राइन नदी में फंसा मालवाहक जहाज पांच दिन बाद फिर रवाना, कम जलस्तर बना परेशानी

डसेलडोर्फ, 4अक्टूबर।जर्मनी की राइन नदी में बेहद कम जलस्तर के कारण रेत के टीले पर फंसा मालवाहक जहाज आखिरकार फिर से अपने सफर पर निकल गया है। जहाज पांच दिन की देरी से नीदरलैंड्स के रॉटरडैम की ओर रवाना हुआ है।
लॉजिस्टिक्स कंपनी मोसोल्फ के प्रवक्ता ने जर्मन समाचार एजेंसी डीपीए को बताया कि 135 मीटर लंबा जहाज अब राइन नदी में है और रॉटरडैम की ओर बढ़ रहा है। जहाज में मर्सिडीज-बेंज के डसेलडोर्फ संयंत्र में तैयार की गई स्प्रिंटर वैन लदी हुई हैं।
जहाज सोमवार को डसेलडोर्फ बंदरगाह के पास कम जलस्तर के कारण रेत के टीले पर फंस गया था। उसे निकालने के लिए माल का भार कम करने और एंकर विंच का इस्तेमाल करने की कोशिश की गई, लेकिन तत्काल सफलता नहीं मिली। अगले दिन बंदरगाह से रवाना हो रहे एक अन्य मालवाहक जहाज के धक्के से यह जहाज रेत के टीले से निकल गया।
इसके बाद जहाज को वापस बंदरगाह लाया गया और उसका कुछ माल उतारा गया। जलस्तर में मामूली सुधार के बाद उसे दोबारा यात्रा की अनुमति मिली।
जहाज के फंसने को लेकर बंदरगाह प्राधिकरण और लॉजिस्टिक्स कंपनी के बीच मतभेद भी सामने आया। बंदरगाह प्राधिकरण ने कप्तान पर जहाज के वजन और ड्राफ्ट का सही आकलन नहीं करने का आरोप लगाया, जबकि मोसोल्फ ने बंदरगाह में पर्याप्त ड्रेजिंग नहीं होने को समस्या बताया।
मोसोल्फ के संचालन प्रबंधक जुर्गेन रिक्टर के अनुसार जहाज पर मौजूद 160 स्प्रिंटर वैन का कुल वजन करीब 390 मीट्रिक टन था, जबकि जहाज की सामान्य अधिकतम माल ढुलाई क्षमता लगभग 3,500 टन है। जहाज की क्षमता के हिसाब से करीब 190 वैन तक ले जाने की गुंजाइश थी। जहाज को मुक्त कराने के बाद अतिरिक्त 50 वैन भी उतार दी गईं।
राइन नदी में इस समय जलस्तर सामान्य से काफी नीचे है। लंबे समय से जारी सूखे के कारण आने वाले दिनों में भी जलस्तर कम रहने की आशंका है। हाल में इसमें मामूली बढ़ोतरी जरूर दर्ज की गई है, लेकिन इससे जर्मनी की महत्वपूर्ण अंतर्देशीय जल परिवहन व्यवस्था पर दबाव बना हुआ है। इनपुट -डीपीए


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