एनसीआरटीसी ने नमो भारत परिचालन के तीन सफल वर्षों का जश्न

नई दिल्ली, 18 अक्टूबर 2026। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने 17 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में ‘नमो भारत दिवस 2026’ मनाया, जो नमो भारत के सफल संचालन के तीन वर्ष पूरे होने और क्षेत्रीय आवागमन में एक परिवर्तनकारी यात्रा का प्रतीक है। इस अवसर पर माननीय केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य तथा विद्युत मंत्री, श्री मनोहर लाल, माननीय केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री, श्री तोखन साहू, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के पूंजी विकास विभाग की सचिव एवं एनसीआरटीसी की अध्यक्ष, श्रीमती डी. थारा और शहरी विकास विभाग के सचिव, श्री सत्येंद्र सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक, श्री शलभ गोयल ने निदेशकों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया।इस अवसर पर एनसीआरटीसी ने 'नमो भारत' की शानदार यात्रा पर प्रकाश डाला।
'फर्स्ट और लास्ट-माइल' कनेक्टिविटी
इसमें प्रमुख उपलब्धियों, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के प्रयासों, यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए 'फर्स्ट और लास्ट-माइल' कनेक्टिविटी, और परियोजना की पर्यावरणीय व वित्तीय स्थिरता को बढ़ावा देने वाली पहलों (जैसे 'सोलर ऑन ट्रैक' और 110 MW के कैप्टिव सोलर पावर प्लांट का विकास) को उजागर किया गया। इन उपलब्धियों और परियोजना की प्रगति को एक फिल्म के माध्यम से दिखाया गया, जिसमें उन प्रयासों, नवाचारों और पहलों को दर्शाया गया है जो 'नमो भारत' की यात्रा को लगातार आकार दे रहे हैं।
इस अवसर पर बोलते हुए, केंद्रीय आवास और शहरी मामलों तथा विद्युत मंत्री, श्री मनोहर लाल ने कहा, "'नमो भारत' केवल एक नाम नहीं है; यह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ-साथ समर्पण, संस्कृति और परंपराओं के मूल्यों को भी समाहित करता है। 'नमो भारत' रैपिड रेल भारत में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के एक नए युग की शुरुआत कर रही है और शहरी परिवहन के भविष्य को एक नई दिशा दे रही है।
'नमो भारत' रैपिड रेल भारत में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के एक नए युग की शुरुआत
20 अक्टूबर 2023 को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन किए जाने के बाद से, 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर 4.5 करोड़ से अधिक यात्री यात्राएं कर चुके हैं। यह उपलब्धि आधुनिक, सुरक्षित और निर्बाध परिवहन प्रणाली में लोगों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।"उन्होंने आगे कहा, "मेरा मानना है कि बेहतर परिवहन व्यवस्था न केवल शहरों के बीच की दूरी कम करती है, बल्कि लोगों को नए अवसरों से भी जोड़ती है, जिससे क्षेत्रीय विकास और आर्थिक प्रगति को गति मिलती है। मैं इस महत्वाकांक्षी परियोजना को साकार करने में एनसीआरटीसी के सभी अधिकारियों, इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों, कर्मचारियों और कामगारों के समर्पित योगदान की सराहना करता हूँ।"
नमो भारत का परिचालन अक्टूबर 2023 में साहिबाबाद और दुहाई डिपो के बीच 17 किलोमीटर के 'प्राथमिक खंड' के उद्घाटन के साथ शुरू हुआ। इसके बाद, पूरे कॉरिडोर को चरणबद्ध तरीके से चालू किया गया। 22 फरवरी 2026 को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ मेट्रो के साथ-साथ 82 किलोमीटर लंबे पूरे नमो भारत कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित किया। वर्तमान में, नमो भारत में प्रतिदिन 1.1 लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं। हाल ही में, इसने एक दिन में लगभग 1.68 लाख यात्रियों की अब तक की सर्वाधिक संख्या दर्ज की है। अपनी तेज़, बार-बार उपलब्ध होने वाली और भरोसेमंद सेवाओं के ज़रिए, नमो भारत लोगों को अधिक कुशलता से यात्रा करने में मदद कर रहा है। इससे कार्यस्थल, शिक्षण संस्थान और आर्थिक केंद्रों तक लोग अब आसानी से पहुंच पा रहे हैं, जिससे यात्रियों को रोज़मर्रा की ज़िंदगी में अधिक सुविधा मिल रही है और उनका समय भी बच रहा है। नमो भारत के दो और प्रायोरिटी कॉरिडोर- दिल्ली-पानीपत-करनाल और दिल्ली-गुरुग्राम-बहरोड़ को जल्द ही मंज़ूरी मिलने की संभावना है। इसके अलावा, दो अन्य कॉरिडोर- गाजियाबाद- जेवर और नोएडा- फरीदाबाद- गुरुग्राम भी अभी डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) के चरण में हैं।उन्होंने आगे कहा, "मेरा मानना है कि बेहतर परिवहन व्यवस्था न केवल शहरों के बीच की दूरी कम करती है, बल्कि लोगों को नए अवसरों से भी जोड़ती है, जिससे क्षेत्रीय विकास और आर्थिक प्रगति को गति मिलती है। मैं इस महत्वाकांक्षी परियोजना को साकार करने में एनसीआरटीसी के सभी अधिकारियों, इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों, कर्मचारियों और कामगारों के समर्पित योगदान की सराहना करता हूँ।"
