दिवाली पर कारोबार में उछाल, दिल्ली का व्यापार 80,000 करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद

7 November, 2026, 1:27 pm

नई दिल्ली, 7 नवंबर 2026। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई)   ने शनिवार को बताया कि दिवाली के त्योहारी सीजन के दौरान देशभर में कारोबार लगभग 5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद है।कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने भी अब तक दिल्ली में दिवाली का कुल व्यापार ₹1 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार करने का दावा किया है । सीटीआई के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने कहा कि त्योहारी सीजन ने देशभर के व्यापारियों के लिए कारोबार के महत्वपूर्ण अवसर पैदा किए हैं, क्योंकि स्वदेशी उत्पादों की उपभोक्ताओं के बीच मजबूत मांग देखी जा रही है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के जिन व्यापारियों को पिछले महीने रैलियों और विरोध प्रदर्शनों के कारण कारोबार में बाधाओं का सामना करना पड़ा था, अब दिवाली की खरीदारी के बंपर सीजन से अपने नुकसान की भरपाई करने की उम्मीद कर रहे हैं। गोयल के अनुसार, अनुमानित 5 लाख करोड़ रुपए के देशभर के कारोबार में दिवाली की खरीदारी और विभिन्न संबंधित सेवाओं से उत्पन्न कारोबार शामिल है।

ऑटोमोबाइल उद्योग की सर्वोच्च संस्था द्वारा हाल ही में जारी एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि देशभर में खुदरा ऑटोमोबाइल बिक्री में 55 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। दोपहिया, तिपहिया, वाणिज्यिक वाहन, यात्री वाहन और ट्रैक्टरों की बिक्री में क्रमशः 52 प्रतिशत, 110 प्रतिशत, 48 प्रतिशत, 70 प्रतिशत और 58 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि ये आंकड़े मजबूत उपभोक्ता मांग को दर्शाते हैं और त्योहारी सीजन के दौरान सकारात्मक व्यावसायिक दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करते हैं। गोयल ने आगे कहा कि दिवाली के त्योहार के दौरान किफायती वस्तुओं से लेकर प्रीमियम उत्पादों तक लगभग पांच करोड़ उपहारों का आदान-प्रदान हुआ, जिससे त्योहारी बिक्री में काफी योगदान मिला।

सीटीआई ने कहा कि उसने होटल और बैंक्वेट एसोसिएशन, रेस्तरां और मॉल एसोसिएशन, सिनेमा एसोसिएशन, शॉपिंग सेंटर एसोसिएशन, ऑटोमोबाइल डीलर एसोसिएशन, मेकअप और सैलून एसोसिएशन, टूर एंड ट्रैवल एसोसिएशन, मार्केट एसोसिएशन और उद्योग निकायों के प्रतिनिधियों से परामर्श के बाद अपने अनुमानित व्यावसायिक अनुमान तैयार किए हैं।

व्यापारियों के संगठन ने एक बयान में कहा कि इस साल दिवाली के मौसम में स्वदेशी उत्पादों की खरीद-बिक्री पर विशेष जोर दिया जा रहा है और भारतीय निर्मित वस्तुओं की लोकप्रियता उपभोक्ताओं के बीच बढ़ रही है। संगठन ने यह भी कहा कि जीएसटी सुधारों से भारतीय उत्पादों को अधिक मान्यता मिली है और स्थानीय स्तर पर निर्मित वस्तुओं की मांग मजबूत हुई है।

घर की सजावट के सामान, दिवाली पूजा की सामग्री, मिट्टी के दीये, देवी-देवताओं की मूर्तियां, दीवार पर टांगने वाली वस्तुएं, हस्तशिल्प और शुभ-लाभ और ओम जैसे पारंपरिक शुभ प्रतीक, और उन उत्पादों में शामिल हैं जिनकी मांग देखी जा रही है। देवी-लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा से संबंधित वस्तुएं, साथ ही स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और कुशल श्रमिकों द्वारा निर्मित सजावटी उत्पाद भी त्योहारी बिक्री में महत्वपूर्ण योगदान देने की उम्मीद है।


दिल्ली और देशभर में दिवाली व्यापार ने बनाया नया रिकॉर्ड

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के अनुसार अब तक दिल्ली में दिवाली का कुल व्यापार ₹1 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुका है, जबकि देशभर में दिवाली से संबंधित कारोबार ₹6 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। बाजारों में ग्राहकों की लगातार बढ़ती भीड़ और खरीदारी के उत्साह को देखते हुए यह आंकड़ा 7 लाख करोड़ के कारोबार को पार करेगा।

उन्होंने कहा कि इस बार बाजारों में एक विशेष परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। ग्राहक भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और स्वदेशी अपनाने के आह्वान का व्यापक प्रभाव बाजारों में दिखाई दे रहा है। भारतीय कारीगरों, निर्माताओं, छोटे उद्योगों और स्थानीय उद्यमियों के उत्पादों को ग्राहकों का भरपूर समर्थन मिल रहा
इस वर्ष दिवाली की खरीदारी में अनेक श्रेणियों में जबरदस्त मांग देखी जा रही है। इनमें प्रमुख हैं जिसमें सोना, चांदी एवं आभूषण: सोने के आभूषण, चांदी के सिक्के, मूर्तियां और हल्के वजन के आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं घरेलू उपकरण: मोबाइल फोन, एलईडी टीवी, रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन, एयर कंडीशनर और अन्य घरेलू उपकरण, कपड़े एवं फैशन: साड़ियां, सूट, कुर्ते, रेडीमेड गारमेंट्स, बच्चों के कपड़े और पारंपरिक परिधान, पूजा एवं सजावटी सामग्री: मिट्टी के दीये, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, पूजा थालियां, बंदनवार, रंगोली, मोमबत्तियां और लाइटिंग, मिठाइयां एवं खाद्य पदार्थ: पारंपरिक मिठाइयां, ड्राई फ्रूट्स, नमकीन, चॉकलेट, गिफ्ट पैक और खाद्य सामग्री, फर्नीचर एवं घरेलू साज-सज्जा: फर्नीचर, होम डेकोर, किचनवेयर, बर्तन और फर्निशिंग उत्पाद, खिलौने एवं उपहार: भारतीय खिलौने, बच्चों के उत्पाद, कॉरपोरेट गिफ्ट और पारंपरिक उपहार सामग्री, ऑटोमोबाइल एवं दोपहिया वाहन: कारों, स्कूटरों, मोटरसाइकिलों तथा व्यावसायिक वाहनों की खरीद में भी उत्साह दिखाई दे रहा है, हस्तशिल्प एवं स्वदेशी उत्पाद: खादी, हथकरघा, हस्तनिर्मित सजावटी वस्तुएं, स्थानीय कारीगरों के उत्पाद और महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार वस्तुएं प्रमुख हैं 

लोकप्रिय