तवांग में सजेगा दुनिया के पर्यटन का मंच, 29 से 31 अक्टूबर तक 14वां इंटरनेशनल टूरिज्म मार्ट

3 October, 2026, 8:21 pm

 

नई दिल्ली, 3 अक्टूबर 2026। अरुणाचल प्रदेश का खूबसूरत पहाड़ी शहर तवांग अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में देश-दुनिया के पर्यटन उद्योग का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय और अरुणाचल प्रदेश सरकार संयुक्त रूप से 29 से 31 अक्टूबर 2026 तक 14वें इंटरनेशनल टूरिज्म मार्ट (ITM) का आयोजन करेंगे। इसका उद्देश्य पूर्वोत्तर भारत की पर्यटन क्षमता को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना और पर्यटन से जुड़े कारोबार, निवेश तथा स्थानीय रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है। 

27 देशों से टूर ऑपरेटर और इन्फ्लुएंसर होंगे आमंत्रित

इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में 27 देशों के टूर ऑपरेटरों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े इन्फ्लुएंसरों को आमंत्रित किया गया है। इनमें अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जर्मनी, फ्रांस, इटली, जापान, दक्षिण कोरिया, रूस, सिंगापुर, थाईलैंड, वियतनाम, भूटान, नेपाल और संयुक्त अरब अमीरात समेत कई देश शामिल हैं। घरेलू पर्यटन बाजार से जुड़े प्रतिनिधियों को भी इसमें आमंत्रित किया गया है। 

इंटरनेशनल टूरिज्म मार्ट की शुरुआत 2013 में पूर्वोत्तर भारत की पर्यटन क्षमता को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने के उद्देश्य से की गई थी। यह आयोजन टूर ऑपरेटरों, खरीदारों, विक्रेताओं, मीडिया, सरकारी एजेंसियों और पर्यटन कारोबार से जुड़े अन्य हितधारकों को एक मंच पर लाता है। 

एक दशक बाद फिर तवांग में ITM

तवांग के लिए इस आयोजन का विशेष महत्व है। एक दशक से अधिक समय बाद इंटरनेशनल टूरिज्म मार्ट फिर तवांग लौट रहा है। इससे पहले 2013 में तवांग में इस आयोजन की मेजबानी हुई थी। इस बार आयोजन के जरिए तवांग को केवल एक खूबसूरत हिमालयी गंतव्य के रूप में नहीं, बल्कि संस्कृति, आध्यात्मिकता, साहसिक पर्यटन और प्रकृति आधारित पर्यटन के बड़े केंद्र के तौर पर पेश करने की तैयारी है। 

हिमालय, बौद्ध विरासत और मोनपा संस्कृति पर फोकस

तवांग की पहचान उसके हिमालयी परिदृश्य, बौद्ध विरासत और मोनपा संस्कृति से जुड़ी है। यहां स्थित तवांग मठ देश के महत्वपूर्ण बौद्ध धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। इसके अलावा बर्फ से ढकी चोटियां, ऊंची पर्वतीय घाटियां, झीलें और साहसिक गतिविधियां विदेशी पर्यटकों के लिए अलग तरह का अनुभव प्रस्तुत करती हैं।

अरुणाचल पर्यटन विभाग राज्य को प्रकृति, संस्कृति, विरासत, वन्यजीव और एडवेंचर टूरिज्म के विविध अनुभवों वाले गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करता है। राज्य में ट्रेकिंग, राफ्टिंग, एंगलिंग, वाइल्डलाइफ और पक्षी पर्यटन जैसी गतिविधियों की भी संभावनाएं हैं। 

पर्यटन से स्थानीय अर्थव्यवस्था तक

इंटरनेशनल टूरिज्म मार्ट का महत्व केवल पर्यटन प्रचार तक सीमित नहीं है। ऐसे आयोजनों में B2B बैठकों, पर्यटन उत्पादों की प्रस्तुति और निवेश तथा कारोबारी साझेदारी के जरिए स्थानीय पर्यटन उद्योग को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार से जोड़ने का अवसर मिलता है।

तवांग में आयोजन की तैयारियों के दौरान आवास, परिवहन, सुरक्षा, आयोजन स्थल, आतिथ्य और पूरे कार्यक्रम की व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा चुकी है। मंत्रालय और राज्य पर्यटन विभाग ने गुवाहाटी-तवांग मार्ग तथा आयोजन से जुड़े प्रमुख स्थलों का भी निरीक्षण किया है। 

नॉर्थ ईस्ट को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर लाने की कोशिश

केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय लंबे समय से पूर्वोत्तर राज्यों को एक समग्र पर्यटन क्षेत्र के रूप में बढ़ावा देने के लिए इंटरनेशनल टूरिज्म मार्ट का इस्तेमाल करता रहा है। असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम को इस पहल के जरिए घरेलू और विदेशी पर्यटन बाजार से जोड़ने पर जोर है। 

2025 में 13वां इंटरनेशनल टूरिज्म मार्ट सिक्किम के गंगटोक में हुआ था, जिसमें अंतरराष्ट्रीय टूर ऑपरेटरों, घरेलू खरीदारों, मीडिया और पर्यटन कारोबार से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। कार्यक्रम में होमस्टे, एडवेंचर टूरिज्म, डिजिटल इनोवेशन, युवा उद्यमिता और टिकाऊ पर्यटन जैसे विषयों पर चर्चा हुई थी। 

सतत पर्यटन और स्थानीय समुदायों की भागीदारी

अरुणाचल प्रदेश में पर्यटन विस्तार के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण मुद्दा है। राज्य में होमस्टे और समुदाय आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में पहल हुई है। फरवरी 2026 में मेचुका में होमस्टे कन्वेंशन का आयोजन भी किया गया, जिसमें पर्यटन कारोबारियों और स्थानीय हितधारकों ने भाग लिया था। 

यही मॉडल तवांग जैसे क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, जहां पर्यटन बढ़ने का सीधा लाभ स्थानीय होटल, होमस्टे, टैक्सी ऑपरेटर, गाइड, हस्तशिल्प, स्थानीय भोजन और छोटे कारोबारों तक पहुंच सकता है।

तवांग से क्या संदेश जाएगा?

29 से 31 अक्टूबर का यह आयोजन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि तवांग भारत के हिमालयी सीमांत क्षेत्र में स्थित एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य है। अंतरराष्ट्रीय टूर ऑपरेटरों, मीडिया और इन्फ्लुएंसरों की मौजूदगी से तवांग और व्यापक रूप से अरुणाचल प्रदेश को नए पर्यटन बाजारों में प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

इंटरनेशनल टूरिज्म मार्ट 2026 का मूल संदेश यही है—पूर्वोत्तर केवल प्राकृतिक सौंदर्य देखने की जगह नहीं, बल्कि संस्कृति, विरासत, आध्यात्मिकता, एडवेंचर, स्थानीय जीवन और टिकाऊ पर्यटन के अनुभवों का बड़ा केंद्र है।

और इस संदेश को दुनिया तक पहुंचाने के लिए इस बार मंच होगा—हिमालय की गोद में बसा तवांग।

 

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