नमो भारत का परिचालन अक्टूबर 2023 में साहिबाबाद और दुहाई डिपो के बीच 17 किलोमीटर के 'प्राथमिक खंड' के उद्घाटन के साथ शुरू हुआ। इसके बाद, पूरे कॉरिडोर को चरणबद्ध तरीके से चालू किया गया। 22 फरवरी 2026 को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ मेट्रो के साथ-साथ 82 किलोमीटर लंबे पूरे नमो भारत कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित किया। वर्तमान में, नमो भारत में प्रतिदिन 1.1 लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं। हाल ही में, इसने एक दिन में लगभग 1.68 लाख यात्रियों की अब तक की सर्वाधिक संख्या दर्ज की है। अपनी तेज़, बार-बार उपलब्ध होने वाली और भरोसेमंद सेवाओं के ज़रिए, नमो भारत लोगों को अधिक कुशलता से यात्रा करने में मदद कर रहा है। इससे कार्यस्थल, शिक्षण संस्थान और आर्थिक केंद्रों तक लोग अब आसानी से पहुंच पा रहे हैं, जिससे यात्रियों को रोज़मर्रा की ज़िंदगी में अधिक सुविधा मिल रही है और उनका समय भी बच रहा है। नमो भारत के दो और प्रायोरिटी कॉरिडोर- दिल्ली-पानीपत-करनाल और दिल्ली-गुरुग्राम-बहरोड़ को जल्द ही मंज़ूरी मिलने की संभावना है। इसके अलावा, दो अन्य कॉरिडोर- गाजियाबाद- जेवर और नोएडा- फरीदाबाद- गुरुग्राम भी अभी डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) के चरण में हैं।उन्होंने आगे कहा, "मेरा मानना है कि बेहतर परिवहन व्यवस्था न केवल शहरों के बीच की दूरी कम करती है, बल्कि लोगों को नए अवसरों से भी जोड़ती है, जिससे क्षेत्रीय विकास और आर्थिक प्रगति को गति मिलती है। मैं इस महत्वाकांक्षी परियोजना को साकार करने में एनसीआरटीसी के सभी अधिकारियों, इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों, कर्मचारियों और कामगारों के समर्पित योगदान की सराहना करता हूँ।"
नमो भारत का परिचालन अक्टूबर 2023 में साहिबाबाद और दुहाई डिपो के बीच 17 किलोमीटर के 'प्राथमिक खंड' के उद्घाटन के साथ शुरू हुआ। इसके बाद, पूरे कॉरिडोर को चरणबद्ध तरीके से चालू किया गया। 22 फरवरी 2026 को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ मेट्रो के साथ-साथ 82 किलोमीटर लंबे पूरे नमो भारत कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित किया। वर्तमान में, नमो भारत में प्रतिदिन 1.1 लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं। हाल ही में, इसने एक दिन में लगभग 1.68 लाख यात्रियों की अब तक की सर्वाधिक संख्या दर्ज की है। अपनी तेज़, बार-बार उपलब्ध होने वाली और भरोसेमंद सेवाओं के ज़रिए, नमो भारत लोगों को अधिक कुशलता से यात्रा करने में मदद कर रहा है। इससे कार्यस्थल, शिक्षण संस्थान और आर्थिक केंद्रों तक लोग अब आसानी से पहुंच पा रहे हैं, जिससे यात्रियों को रोज़मर्रा की ज़िंदगी में अधिक सुविधा मिल रही है और उनका समय भी बच रहा है। नमो भारत के दो और प्रायोरिटी कॉरिडोर- दिल्ली-पानीपत-करनाल और दिल्ली-गुरुग्राम-बहरोड़ को जल्द ही मंज़ूरी मिलने की संभावना है। इसके अलावा, दो अन्य कॉरिडोर- गाजियाबाद- जेवर और नोएडा- फरीदाबाद- गुरुग्राम भी अभी डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) के चरण में हैं।
इस अवसर पर इस परियोजना में योगदान करने वाले उन लोगों का भी सम्मान किया गया, जिनकी बदौलत यह बदलाव संभव हो सका है। सभा को संबोधित करते हुए, एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक श्री शलभ गोयल ने कहा, “एनसीआरटीसी की स्थापना देश में एक आधुनिक, सुरक्षित, भरोसेमंद और पर्यावरण के अनुकूल क्षेत्रीय परिवहन प्रणाली विकसित करने के उद्देश्य से की गई थी। आज जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं, तो यह गर्व की बात है कि हमने इस विजन को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे वास्तविकता में बदलने की दिशा में ठोस और उल्लेखनीय प्रगति की है।” उन्होंने उन परिवारों का विशेष आभार व्यक्त किया, जो हर चुनौती के समय टीम के सदस्यों के साथ मजबूती से खड़े रहे। उन्होंने उनके इस अटूट समर्थन को संगठन की यात्रा का एक अहम हिस्सा बताया।इस अवसर पर वार्षिक एनसीआरटीसी पुरस्कार समारोह भी आयोजित किया गया, जिसमें कर्मचारियों को वर्ष भर उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। पुरस्कार पाने वालों को उनके समर्पण और उत्कृष्टता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए सराहा गया और 'नमो भारत' के सफल क्रियान्वयन तथा संचालन में उनके अमूल्य योगदान की सराहना की गई। इन पुरस्कारों के माध्यम से न केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों का जश्न मनाया गया, बल्कि उस सामूहिक भावना और टीम वर्क को भी सम्मानित किया गया, जो एनसीआरटीसी की यात्रा को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं। इस उत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी समावेश रहा, जहाँ संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल में रंग भर दिया और नई ऊर्जा का संचार कियानमो भारत का सफर इस बात का प्रमाण है




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