मान साहब को चांद तक होर्डिंग लगाने का शौक, लेकिन कर्मचारियों को उनके हक़ का डीए देने में हाथ तंग! : तरुण चुग

चंडीगढ़, 31 अक्टूबर 2026भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी एवं सांसद तरुण चुग ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा पंजाब सरकार को DA एरियर के भुगतान में देरी और अदालत के आदेशों की अवहेलना को लेकर लगाई गई कड़ी फटकार पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भगवंत मान सरकार की प्राथमिकताएं पूरी तरह उलट चुकी हैं। मान साहब को अपने और अपनी सरकार के प्रचार के लिए चांद तक होर्डिंग लगाने का शौक है, लेकिन पंजाब के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का जायज DA देने के नाम पर सरकार के हाथ तंग हो जाते हैं।
चुग ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि जिन कर्मचारियों ने अपना पूरा जीवन पंजाब की सेवा में लगा दिया, उन्हें अपने ही हक का महंगाई भत्ता प्राप्त करने के लिए अदालतों के दरवाजे खटखटाने पड़ रहे हैं। हाईकोर्ट ने 3 अगस्त को स्पष्ट निर्देश दिया था कि केंद्र सरकार के अनुरूप लंबित DA की सभी किस्तों का भुगतान दो सप्ताह के भीतर किया जाए, लेकिन भगवंत मान सरकार ने इस आदेश का पालन करने के बजाय मामले को लटकाने का रास्ता अपनाया। अदालत के आदेश के बावजूद कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को उनका हक नहीं मिलना सरकार की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
चुग ने कहा कि हाईकोर्ट की यह टिप्पणी कि सरकार चाहे चांद या मंगल ग्रह पर अपने होर्डिंग लगा ले, लेकिन पहले अपनी वैधानिक जिम्मेदारियां पूरी करे, मान सरकार के लिए एक करारी फटकार है। सरकार जनता के पैसे से अपनी राजनीतिक छवि चमकाने और विज्ञापनों के जरिए अपनी उपलब्धियों का ढोल पीटने में व्यस्त है, जबकि दूसरी ओर अपने ही कर्मचारियों के बकाया भुगतान से मुंह मोड़ रही है।
उन्होंने कहा कि मान सरकार की कार्यप्रणाली का इससे बड़ा उदाहरण क्या होगा कि सुप्रीम कोर्ट में अपनी अपील की सुनवाई सुनिश्चित करवाने के लिए जरूरी मात्र ₹520 की कोर्ट फीस तक जमा नहीं करवाई गई। हाईकोर्ट को यह तक पूछना पड़ा कि क्या पंजाब सरकार के पास ₹520 भी नहीं हैं? सरकार दूसरी अपीलों को 24 घंटे में सूचीबद्ध करवाने में सक्षम है, लेकिन कर्मचारियों के DA से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में अपनी अपील की खामियां दूर करवाने और सुनवाई सुनिश्चित करने में दो महीने से अधिक समय बीत गया। यह सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
चुग ने कहा कि भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की राजनीति केवल विज्ञापनों, बड़े-बड़े दावों और प्रचार तक सीमित रह गई है। पंजाब के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के अधिकारों की अनदेखी करके कोई भी सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। DA कोई खैरात नहीं, बल्कि कर्मचारियों का वैधानिक अधिकार है। सरकार को यह समझना होगा कि अदालत के आदेशों का पालन करना उसकी संवैधानिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी है, न कि उसकी राजनीतिक सुविधा का विषय।
चुग ने मांग की कि भगवंत मान सरकार तत्काल हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करे और कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों की लंबित DA किस्तों का भुगतान सुनिश्चित करे। पंजाब के खजाने का इस्तेमाल मान साहब की होर्डिंगबाजी और राजनीतिक प्रचार के लिए नहीं, बल्कि पंजाब के लोगों और कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए होना चाहिए।




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