फ्रांस के दूतावास में आयोजित ग्रैंड फिनाले में टिकाऊ फैशन, नवाचार और पारंपरिक शिल्पकला का प्रदर्शन

14 October, 2026, 6:30 pm

 

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर 2026। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की पहल R|Elan सर्कुलर डिजाइन चैलेंज 2026 के आठवें संस्करण में सौरभ मौर्य के फैशन ब्रांड Margn को विजेता और अनिल पड़िया के Yoshita 1967 को उपविजेता घोषित किया गया। नई दिल्ली स्थित भारत में फ्रांस के दूतावास में आयोजित ग्रैंड फिनाले में सर्कुलर फैशन, नवाचार और टिकाऊ डिजाइन की संभावनाओं को प्रदर्शित किया गया। यह आयोजन भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 के तहत हुआ।

इस पहल को रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने भारत में संयुक्त राष्ट्र और लैक्मे फैशन वीक के साथ मिलकर आयोजित किया। इसका उद्देश्य उभरते डिजाइनरों को प्रोत्साहित करना और फैशन उद्योग में संसाधनों के जिम्मेदार इस्तेमाल, सामग्री के नवाचार तथा पर्यावरण के अनुकूल डिजाइन को बढ़ावा देना है।

वैश्विक स्तर पर 220 से अधिक आवेदन

R|Elan सर्कुलर डिजाइन चैलेंज 2026 के लिए दुनियाभर से 220 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। चयन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में क्षेत्रीय जूरी मूल्यांकन, मेंटरशिप और उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद के बाद फाइनलिस्ट को नई दिल्ली में अपनी डिजाइन प्रस्तुत करने का अवसर मिला।

विजेता Margn ने अपने संग्रह में शिल्पकला, सामग्री के नवाचार और सर्कुलर डिजाइन को आधुनिक फैशन के साथ जोड़ने का प्रयास किया। वहीं, उपविजेता Yoshita 1967 ने सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक हस्तकला और समकालीन डिजाइन के मेल को सामने रखा। दोनों ब्रांडों ने दिखाया कि पारंपरिक कौशल को संरक्षित करते हुए फैशन को अधिक जिम्मेदार और टिकाऊ बनाया जा सकता है।

 विशेषज्ञ जूरी ने किया मूल्यांकन

प्रतियोगिता के ग्रैंड फिनाले में अंतरराष्ट्रीय फैशन, मीडिया, डिजाइन और सतत विकास क्षेत्र के विशेषज्ञों की जूरी ने प्रतिभागियों के संग्रह का मूल्यांकन किया।

जूरी में भारत में संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर स्टीफन प्रिस्नर, Fédération de la Haute Couture et de la Mode की इमर्जिंग ब्रांड्स पहल के प्रमुख सर्ज कैरेरा, Vogue India की संपादकीय प्रमुख रोशेल पिंटो, डिजाइनर राजेश प्रताप सिंह और फैशन एवं कॉस्ट्यूम स्टाइलिस्ट अनाइता श्रॉफ अदजानिया शामिल थे।

प्रतिभागियों की रचनात्मक सोच, नवाचार, सर्कुलर डिजाइन सिद्धांतों के इस्तेमाल, सामग्री के चयन, व्यावसायिक विस्तार की संभावनाओं और सामाजिक प्रभाव के आधार पर मूल्यांकन किया गया। संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप योगदान की क्षमता भी प्रमुख मानदंडों में शामिल रही।

 विजेता को 16 हजार डॉलर की पुरस्कार राशि

प्रतियोगिता के विजेता Margn को 16,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि दी जाएगी। इसके साथ ही मार्च 2027 में मुंबई में आयोजित होने वाले अगले लैक्मे फैशन वीक में अपना स्वतंत्र फैशन शो प्रस्तुत करने का अवसर भी मिलेगा।

उपविजेता Yoshita 1967 को 5,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि के साथ टिकाऊ फैशन की विशेषज्ञ ओरसोला डी कास्त्रो से विशेष मेंटरशिप मिलेगी। इससे डिजाइनर को अपने विचारों को आगे विकसित करने और फैशन उद्योग की विशेषज्ञता का लाभ उठाने का अवसर मिलेगा।

भारत-फ्रांस सहयोग और टिकाऊ फैशन पर जोर

भारत में फ्रांस के राजदूत थिएरी माथू ने आयोजन को भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष की भावना से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की डिजाइन परंपराओं और नवाचार को एक मंच पर लाना रचनात्मक उद्योगों तथा द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इसी अवसर पर Kering Generation Award की शुरुआत टिकाऊ फैशन के क्षेत्र में सहयोग और पेशेवर आदान-प्रदान की संभावनाओं को रेखांकित करती है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के पॉलिएस्टर व्यवसाय के अध्यक्ष हेमंत डी. शर्मा ने कहा कि कंपनी टिकाऊ विकास और नवाचार को एक-दूसरे का पूरक मानती है। उनके अनुसार, आठ संस्करणों के दौरान यह पहल उभरते डिजाइनरों को सर्कुलरिटी और सामग्री नवाचार के माध्यम से फैशन के भविष्य को नया रूप देने के लिए एक वैश्विक मंच के रूप में विकसित हुई है।

भारत में संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर स्टीफन प्रिस्नर ने कहा कि भारत के वस्त्र और फैशन क्षेत्र में सर्कुलर अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं हैं। इस दिशा में टिकाऊ उत्पादन, जिम्मेदार उपभोग, कार्बन उत्सर्जन में कमी और बेहतर रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है।

रिलायंस ब्रांड्स लिमिटेड के ग्रुप वाइस प्रेसिडेंट जसप्रीत चंडोक ने कहा कि यह मंच उभरती प्रतिभाओं को पहचान, मेंटरशिप और उद्योग से जुड़ने के अवसर उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने Margn और Yoshita 1967 के प्रयासों को सर्कुलर डिजाइन की विविध संभावनाओं का उदाहरण बताया।

आयोजकों के अनुसार, R|Elan सर्कुलर डिजाइन चैलेंज का आठवां संस्करण उभरते डिजाइनरों को अंतरराष्ट्रीय फैशन जगत से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव है। भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 के दौरान आयोजित इस कार्यक्रम ने यह रेखांकित किया कि फैशन में रचनात्मकता, पारंपरिक शिल्पकला और संसाधनों के जिम्मेदार इस्तेमाल को एक साथ आगे बढ़ाया जा सकता है।

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