मुंबई में ‘नवशाश्वतम’ प्रदर्शनी का आगाज, खारघर में बनेगा प्रस्तावित आर्ट डिस्ट्रिक्ट

9 September, 2026, 9:48 pm

 

मुंबई। संस्कृति मंत्रालय के सचिव श्री विवेक अग्रवाल ने मुंबई स्थित नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट (NGMA) में समकालीन भारतीय कला के ‘शाश्वत आधुनिक’ स्वरूप को समर्पित प्रदर्शनी ‘नवशाश्वतम’** का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी के माध्यम से समकालीन भारतीय कला की विविधता, रचनात्मकता और उसकी आधुनिक अभिव्यक्तियों को सामने लाया गया है।

इस अवसर पर कला और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) का भी आदान-प्रदान हुआ। पहला MoU NGMA मुंबई और CIDCO के बीच प्रस्तावित खारघर, नवी मुंबई आर्ट डिस्ट्रिक्ट के विकास को लेकर हुआ। यह पहल नवी मुंबई को कला, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियों के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

दूसरा महत्वपूर्ण MoU भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और महाराष्ट्र सरकार के पुरातत्व एवं संग्रहालय निदेशालय के बीच हुआ। इसका उद्देश्य राज्य में ASI द्वारा संरक्षित स्मारकों के संरक्षण, विकास और बेहतर प्रबंधन के लिए दोनों संस्थाओं के बीच सहयोग को मजबूत करना है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने कहा कि दोनों पहलें भारत की कला, संस्कृति और विरासत को नई दिशा देने की व्यापक सोच से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि देश में रचनात्मकता और सांस्कृतिक विरासत को आर्थिक एवं सामाजिक विकास के नए अवसरों से जोड़ने की आवश्यकता है।

उन्होंने इन पहलों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत की उभरती ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ के संदर्भ में रेखांकित किए गए कंटेंट, क्रिएटिविटी और कल्चर के तीन महत्वपूर्ण स्तंभों से जोड़ते हुए कहा कि कला और संस्कृति अब केवल संरक्षण का विषय नहीं हैं, बल्कि वे नए भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहे हैं।

खारघर में प्रस्तावित आर्ट डिस्ट्रिक्ट को इसी व्यापक दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। यहां कला प्रदर्शनियों, रचनात्मक गतिविधियों और सांस्कृतिक संवाद के लिए नया मंच विकसित होने की उम्मीद है। इससे मुंबई महानगर क्षेत्र में कला और संस्कृति के लिए एक नया संस्थागत केंद्र तैयार हो सकता है।

वहीं, ASI और महाराष्ट्र के पुरातत्व एवं संग्रहालय निदेशालय के बीच हुआ समझौता राज्य की ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। महाराष्ट्र में मौजूद ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण और विकास के लिए केंद्र तथा राज्य के बीच बेहतर समन्वय से संरक्षण कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

‘नवशाश्वतम’ प्रदर्शनी और दोनों MoUs ने एक ही मंच पर समकालीन कला, रचनात्मक अर्थव्यवस्था और ऐतिहासिक विरासत—तीनों को जोड़ने का संदेश दिया है। यह पहल इस बात का संकेत है कि भारत में संस्कृति अब केवल अतीत की विरासत नहीं, बल्कि भविष्य की रचनात्मक शक्ति के रूप में भी देखी जा रही है।
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