना नहीं, बल्कि उसे लेकर आगे बढ़ना है।
हरियाणा साथी बनकर आया है, प्रायोजक बनकर नहीं
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा के लिए यह गर्व की बात है कि वह नॉर्थ ईस्ट के साथ आज खड़ा है। हरियाणा यहां इस कार्यक्रम में स्पॉन्सर या पार्टनर स्टेट बनकर नहीं, बल्कि एक साथी बनकर आया है। उन्होंने कहा कि संस्कृतियां, गीत और पहनावे भिन्न हो सकते हैं, लेकिन मेहनत, सपने और देश के प्रति प्रेम एक समान है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे केवल भारत का भविष्य नहीं बल्कि वर्तमान हैं, जो अभियान बना रहे हैं, तकनीक विकसित कर रहे हैं, पदक जीत रहे हैं और नई सोच दे रहे हैं। फेस्टिवल से केवल तस्वीरों, किसी गीत या नृत्य को देखने-सुनने के बजाय उसकी कहानी और संस्कृति को समझना चाहिए, क्योंकि दो राज्यों के युवाओं की दोस्ती से ही मजबूत भावनात्मक एकता बनती है।
युवा तकनीक अपनाएं नए स्किल सीखें
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में हमारा सवाल यह न हो कि क्या एआई मेरी नौकरी ले लेगी, बल्कि यह हो कि मैं एआई के साथ मिलकर क्या कर सकता हूं, जो अकेले नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि युवा तकनीक अपनाएं, नई स्किल सीखें, परंतु तकनीक को साथी बनाएं, अपनी इंसानियत को कभी आउटसोर्स न करें। जिंदगी को सैलरी, फॉलोअर्स या लाइक्स तक सीमित न रखें और किसी और की यात्रा देखकर अपनी जिंदगी को छोटा न समझें। उन्होंने कहा कि असफलता एक घटना है, पहचान नहीं गिरिए, उठिए, सीखिए और फिर चलिए, क्योंकि भारत को परफेक्ट नहीं, साहसी युवा चाहिए।
2 लाख युवाओं को बिना पर्ची और बिना खर्ची मिली नौकरी
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में योग्यता के आधार पर बिना पर्ची-खर्ची लगभग 2 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। युवाओं को विदेश में शिक्षा और रोजगार के अवसर दिलाने के लिए विदेश सहयोग विभाग की स्थापना की गई है। हरियाणा की नई स्टार्टअप नीति के माध्यम से युवाओं को आर्थिक व तकनीकी सहायता दी जा रही है, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश में 12,000 से अधिक स्टार्टअप स्थापित हो चुके हैं। शिक्षा के क्षेत्र में हर 20 किलोमीटर के दायरे में राजकीय महाविद्यालय खोलने के लक्ष्य के तहत पिछले 12 वर्षों में 82 नए राजकीय महाविद्यालय खोले गए हैं, जिनमें से 32 महाविद्यालय विशेष रूप से बेटियों के लिए हैं।
खेलों में हरियाणा और पूर्वोत्तर के युवाओं का दबदबा
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि हाल ही में ग्लासगो में आयोजित 23वें राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को मिले 39 पदकों में से 11 पदक हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते। उन्होंने कहा कि प्रतिभा की कोई सीमा और भूगोल नहीं होता – पूर्वोत्तर के युवाओं ने अपने परिश्रम, संकल्प और सामर्थ्य से देश का मान बढ़ाया है। इस क्रम में उन्होंने मणिपुर की मीराबाई चानू और मैरी कॉम, असम की लवलीना बोरगोहेन और हिमा दास, त्रिपुरा की दीपा कर्मकार, मिजोरम के जेरेमी लालरिनुंगा तथा सिक्किम के बाईचुंग भूटिया का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्वोत्तर केवल प्राकृतिक सौंदर्य की धरती नहीं, बल्कि भारत की प्रतिभा और परिश्रम का शक्तिशाली केंद्र भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि पूर्व और पश्चिम की यह दोस्ती एक ऐसे भारत का निर्माण करेगी जो आधुनिक, आत्मविश्वासी, अपनी जड़ों से जुड़ा, विकसित और अपनी विविधता में समृद्ध होगा।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के समक्ष हरियाणवी कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी। गढ़ चिरोली से जुड़ी भी एक संस्कृति प्रस्तुति दी गई। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने मॉय होम इंडिया द्वारा बेहतरीन कार्यक्रम आयोजित करने पर उनकी प्रशंसा की। इस मौके पर मॉय होम इंडिया के संस्थापक श्री सुनील देवधर, अध्यक्ष श्री बलदेव राज सचदेवा, मुख्यमंत्री के मीडिया एडवाइजर श्री राजीव जेटली व अन्य वरिष्ठजन मौजूद रहे।


.jpg)









.jpeg)
.jpg)
.png)











YXG8.jpeg)



