65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में 20 कलाकारों को ललित कला अकादमी पुरस्कार

नई दिल्ली, 27 सितंबर। ललित कला अकादमी ने 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में उत्कृष्ट कलाकृतियों के लिए 20 कलाकारों को ललित कला अकादमी पुरस्कार देने की घोषणा की है। देशभर में समकालीन दृश्य कला के प्रमुख वार्षिक आयोजनों में शामिल इस प्रदर्शनी में चित्रकला, मूर्तिकला, प्रिंटमेकिंग, ड्राइंग और मिश्रित माध्यम जैसी विविध कलात्मक विधाओं को स्थान दिया गया है।
इस वर्ष राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी को देश के 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 2,495 कलाकारों से कुल 6,175 कलाकृतियां प्राप्त हुईं। कठोर चयन प्रक्रिया के बाद प्रथम स्तर की जूरी ने प्रदर्शनी के लिए 270 कलाकृतियों का चयन किया। इसके बाद पुरस्कारों के लिए गठित द्वितीय स्तर की जूरी ने 20 कलाकारों की 20 उत्कृष्ट कृतियों को ललित कला अकादमी पुरस्कार के लिए चुना।
इन 20 कलाकारों को मिला पुरस्कार
1. चंद्र शेखर सैन — माई एंटायर वर्ल्ड-I — टेराकोटा — मूर्तिकला
2. गोपाल चंद्र नस्कर — द ट्यून ऑफ द श्रीमद भगवद गीता— कैनवास पर ऐक्रेलिक — चित्रकला
3. किशोर कुमार नरखादीवाला — पर्यावरण— तैल चित्र — चित्रकला
4. मृणाल डे— होपलेस सेटलमेंट — कैनवास पर ऐक्रेलिक — चित्रकला
5. निधि चोपड़ा — टैंजिबल ड्रीम्स — सिरेमिक — मूर्तिकला
6. निमाई सिंह सरुंगबम — मुद्रा-I — सागौन की लकड़ी — मूर्तिकला
7. पंकज कुमार शर्मा — हेलोएड ट्रैवलर-III — पैनल वर्क्स — चित्र
8. पूजा राजपूत — प्रकृति शोषण — सफेद संगमरमर — मूर्तिकला
9. प्रवीण कुमार — वेयर द वॉल्स रिमेंबर— मिश्रित माध्यम — चित्रकला
10. प्रीतम मधुकर देउसकर** — ऑफ टाइम एंड द सिटी — नक्काशी — प्रिंटमेकिंग
11. राजेंद्र प्रसाद — सुजाता विद बुद् — वॉटर कलर (वॉश) — चित्रकला
12. रमेश विट्ठल थोराट — शीर्षकहीन-II — तैल चित्र — चित्रकला
13. रविराम रामकृष्णन — फिशरवुमन — कॉपर, ऑक्सीकृत, वेल्डेड — मूर्तिकला
14. संजय कुमार— व्हेन मेमोरीज कम बैक-7 — मिश्रित माध्यम — चित्रकला
15. संजय कुमार साहनी — यूथ — तैल चित्र — चित्रकला
16. संजीब कुमार गोगोई — आकार निरंकार-II— ऐक्रेलिक और तैल चित्र — चित्रकला
17. सांता देब — अट्रेक्शन ऑफ सिम्पलिसिटी— सिरेमिक — मूर्तिकला
18. सिद्धार्थ शाहजीराव शिंगाडे — ट्रीज — मिश्रित माध्यम — चित्रकला
19. उषारंजन मंडल — व्हील ऑफ ए क्राउडेड सिटी — मिश्रित माध्यम — अन्य माध्यम
20. विजेंद्र शर्मा — लाइफ 2025 — तैल चित्र — चित्रकला
विविध माध्यमों में दिखी समकालीन कला की तस्वीर
65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में चयनित कृतियां समकालीन भारतीय कला में प्रयोग और विविधता की व्यापक तस्वीर पेश करती हैं। कलाकारों ने टेराकोटा, सिरेमिक, लकड़ी, संगमरमर, तांबा, ऐक्रेलिक, तैल रंग, वॉटर कलर, नक्काशी और मिश्रित माध्यमों का इस्तेमाल किया है।
पुरस्कार पाने वाली कृतियों के शीर्षकों से भी कला के विविध विषय सामने आते हैं। पर्यावरण, प्रकृति, शहर, स्मृति, युवा, जीवन और आध्यात्मिकता जैसे विषय कलाकारों की रचनात्मक अभिव्यक्ति में दिखाई देते हैं।
ललित कला अकादमी के अनुसार, राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी कलाकारों को अपनी रचनात्मकता के प्रदर्शन के लिए देशव्यापी मंच उपलब्ध कराने के साथ दर्शकों को भारत की बदलती और विविध दृश्य कला से जोड़ने का काम करती है।
कला के साथ रचनात्मक अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा
राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी का महत्व केवल कलाकारों को पहचान देने तक सीमित नहीं है। प्रदर्शनी कलाकारों, दर्शकों, कला-संग्राहकों और संस्थानों को एक मंच पर लाती है। इससे कलाकारों के लिए नए संपर्क, पहचान और व्यावसायिक अवसर भी बनते हैं।
प्रदर्शनी में कलाकृतियों के प्रदर्शन और बिक्री से कलाकारों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलने की संभावना रहती है। इससे देश में दृश्य कला के लिए अधिक टिकाऊ और व्यापक इकोसिस्टम विकसित करने में मदद मिलती है।
ललित कला अकादमी ने कहा कि राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी स्थापित और उभरते कलाकारों को प्रोत्साहित करने, नए प्रयोगों को बढ़ावा देने और देश की विविध कलात्मक आवाजों को राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कलाकारों की भागीदारी ने प्रदर्शनी के राष्ट्रीय स्वरूप को और व्यापक बनाया है। अकादमी ने सभी पुरस्कार विजेता और प्रतिभागी कलाकारों को बधाई देने के साथ चयन प्रक्रिया में शामिल दोनों स्तरों की निर्णायक मंडलियों के सदस्यों के योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया है।




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