देशभर में हर्षोल्लास के साथ मनाई जा रही गणेश चतुर्थी

14 September, 2026, 9:32 am

देशभर में सोमवार को गणेश चतुर्थी का पर्व धार्मिक श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। महाराष्ट्र से लेकर तमिलनाडु और कर्नाटक तक मंदिरों और पूजा पंडालों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। कई स्थानों पर विशेष आरती और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है।

महाराष्ट्र में गणेश उत्सव का विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा पंडाल में भगवान गणेश के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। भक्त ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों के बीच भगवान गणेश के दर्शन कर रहे हैं। मुंबई में गणेश चतुर्थी का उत्सव 10 दिनों तक बड़े स्तर पर मनाया जाता है।

नागपुर में गणेश चतुर्थी के अवसर पर प्रसिद्ध श्री गणेश मंदिर टेकड़ी में मंगल आरती का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इसमें हिस्सा लेकर भगवान गणेश का आशीर्वाद लिया।

राजस्थान के जयपुर स्थित प्रसिद्ध मोती डूंगरी गणेश मंदिर में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। मंदिर में सुबह 5 बजे मंगल आरती के साथ दर्शन शुरू हुए। श्रद्धालुओं के लिए रात 11:40 बजे होने वाली शयन आरती तक दर्शन की व्यवस्था की गई है।

दक्षिण भारत में भी गणेश चतुर्थी को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। तमिलनाडु के शिवगंगा जिले के पिल्लैयारपट्टी स्थित ऐतिहासिक करपगा विनायकर मंदिर में सुबह से ही हजारों श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा का आयोजन किया जा रहा है।

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में भी गणेशोत्सव की धूम है। बसवनगुड़ी स्थित श्री डोड्डा गणपति मंदिर में गौरी-गणेश और गणेश चतुर्थी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर पूजा की।

इस बीच, पश्चिम बंगाल में गणेश चतुर्थी के उत्सव में सांस्कृतिक और समसामयिक विषयों की झलक भी देखने को मिली। कोलकाता के बागुईआटी इलाके में एग्जीक्यूटिव पैलेस अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन ने ‘परिवर्तन – विकसित बंगाल की ओर, डबल इंजन सरकार के साथ’ विषय पर पूजा पंडाल तैयार किया।

पंडाल में आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के भवन की प्रतिकृति के साथ प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों के मॉडल लगाए गए हैं, जिनके हाथों में ‘हमें न्याय चाहिए’ लिखी तख्तियां दिखाई गई हैं। इसके साथ ही आधुनिक बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास को दर्शाने वाली झांकियां भी लगाई गई हैं।

पश्चिम बंगाल में गणेश पूजा के विभिन्न आयोजनों में वरिष्ठ भाजपा नेता दिलीप घोष भी शामिल हुए। उत्तर 24 परगना जिले के पानीहाटी में गणेश पूजा का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में गणेश उत्सव का व्यापक आयोजन सांस्कृतिक जागरण का संकेत है।

उन्होंने कहा कि बंगाल में बदलाव दिखाई दे रहा है और इस बार राज्य में उत्सवों की शुरुआत गणेश उत्सव से हो रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बंगाल एक ‘न्यू बंगाल’ के रूप में आगे बढ़ेगा और राज्य में समृद्धि आएगी।

कोलकाता के पूजा पंडालों में तैयार की गई रचनात्मक झांकियों को लेकर घोष ने कहा कि स्थानीय कलाकार बंगाल के अतीत, हिंसा और औद्योगिक गिरावट के साथ-साथ औद्योगिकीकरण, बेहतर बुनियादी ढांचे और विकास की उम्मीदों को अपनी कलाकृतियों के माध्यम से प्रदर्शित कर रहे हैं।

गणेश चतुर्थी के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में मंदिरों और पंडालों में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ पर्व की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक महत्व को दर्शा रही है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और मंगलकारी देवता माना जाता है तथा इस अवसर पर श्रद्धालु सुख, समृद्धि और सफलता की कामना के साथ उनकी पूजा-अर्चना कर रहे हैं। साभार (डीडी न्यूज)

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