लद्दाख में अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में केसर की खेती शुरू करने के लिए एक महत्वाकांक्षी प्रयोग

2 October, 2026, 8:18 pm

 लद्दाख में अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लिलियम यानी लिली के फूलों की खेती की सफलता के बाद अब बड़े पैमाने पर केसर की खेती शुरू करने का प्रयोग किया जा रहा है। उप राज्यपाल वी. के. सक्सेना ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर शुक्रवार को लिखा, ‘‘मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि लद्दाख में पहली बार बड़े पैमाने पर केसर की खेती शुरू करने के लिए एक महत्वाकांक्षी प्रयोग किया जा रहा है।’’

उपराज्यपाल  ने चट्टानों से बनी पहाड़ियों की पृष्ठभूमि में केसर के कंदों की बुवाई की तस्वीरें साझा कीं। इस बुवाई अभियान का नेतृत्व उन्होंने स्वयं किया। उन्होंने कहा कि ईरान के करीब 90,000 उच्च गुणवत्ता वाले केसर कंदों का कुल 800 किलोग्राम बीज बोया गया है। ये कंद लद्दाख की अधिक ऊंचाई वाली कृषि-जलवायु परिस्थितियों के अनुकूल हैं।

एलजी ने कहा कि लेह के स्पितुक फरका में पहले बंजर रही 4,000 वर्ग मीटर जमीन पर केसर की खेती की जा रही है। परियोजना ‘हिम सरोवर’ के तहत इस जमीन को फिर से उपजाऊ बनाकर खेती के योग्य बनाया गया है। उन्होंने कहा कि इस पहल के पीछे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कृषि विविधीकरण की परिकल्पना है, जिसका उद्देश्य किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना और उन्हें सशक्त बनाना है।

उप राज्यपाल ने कहा कि इस अग्रणी परियोजना में स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों, युवाओं तथा स्वयं सहायता समूहों के लिए आजीविका के नए एवं टिकाऊ अवसर पैदा करने की क्षमता है

लोकप्रिय