लावरोव की चेतावनी: लीपज़िग ड्रोन मामले पर जर्मनी के आरोप ‘वास्तविक युद्ध की शुरुआत’ जैसे

6 September, 2026, 11:25 pm

 

बर्लिन, 6 सितंबर। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने लीपज़िग/हाले एयरपोर्ट पर विस्फोटक से लैस ड्रोन मिलने के मामले में मॉस्को पर जर्मनी के आरोपों को बेहद गंभीर बताते हुए कहा है कि यह “वास्तविक युद्ध की शुरुआत” हो सकती है।

रूसी सरकारी टेलीविजन से बातचीत में लावरोव ने कहा कि लीपज़िग एयरपोर्ट पर ड्रोन मिला और जर्मनी ने दावा किया कि वह रूसी ड्रोन था, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि ड्रोन वास्तव में रूस का था या नहीं। उन्होंने कहा, “सख्ती से कहें तो यह वास्तविक युद्ध की शुरुआत है।”

लावरोव ने जर्मनी की ओर से रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों का भी विरोध किया। इनमें बॉन स्थित रूसी वाणिज्य दूतावास को बंद करना और बर्लिन स्थित रूसी हाउस सांस्कृतिक केंद्र पर कार्रवाई शामिल है। उन्होंने इन कदमों की तुलना द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत से जुड़े घटनाक्रमों से की।

चार सप्ताह चली जांच के बाद रूस पर आरोप

लीपज़िग/हाले एयरपोर्ट पर अगस्त की शुरुआत में एक यूक्रेनी परिवहन विमान के पास विस्फोटक उपकरण से लैस ड्रोन बरामद किया गया था। हालांकि विस्फोट नहीं हुआ। इसके बाद दो और ड्रोन भी बरामद किए गए।

जर्मन अधिकारियों ने करीब चार सप्ताह की जांच के बाद सितंबर की शुरुआत में आरोप लगाया कि इस हमले के प्रयास के पीछे रूसी खुफिया सेवाओं का हाथ था।

बर्लिन का मानना है कि यूक्रेन को लगातार समर्थन देने के कारण जर्मनी रूसी खुफिया एजेंसियों की गुप्त गतिविधियों का निशाना बन रहा है। रूस ने 2022 में यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर सैन्य हमला शुरू किया था और उसके बाद से जर्मनी यूक्रेन के प्रमुख यूरोपीय समर्थकों में शामिल रहा है।

लावरोव के बयान से संकेत मिलता है कि लीपज़िग ड्रोन प्रकरण अब केवल सुरक्षा जांच का मामला नहीं रह गया है, बल्कि रूस और जर्मनी के बीच पहले से तनावपूर्ण संबंधों में एक नया कूटनीतिक मोर्चा बन सकता है।

इनपुट डीपीए

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