आईजीएनसीए और एनसीआरटीसी के गठजोड़ से नमो भारत स्टेशनों पर बिखरेंगे कला और संस्कृति के रंग

नई दिल्ली, 8 अक्टूबर।
नमो भारत की यात्रा के दौरान बहुत जल्द यात्रियों को भारतीय इतिहास और संस्कृति की झलक मिल सकती है। नमो भारत स्टेशनों के माध्यम से कला, संस्कृति और विरासत से लोगों को जोड़ने के लिए एनसीआरटीसी ने इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र (आईजीएनसीए) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इसके अंतर्गत, नमो भारत स्टेशन प्रदर्शनियों, साहित्यिक कार्यक्रमों, वर्कशॉप और सांस्कृतिक आयोजनों द्वारा लोगों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का अनुभव कराने और उनसे जुड़ने के अवसर प्रदान करेंगे। इस मौके पर केन्द्र के सदस्य सचिव डॉ सच्चिदानंद जोशी, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम की निदेशक (वित्त ) नमिता मेहरोत्रा, निदेशक (सिस्टम्स) रामेश्वर मीणा, आईजीएनसीए के मीडिया नियंत्रक अनुराग पुनेठा, एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स सहित अन्य अधिकारी मौज़ूद रहे।
आईजीएनसीए के सदस्य सचिव डॉक्टर सच्चिदानंद जोशी ने कहा कि जिस तरह से एनसीआरटीसी ने भारत को गतिमान बनाने में अहम भूमिका निभाई है इस तरह से आईजीएनसीए भारत की संस्कृति के संवर्धन और संरक्षण में भूमिका निभा रहा है इसीलिए आपका और हमारा साथ बहुत ही सकारात्मक साथ होगा। उन्होंने कहा कि कला और संस्कृति हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा है। कोई नहीं कह सकता कि हमारे जीवन में कला या संस्कृति से कोई रिश्ता नहीं है हमारे दैनिक जीवन में भी कला का अहम योगदान है। आईजीएनसीए ने देश के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में अपना योगदान दिया है, चाहे वह नई संसद भवन की दीर्घा हो जी-20 में नटराज की प्रतिमा लगाने की भूमिका। अगर हमारी यह साझेदारी आपके साथ आगे बढ़ती रही तो हम दिल्ली एनसीआर में ट्रैवलिंग का एक नया अनुभव जनता को दे सकेंगे, जो भारत ही नहीं, पूरी दुनिया के लिए मिसाल बनेगा।
दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर दो ऐसे शहरों को आपस में जोड़ता है, जिनकी समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत है। जहां राजधानी दिल्ली सदियों से देश की राजनीतिक और सांस्कृतिक यात्रा का केन्द्र रही है, वहीं मेरठ और उसके आस-पास के क्षेत्र न केवल महाभारतकालीन धरोहर समेटे हुए हैं, बल्कि देश के स्वतंत्रता संग्राम के लिए क्रांति का पहला बिगुल इसी शहर में फूंका गया था। इस समृद्ध ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में एनसीआरटीसी और आईजीएनसीए के बीच यह भागीदारी विशेष महत्व रखती है।
दोनों संगठन नमो भारत स्टेशन परिसरों में कई तरह की सांस्कृतिक और सार्वजनिक जुड़ाव सम्बंधी पहलों की संभावनाएं तलाशने और उन्हें बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करेंगे। इनमें विशेष रूप से आयोजित कला और सांस्कृतिक प्रदर्शनियां, विरासत से जुड़ी झलकियां, साहित्यिक कार्यक्रम, वर्कशॉप, व्याख्यान, जागरूकता कार्यक्रम और ऐसी अन्य पहलें शामिल होंगी, जो भारत की विविध कलात्मक और सांस्कृतिक परंपराओं को सार्वजनिक स्थानों तक लाकर उन्हें दैनिक यात्रा से जोड़ने का प्रयास करेंगी।
वर्तमान में, नमो भारत कॉरिडोर पर दैनिक रूप से लगभग 1.1 लाख यात्री सफर कर रहे हैं और यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। इस कॉरिडोर ने अब तक 4.5 करोड़ कम्यूटर ट्रिप्स का माइलस्टोन पार कर लिया है। यह इस आधुनिक परिवहन साधन के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास और पसंद को दिखाता है। साथ ही, यह भी दर्शाता है कि नमो भारत स्टेशन कॉरिडोर से जुड़ने वाले शहरों और समुदायों में महत्वपूर्ण सार्वजनिक जगहों के तौर पर उभर रहे हैं। इस भागीदारी का उद्देश्य यात्रियों को उनकी दैनिक यात्राओं के दौरान भारत की सांस्कृतिक विरासत के अलग-अलग पहलुओं को जानने का अवसर प्रदान करना और लोगों के साथ इस स्वाभाविक जुड़ाव को और सुदृढ़ करना है। यह भागीदारी इस विचार पर आधारित है कि आवश्यक नहीं है कि संस्कृति हमेशा लोगों द्वारा उसे खोजे जाने का इंतज़ार करे; कभी-कभी, वह उनसे रास्ते में भी परिचित हो सकती है।
इस समझौते के अंतर्गत, आईजीएनसीए की भारत की कलात्मक, सांस्कृतिक और विरासत परंपराओं को संरक्षित करने, उन्हें बढ़ावा देने और जन-जन तक पहुंचाने की विशेषज्ञता को एनसीआरटीसी द्वारा नमो भारत स्टेशनों पर विशेष रूप से आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से एक सार्वजनिक मंच प्रदान किया जाएगा। यह साझेदारी छात्रों, कलाकारों, सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों, शिक्षण संस्थानों और अन्य समुदायों के लिए नमो भारत स्टेशनों से जुड़ने के अवसर भी प्रदान करेगी। ऐसे कार्यक्रमों के ज़रिए भारत की सांस्कृतिक विविधता के विषय में जानने, समझने, सराहने और भागीदारी करने को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल एनसीआरटीसी द्वारा नमो भारत स्टेशनों को एक जीवंत सोशल हब में परिवर्तित करने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। साथ ही, इस साझेदारी द्वारा आईजीएनसीए भारत की कलात्मक और सांस्कृतिक विरासत को अधिक से अधिक लोगों तक भी पहुँचा सकेगा।
जैसे-जैसे नमो भारत, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लोगों और शहरों को जोड़ रहा है, इसके स्टेशनों द्वारा अब लोगों को उन कई कहानियों, परंपराओं और कलात्मक अभिव्यक्तियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध और विविधतापूर्ण बनाती हैं।


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