फ्रैंकफर्ट पुस्तक मेले पर छाई चिंता, घटती बिक्री और कम होती पढ़ने की आदत बनी चुनौती

फ्रैंकफर्ट, 4 अक्टूबर। (डीपीए) जर्मनी के प्रतिष्ठित फ्रैंकफर्ट पुस्तक मेले से पहले पुस्तक उद्योग में उत्साह के बजाय चिंता का माहौल है। युवाओं में पढ़ने की आदत घट रही है, नई पुस्तकों और अनुवादों की संख्या कम हो रही है और पुस्तक बाजार की बिक्री तथा आय में भी गिरावट दर्ज की जा रही है।
पुस्तक उद्योग का राजस्व 2025 में 9.62 अरब यूरो रहा, जो 2024 की तुलना में 2.7 प्रतिशत कम है। 2026 के शुरुआती आठ महीनों में भी उद्योग का राजस्व पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले करीब 3 प्रतिशत नीचे रहा।
युवाओं में पढ़ने की आदत में बड़ी गिरावट
पुस्तक खरीदने वालों की संख्या 2024 से 2025 के बीच लगभग 5 प्रतिशत घटी। सबसे ज्यादा चिंता 10 से 15 वर्ष की आयु के पाठकों को लेकर है, जिनकी संख्या एक वर्ष में 30 प्रतिशत से अधिक कम हुई। वहीं 20 से 29 वर्ष के आयु वर्ग में पाठकों की संख्या करीब 18 प्रतिशत घटी।
किन किताबों की मांग बढ़ी, किनकी घटी?
अधिकांश श्रेणियों में बिक्री कमजोर रही। यात्रा पुस्तकों की बिक्री 11.6 प्रतिशत, सलाह और सेल्फ-हेल्प पुस्तकों की 8.1 प्रतिशत, गैर-कथा साहित्य की 4.6 प्रतिशत और बच्चों तथा किशोरों की पुस्तकों की बिक्री 2.4 प्रतिशत घटी।
इसके विपरीत फिक्शन की बिक्री 1.2 प्रतिशत, यंग एडल्ट पुस्तकों की 4.8 प्रतिशत और न्यू एडल्ट पुस्तकों की बिक्री 9.6 प्रतिशत बढ़ी।
नई किताबों की संख्या भी कम
2025 में जर्मनी में 52,644 नई पुस्तकें प्रकाशित हुईं, जो 2024 की तुलना में करीब 10 प्रतिशत कम हैं। जर्मन भाषा में अनूदित पुस्तकों की संख्या में भी गिरावट दर्ज की गई।
ऑनलाइन पुस्तक बिक्री अपेक्षाकृत स्थिर रही, लेकिन पारंपरिक किताबों की दुकानों की बिक्री 2025 में 3.7 प्रतिशत घटी। ई-बुक बाजार लगभग स्थिर रहा, जबकि ऑडियोबुक से होने वाला राजस्व 13 प्रतिशत से अधिक बढ़ा।
फ्रैंकफर्ट पुस्तक मेला ऐसे समय में हो रहा है जब पुस्तक उद्योग के सामने सवाल केवल बिक्री बढ़ाने का नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को दोबारा पढ़ने की आदत से जोड़ने का भी है।

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