‘वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026’ में भाग लेने हेतु भारत का अब तक का सबसे बड़ा कुशल युवाओं का दल रवाना

नई दिल्ली। भारत ने विश्वस्तरीय कौशल प्रतियोगिता वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 के लिए अब तक का अपना सबसे बड़ा 70 सदस्यीय युवा दल तैयार किया है। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित कौशल भवन में भारतीय दल के लिए विदाई समारोह आयोजित किया।
22 से 27 सितंबर 2026 तक चीन के शंघाई में होने वाली 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता में भारत के 70 युवा प्रतिभागी 63 कौशल श्रेणियों में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। प्रतियोगिता में दुनिया के 60 से अधिक देशों और क्षेत्रों से 1,400 से ज्यादा युवा प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है।
समारोह में केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी, उत्तर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल, दिल्ली सरकार के गृह, शिक्षा, बिजली, शहरी विकास, उच्च शिक्षा और प्रशिक्षण एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री आशीष सूद तथा सांसद एवं जिंदल स्टील के चेयरमैन नवीन जिंदल मौजूद रहे।
11 नई स्किल्स में पहली बार उतरेगा भारत
इस बार भारत की भागीदारी का दायरा पारंपरिक ट्रेड से आगे बढ़कर नई तकनीक और उभरते रोजगार क्षेत्रों तक पहुंचा है। भारत पहली बार 11 नई कौशल श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा करेगा। इनमें डेंटल प्रोस्थेटिक्स, डिजिटल इंटरैक्टिव मीडिया डिजाइन, इंटेलिजेंट सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी, लैंडस्केप गार्डनिंग, ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक टेक्नोलॉजी, रिटेल सेल्स, अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स, इंडस्ट्रियल मैकेनिक्स, सॉफ्टवेयर टेस्टिंग, हेवी व्हीकल टेक्नोलॉजी और एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस शामिल हैं।
यह विस्तार भारत के कौशल पारिस्थितिकी तंत्र में बदलती तकनीकी जरूरतों और नए रोजगार क्षेत्रों पर बढ़ते फोकस को दर्शाता है।
जयंत चौधरी बोले—दुनिया के सर्वश्रेष्ठ युवाओं से मुकाबले के लिए तैयार टीम इंडिया
जयंत चौधरी ने टीम इंडिया को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय दल आत्मविश्वास, रचनात्मकता और डिजिटल दक्षता से लैस ऐसी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करता है, जो दुनिया के सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों से मुकाबला करने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि नए दौर की स्किल्स में भारत की भागीदारी देश के कौशल तंत्र की बढ़ती क्षमता को दर्शाती है। उन्होंने युवाओं से अपने प्रशिक्षण पर भरोसा रखने, एकाग्रता बनाए रखने और बिना किसी डर के प्रतिस्पर्धा करने का आह्वान किया।
जयंत चौधरी ने कहा कि विक्सित भारत–कुशल भारत' का लक्ष्य कुशल, आत्मविश्वासी और नवाचार करने वाले युवाओं के माध्यम से हासिल किया जा सकता है। उन्होंने भविष्य में भारत में भी ऐसी वैश्विक कौशल प्रतियोगिताओं की मेजबानी की आकांक्षा जताई।
टीम इंडिया की एकजुटता और टीम भावना को दर्शाने के लिए जयंत चौधरी ने प्रतियोगिता के लिए तैयार भारतीय दल की नई पोशाक भी पहनी।
यूपी और दिल्ली ने जताई प्रतिबद्धता
उत्तर प्रदेश के मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार कौशल विकास, उद्यमिता और उद्योग से जुड़ी ट्रेनिंग को मजबूत करने पर काम कर रही है। उन्होंने वर्ल्डस्किल्स शंघाई में उत्तर प्रदेश के युवाओं की भागीदारी पर गर्व जताते हुए कौशल के अवसरों को राज्य के हर जिले तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने शिक्षा, कौशल और रोजगार के बीच की दूरी कम करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि व्यावहारिक प्रशिक्षण और रोजगार तथा उद्यमिता के स्पष्ट अवसर युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बना सकते हैं।
जिंदल स्टील बना ऑफिशियल मर्चेंडाइज पार्टनर
जिंदल स्टील के चेयरमैन नवीन जिंदल ने कहा, “भारत के युवा कौशल चैंपियन आत्मविश्वास, अनुशासन और बेहतर प्रदर्शन करने के संकल्प की मिसाल हैं। हमें गर्व है कि हम ‘टीम इंडिया’ का समर्थन कर रहे हैं, जो ‘वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026’ में देश की उम्मीदों को आगे ले जा रही है। मैं सभी प्रतिस्पर्धियों को दुनिया के सामने भारतीय प्रतिभा एवं उत्कृष्टता का प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं देता हूं।” जिंदल स्टील, ‘वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026’ अभियान के दौरान टीम इंडिया का आधिकारिक मर्चेंडाइज प्रायोजक है और वह भारतीय प्रतिस्पर्धियों को औपचारिक समारोह एवं प्रतियोगिता संबंधी पोशाक के मामले में सहायता प्रदान कर रहा है।
16 पूर्व चैंपियनों के साथ बनेगा 'वर्ल्डस्किल्स इंडिया चैंपियंस क्लब'
समारोह में वर्ल्डस्किल्स इंडिया चैंपियंस क्लब के पहले 16 सदस्यों की घोषणा भी की गई। इसमें पूर्व प्रतिभागियों और पदक विजेताओं को शामिल किया गया है। क्लब का उद्देश्य अनुभवी चैंपियनों को नए प्रतिभागियों के मार्गदर्शक के रूप में जोड़ना और युवाओं को कौशल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।
2015 के 29वें स्थान से 2024 में 13वें स्थान तक पहुंचा भारत
अंतरराष्ट्रीय कौशल प्रतियोगिताओं में भारत के प्रदर्शन में पिछले वर्षों में सुधार दर्ज किया गया है। भारत 2015 में 29वें स्थान पर था, जबकि वर्ल्डस्किल्स लियोन 2024 में देश 13वें स्थान पर पहुंचा। इस प्रतियोगिता में भारत ने चार कांस्य पदक और 12 मेडलियंस फॉर एक्सीलेंस हासिल किए थे। वहीं, वर्ल्डस्किल्स एशिया 2025 में भारत एशिया में आठवें स्थान पर रहा।
अब शंघाई में भारतीय दल के सामने अगली चुनौती वैश्विक मंच पर अपने कौशल, तकनीकी दक्षता, नवाचार और शिल्पकौशल का प्रदर्शन करने की है। 70 युवा प्रतिभागियों की यह टीम भारत के बदलते कौशल तंत्र और नई पीढ़ी की तकनीकी क्षमताओं को दुनिया के सामने रखने जा रही है।

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