रिजीम चेंज ना हुआ ना आगे होगा ...विजयदशमी कार्यक्रम में बोले मोहन भागवत

नई दिल्ली, 20 अक्टूबर 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन नहीं होगा उन्होंने व्यवस्था को खत्म करने की कोशिश कर रही ताकतों पर भी निशाना साधा । श्री भागवत में फ्रांस, अल्बानिया और बांग्लादेश में अशांति का जिक्र करते हुए कहा कि आंदोलन का मकसद समाधान तलाशना होना चाहिए ।राष्ट्रीय स्वयंसेवक प्रमुख ने कहा यह तूफान पश्चिम से उठा है ।जो व्यवस्था के हर स्वरूप के खिलाफ है ।भारत की विविधता और वैश्विक मंच पर देश के बढ़ते कद की सराहना करते हुए उन्होंने कहा भारत ,हिंदू और आरएसएस पर लोगों का भरोसा बढ़ रहा है।
हम बंट गए और कमजोर हुए....
संघ के 101 में स्थापना वर्ष के अवसर पर संघ प्रमुख ने कहा हम बंट गए और कमजोर हो गए जिसके कारण हमें गुलामी झेलनी पड़ी। कई महान लोगों के प्रयासों से हमने गुलामी से मुक्ति पाई । हमें एक बार फिर अपने भावनात्मक संबंधों को समझना होगा ।श्री भागवत ने कहा हमारा देश प्राकृतिक विविधता ,धर्म -जातियों, खान-पान और अन्य कई रूपों में विविधता से भरा है । इसलिए हमें ऐसी विचारधारा की आवश्यकता है जो इन सभी को स्वीकार करें और उनका सम्मान करें हमारी परंपरा हमारे सनातन परंपरा इस विचार को स्वीकार करती है।
संघ के संस्थापक हेडगेवार को पुष्पांजलि और गार्ड ऑफ ऑनर
नागपुर में हुए इस कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख के औपचारिक स्वागत राष्टीय स्वय सेवक संघ के संस्थापक हेडगेवार को पुष्पांजलि और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुई ।यह कार्यक्रम संघ के 101वें वर्ष की स्थापना के अवसर पर आयोजित किया गया । इससे पहले सोमवार को श्री भागवत ने नागपुर के धंतोली स्थित श्री श्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा मंडल में पूजा अर्चना की थी । महा अष्टमी के अवसर पर उन्होंने कहा कि श्रद्धालु मां दुर्गा का आशीर्वाद मांगते हैं क्योंकि संसार की हर गतिविधि उन्हीं की कृपा से संचालित होती है।
सही गलत का अंतर समझे
श्री भागवत ने कहा कि नई पीढ़ी में सही और गलत के बीच अंतर समझने की क्षमता विकसित करने पर भी जोर दिया उन्होंने कहा की नई पीढ़ी सीखने के लिए उत्सुक रहती है और नई चीज उसे आकर्षित करती है ।लेकिन उसे सही गलत का अंतर समझना चाहिए । भागवत ने ओटीटी प्लेटफॉर्म दूसरे माध्यमों पर नियम- अनुशासन पर शासन से बात करने का भी जी करके उन्होंने कहा समझ की कमी के कारण व्यक्तिगत पारिवारिक और सामाजिक जीवन में कई तरह के दुष्परिणाम देखने को मिलते हैं।
देशभर में पथ संचलन के कार्यक्रम आयोजित हुए
दशहरे के अवसर पर आरएसएस देश भर में पंथ संचलन के कार्यक्रम भी आयोजित करता है। यह परंपरा संघ की मजबूती और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है । यह परंपरा संघ की स्थापना के दिन से ही चली आ रही है ।शस्त्र पूजा से पहले मोहन भागवत ने स्मृति मंदिर में संघ संस्थापक डॉ केशव बलिराम हेडगेवार की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की । जैसा कि विदित है वर्ष 1925 में विजयदशमी के ही दिन नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई थी । डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार ने संघ की स्थापना की थी। विजयदशमी के अवसर पर आरएसएस देश भर में पथ संचालन के कार्यक्रम भी आयोजित करता है।




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