डिजिटल खबरों की दुनिया में बड़ा बदलाव: समाचारों पर भरोसा घटा, सोशल मीडिया और वीडियो प्लेटफॉर्म बने खबरों के नए ठिकाने

दुनियाभर में समाचार देखने, पढ़ने और समझने का तरीका तेजी से बदल रहा है। समाचार संस्थानों की वेबसाइट और टेलीविजन चैनलों के मुकाबले सोशल मीडिया और वीडियो प्लेटफॉर्म खबरों तक पहुंचने का अधिक लोकप्रिय माध्यम बनकर उभरे हैं। वहीं, समाचारों पर लोगों का भरोसा घटकर 37 प्रतिशत रह गया है। डिजिटल न्यूज रिपोर्ट 2026 के ये निष्कर्ष पत्रकारिता और मीडिया उद्योग के सामने उभरती नई चुनौतियों की ओर संकेत करते हैं।
जिम ईगन, क्रेग टी. रॉबर्टसन, एमी रॉस अर्गुएदास, निक न्यूमैन, रासमस क्लेस नीलसन, मिताली मुखर्जी और रिचर्ड फ्लेचर द्वारा तैयार यह रिपोर्ट 48 बाजारों में लगभग एक लाख लोगों के ऑनलाइन सर्वेक्षण पर आधारित है। रिपोर्ट में समाचारों की विश्वसनीयता, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), सोशल मीडिया और वीडियो प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव का विश्लेषण किया गया है।
समाचारों पर भरोसा दस वर्षों के निचले स्तर पर
रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में 37 प्रतिशत लोग ही कहते हैं कि वे अधिकांश समय ज्यादातर समाचारों पर भरोसा करते हैं। वर्ष 2015 से इस आंकड़े पर नजर रखी जा रही है और मौजूदा स्तर इस अवधि का सबसे निचला स्तर है।
फिलीपींस में समाचारों पर भरोसे में 10 प्रतिशत अंक, आयरलैंड में नौ अंक तथा थाईलैंड, पेरू और पोलैंड में आठ-आठ अंकों की गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका में केवल 25 प्रतिशत लोगों ने अधिकांश समय ज्यादातर समाचारों पर भरोसा जताया। यह आंकड़ा पिछले वर्ष के मुकाबले पांच प्रतिशत अंक कम है।
ये आंकड़े मीडिया संस्थानों के लिए एक गंभीर सवाल खड़ा करते हैं—क्या समाचारों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए मौजूदा संपादकीय तौर-तरीके पर्याप्त हैं?
खबरों के लिए एआई चैटबॉट का बढ़ता इस्तेमाल
समाचारों तक पहुंचने के लिए एआई चैटबॉट का उपयोग भी बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में हर सप्ताह समाचारों के लिए एआई चैटबॉट इस्तेमाल करने वालों का अनुपात सात प्रतिशत से बढ़कर 10 प्रतिशत हो गया है।
35 वर्ष से कम आयु के लोगों में यह आंकड़ा 16 प्रतिशत है। इससे संकेत मिलता है कि युवा वर्ग समाचारों की जानकारी हासिल करने के लिए पारंपरिक माध्यमों के अतिरिक्त एआई आधारित सेवाओं का भी इस्तेमाल कर रहा है।
मीडिया संस्थानों के सामने अब चुनौती केवल खबर प्रकाशित करना नहीं, बल्कि बदलते डिजिटल माध्यमों पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी उपलब्ध कराना भी है।
समाचार वेबसाइट और टीवी से आगे निकले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म
रिपोर्ट का एक प्रमुख निष्कर्ष यह है कि वैश्विक स्तर पर पहली बार सोशल मीडिया और वीडियो नेटवर्क समाचार संगठनों की अपनी वेबसाइटों तथा टेलीविजन समाचारों से आगे निकल गए हैं। लोग अब समाचार संस्थानों के सीधे मंचों की बजाय डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से खबरों तक अधिक पहुंच रहे हैं।
यह बदलाव केवल युवाओं तक सीमित नहीं है। वर्ष 2021 की तुलना में लगभग सभी आयु वर्गों में टेलीविजन और समाचार वेबसाइटों को प्राथमिकता देने वालों के अनुपात में गिरावट आई है। रिपोर्ट में 55 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग को इस व्यापक प्रवृत्ति का अपवाद बताया गया है।
ऑनलाइन वीडियो बना समाचारों का प्रमुख माध्यम
डिजिटल न्यूज रिपोर्ट 2026 के अनुसार, सर्वेक्षण में शामिल 77 प्रतिशत लोग हर सप्ताह ऑनलाइन समाचार वीडियो देखते हैं। रिपोर्ट में शामिल प्रत्येक बाजार में ऑनलाइन वीडियो के जरिए समाचार देखने वाले लोगों का बहुमत दर्ज किया गया।
हालांकि, दर्शक जरूरी नहीं कि समाचार संस्थानों की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर वीडियो देख रहे हों। यूट्यूब, इंस्टाग्राम, टिकटॉक और फेसबुक जैसे तीसरे पक्ष के प्लेटफॉर्म समाचार वीडियो की खपत के प्रमुख माध्यम बन रहे हैं।
इसका सीधा संदेश डिजिटल मीडिया संस्थानों के लिए है: दर्शकों तक पहुंचने के लिए गुणवत्तापूर्ण रिपोर्टिंग के साथ प्रभावी वीडियो प्रस्तुति, मोबाइल अनुकूल सामग्री और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मौजूदगी भी जरूरी होती जा रही है।
पत्रकारिता के सामने नई चुनौती
डिजिटल न्यूज रिपोर्ट 2026 के निष्कर्ष बताते हैं कि मीडिया का भविष्य केवल वेबसाइट या टेलीविजन चैनल तक सीमित नहीं रह गया है। समाचारों पर भरोसे में गिरावट, एआई का बढ़ता उपयोग और सोशल मीडिया आधारित समाचार उपभोग पत्रकारिता की कार्यप्रणाली को बदल रहे हैं।
ऐसे दौर में जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पुष्टि, पारदर्शिता और जवाबदेही का महत्व और बढ़ जाता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म खबरों को तेजी से लोगों तक पहुंचा सकते हैं, लेकिन विश्वसनीय पत्रकारिता की बुनियाद अब भी तथ्यों, स्वतंत्र संपादकीय दृष्टिकोण और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता पर टिकी है।
डिजिटल पत्रकारिता की अगली प्रतिस्पर्धा केवल इस बात पर नहीं होगी कि कौन सबसे पहले खबर देता है, बल्कि इस पर भी होगी कि कौन दर्शकों का भरोसा जीतता है और जमीनी हकीकत को प्रमाणिकता के साथ सामने लाता है।
नोट: यह रिपोर्ट के उपलब्ध पांच प्रमुख निष्कर्षों पर आधारित समाचार है। आंकड़े मूल रिपोर्ट के विवरण के अनुसार प्रस्तुत किए गए हैं।




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