राइड बुक करने के लिए ज्यादा पैसे देने का दबाव! CCPA ने Rapido पर लगाया 10 लाख रूपए का जुर्माना

नई दिल्ली, 15 सितंबर 2026। (पीआईबी) ऑनलाइन कैब और बाइक-टैक्सी बुकिंग में उपभोक्ताओं को ज्यादा भुगतान के लिए प्रेरित करने की कथित रणनीति पर केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म Rapido संचालित करने वाली Roppen Transportation Services Private Limited पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
CCPA ने कंपनी को ऐसे भ्रामक प्रॉम्प्ट और तौर-तरीके बंद करने का निर्देश दिया है, जिनके जरिए राइड बुक करने से पहले उपभोक्ताओं को अधिक राशि देने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। प्राधिकरण ने इसे भ्रामक विज्ञापन, अनुचित व्यापार व्यवहार, अनुचित अनुबंध और ‘डार्क पैटर्न’ से जुड़ा मामला माना है।
‘ज्यादा पैसे देंगे तो राइड मिलने की संभावना ज्यादा’
CCPA की जांच में Rapido ऐप पर ऐसे संदेश सामने आए, जिनमें राइड बुक करने की प्रक्रिया के दौरान उपभोक्ता से ज्यादा भुगतान करने के लिए कहा जाता था। इनमें प्रमुख संदेश था—
“Higher the price, higher the chance of getting a ride”
यानी जितना ज्यादा किराया तय किया जाएगा, राइड मिलने की संभावना उतनी ज्यादा होगी।
एक अन्य संदेश में कहा गया—
“Captains aren't accepting at ₹60. Try adding +10, +20, +30”
CCPA के मुताबिक, ऐप पहले उपभोक्ता को एक किराया बताता था। उपभोक्ता के उस किराए पर बुकिंग करने के बाद उसे बताया जाता था कि कैप्टन मूल राशि स्वीकार नहीं कर रहे हैं और राइड पाने के लिए अतिरिक्त रकम जोड़ने की कोशिश की जाए।
प्राधिकरण ने माना कि यह तरीका उपभोक्ता के मन में यह धारणा पैदा करता है कि यदि उसने अतिरिक्त पैसे नहीं दिए तो उसे राइड नहीं मिलेगी या उसे राइड के लिए ज्यादा इंतजार करना पड़ेगा।
CCPA से माना ‘Confirm Shaming’
CCPA ने इस व्यवहार को ‘Confirm Shaming’ नाम के डार्क पैटर्न के तहत माना है। डार्क पैटर्न ऐसे डिजिटल डिजाइन और इंटरफेस होते हैं, जिनका इस्तेमाल उपभोक्ता के निर्णय को एक खास दिशा में प्रभावित करने के लिए किया जाता है।
इस मामले में प्राधिकरण का कहना है कि उपभोक्ता पहले ही बुकिंग के लिए एक किराया स्वीकार कर चुका होता है। ठीक उसी समय अतिरिक्त भुगतान का दबाव डालना उपभोक्ता को जल्दबाजी और राइड छूट जाने के डर में फैसला लेने के लिए मजबूर कर सकता है।
CCPA के अनुसार यह Guidelines for Prevention and Regulation of Dark Patterns, 2023 के तहत ‘Confirm Shaming’ की श्रेणी में आता है।
रंगों से भी ज्यादा भुगतान की ओर धकेलने का आरोप
CCPA ने Rapido के *‘Set your price’* फीचर की डिजाइन का भी परीक्षण किया। प्राधिकरण के मुताबिक, इसमें कीमत बढ़ाने और घटाने के विकल्पों को समान तरीके से प्रस्तुत नहीं किया गया था।
जांच में पाया गया कि—
कीमत बढ़ाने पर ‘higher chance of getting a ride’ संदेश हरे रंग में दिखता था।
कीमत कम करने पर लाल या नारंगी रंग का चेतावनी संकेत दिखाई देता था।
स्लाइडर में कीमत बढ़ाने के लिए कीमत घटाने की तुलना में ज्यादा जगह उपलब्ध थी।
CCPA ने माना कि इस तरह की डिजाइन केवल सूचना देने तक सीमित नहीं थी, बल्कि उपभोक्ता के निर्णय को अधिक भुगतान की दिशा में प्रभावित कर रही थी।
इसे प्राधिकरण ने ‘Interface Interference’ नाम के दूसरे डार्क पैटर्न के रूप में माना।
‘टिप’ पर भी CCPA की आपत्ति
इस मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू एडवांस टिप यानी यात्रा शुरू होने से पहले अतिरिक्त राशि मांगने से जुड़ा है।
CCPA ने कहा कि बुकिंग के समय दिखाई जाने वाली मूल राशि में दूरी, समय, ट्रैफिक, टोल और कैप्टन को देय राशि जैसे कारक पहले से शामिल होते हैं। ऐसे में यात्रा शुरू होने से पहले उसी सेवा के लिए अतिरिक्त भुगतान का सुझाव देना सवाल खड़ा करता है।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि सामान्य तौर पर टिप सेवा मिलने के बाद स्वैच्छिक रूप से दी जाने वाली राशि होती है। इसे सेवा हासिल करने की शर्त या सेवा मिलने की संभावना बढ़ाने वाले भुगतान के रूप में पेश नहीं किया जाना चाहिए।
