जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने के लिए जर्मनी को 6 लाख करोड़ यूरो के निवेश की जरूरत होगी

13 October, 2026, 10:29 am


बर्लिन, 13 अक्टूबर। जर्मनी को जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने और अर्थव्यवस्था को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए अगले दो दशकों में करीब 6 ट्रिलियन यूरो (लगभग 6.7 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर) के निवेश की जरूरत होगी। सरकारी विकास बैंक केएफडब्ल्यू (KfW) के लिए कराए गए एक अध्ययन में यह अनुमान लगाया गया है। इसके मुताबिक, इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए मौजूदा निवेश स्तर को दोगुने से भी अधिक करना होगा।

प्रोग्नोस शोध संस्थान ने केएफडब्ल्यू की ओर से यह अध्ययन किया है। अध्ययन के अनुसार, इस निवेश का अधिकांश बोझ उपभोक्ताओं और कंपनियों को उठाना होगा, जबकि सरकार की हिस्सेदारी कुल निवेश का केवल 12 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

3 ट्रिलियन यूरो अतिरिक्त निवेश की जरूरत

अध्ययन में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी सामने आया है कि अनुमानित 6 ट्रिलियन यूरो में से लगभग आधी राशि ही जलवायु-अनुकूल अर्थव्यवस्था में बदलाव के लिए अतिरिक्त निवेश होगी। शेष करीब 3 ट्रिलियन यूरो का निवेश जर्मनी को मौजूदा कोयला, तेल और गैस आधारित प्रौद्योगिकियों को जारी रखने की स्थिति में भी करना पड़ता।

यह अध्ययन वर्ष 2025 से 2045 तक की अवधि को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। निवेश से संबंधित विश्वसनीय आंकड़ों के लिए 2024 को नवीनतम उपलब्ध वर्ष माना गया है।

2045 तक कार्बन तटस्थता का लक्ष्य

जर्मनी ने 2045 तक जलवायु तटस्थता हासिल करने का कानूनी रूप से बाध्यकारी लक्ष्य निर्धारित किया है। इसका अर्थ है कि देश को ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन उस स्तर तक सीमित करना होगा, जहां वातावरण में उत्सर्जित गैसों की मात्रा को प्राकृतिक प्रक्रियाओं या तकनीकी उपायों के जरिए अवशोषित अथवा संग्रहित किया जा सके।

परिवहन और ऊर्जा क्षेत्र में बड़े निवेश की जरूरत

अध्ययन के मुताबिक, परिवहन क्षेत्र में सबसे अधिक निवेश की आवश्यकता होगी। इसमें विशेष रूप से पेट्रोल और डीजल वाहनों से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बदलाव शामिल है।

इसके अलावा, नवीकरणीय ऊर्जा के बढ़ते उत्पादन के अनुरूप बिजली ग्रिड को आधुनिक बनाने और उसकी क्षमता बढ़ाने पर भी बड़े पैमाने पर खर्च करना होगा। पवन और सौर ऊर्जा से उत्पादित बिजली को प्रभावी ढंग से आपूर्ति व्यवस्था से जोड़ने के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार आवश्यक होगा।

अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि जर्मनी के जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने के लिए केवल सरकारी खर्च पर्याप्त नहीं होगा। इसके लिए निजी क्षेत्र, कंपनियों और उपभोक्ताओं की व्यापक भागीदारी के साथ दीर्घकालिक निवेश की आवश्यकता होगी।

इनपुट- डीपीए

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