2025 के Motor Vehicle Aggregator Guidelines का भी हवाला
CCPA ने Motor Vehicle Aggregator Guidelines, 2025का भी उल्लेख किया है। इन दिशानिर्देशों के अनुसार किसी भी टिपिंग सुविधा को राइड पूरी होने के बाद उपलब्ध कराया जाना चाहिए, न कि बुकिंग के समय या राइड के दौरान।
Rapido ने अपने पक्ष में कहा कि अतिरिक्त भुगतान स्वैच्छिक है और उसका मैचिंग एल्गोरिदम इस बात से प्रभावित नहीं होता कि यात्री अतिरिक्त राशि देता है या नहीं। कंपनी ने यह भी तर्क दिया कि यह व्यवस्था वास्तविक जीवन में यात्री और ड्राइवर के बीच होने वाली बातचीत जैसी है।
लेकिन CCPA ने इन तर्कों को स्वीकार नहीं किया।
प्राधिकरण ने कहा कि प्रॉम्प्ट का समय और उसका डिजाइन महत्वपूर्ण है। उपभोक्ता उस समय प्लेटफॉर्म पर राइड पाने के लिए सबसे ज्यादा निर्भर होता है और इसी स्थिति में उससे अतिरिक्त भुगतान करने को कहा जाता है।
अतिरिक्त पैसे देने से राइड मिलने की संभावना बढ़ती है—इसका सबूत नहीं
CCPA ने Rapido के दावे पर भी सवाल उठाया कि अधिक राशि देने से राइड मिलने की संभावना बढ़ती है।
प्राधिकरण के अनुसार कंपनी ने ऐसा कोई डेटा रिकॉर्ड पर प्रस्तुत नहीं किया, जिससे यह साबित हो सके कि अतिरिक्त भुगतान करने से वास्तव में राइड मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
इसलिए ‘Higher the price, higher the chance of getting a ride’ जैसे दावे को CCPA ने अप्रमाणित और भ्रामक माना।
मामला सिर्फ Rapido तक सीमित नहीं
CCPA की यह कार्रवाई पूरे राइड-हेलिंग सेक्टर की व्यापक जांच का हिस्सा है। प्राधिकरण ने कैब और बाइक-टैक्सी एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म पर advance tipping, dynamic pricing और dark patterns से जुड़ी व्यवस्थाओं की जांच शुरू की थी।
इससे पहले Uber, Ola, Rapido और Namma Yatriसहित प्लेटफॉर्म को नोटिस जारी कर Dark Patterns Guidelines, 2023 के अनुपालन और self-declaration से जुड़ी जानकारी मांगी गई थी।
Rapido पर इससे पहले भी CCPA कार्रवाई कर चुका है। अगस्त 2025 में प्राधिकरण ने कंपनी पर ‘AUTO IN 5 MIN OR GET ₹50’ जैसे विज्ञापन को भ्रामक और अनुचित व्यापार व्यवहार मानते हुए 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था और पात्र उपभोक्ताओं को वादा की गई राशि लौटाने का निर्देश दिया था।
Advance tipping को लेकर CCPA की चिंता नई नहीं है। 2025 में Uber समेत प्रमुख राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्मों पर इस तरह की व्यवस्था को लेकर नियामकीय जांच शुरू हुई थी।
उपभोक्ताओं के लिए बड़ा संदेश
CCPA की ताजा कार्रवाई का महत्व केवल 10 लाख रुपये के जुर्माने तक सीमित नहीं है। यह डिजिटल अर्थव्यवस्था में उस बढ़ती प्रवृत्ति पर सवाल है, जिसमें ऐप का इंटरफेस खुद उपभोक्ता के फैसले को प्रभावित करने लगता है।
यदि किसी उपभोक्ता को यह महसूस कराया जाए कि सामान्य कीमत पर उसे सेवा नहीं मिलेगी और जल्दी सेवा पाने के लिए उसे ज्यादा भुगतान करना ही होगा, तो ‘स्वैच्छिक भुगतान’ और ‘डिजिटल दबाव’ के बीच की सीमा खत्म हो सकती है।
यही वजह है कि CCPA ने टेक्नोलॉजी, यूजर इंटरफेस और उपभोक्ता अधिकारों** के बीच इस नए विवाद को गंभीरता से लिया है।
शिकायत कहां करें?
CCPA ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि यदि उन्हें किसी प्लेटफॉर्म पर *भ्रामक विज्ञापन, अनुचित व्यापार व्यवहार या डार्क पैटर्न* का सामना करना पड़ता है तो वे **National Consumer Helpline (NCH) के नंबर 1915 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
Broadcast Mantra की नजर में बड़ा सवाल:
क्या ऐप पर दिखाई देने वाला ‘विकल्प’ वास्तव में विकल्प है, या डिजाइन और शब्दों के जरिए उपभोक्ता को ज्यादा भुगतान करने के लिए मजबूर करने का नया डिजिटल तरीका? CCPA की यह कार्रवाई बताती है कि अब उपभोक्ता संरक्षण की लड़ाई केवल कीमतों और विज्ञापनों तक सीमित नहीं रही—ऐप की स्क्रीन पर मौजूद हर बटन, रंग और संदेश भी नियामकीय जांच के दायरे में आ सकता है।

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