राजधानी की प्रदूषित हवा को साफ करेगा, आईटीओ, मुकरबा चौक पर शुरू

नई दिल्ली,26 सितम्बर: दिल्ली के दो सबसे व्यस्त चौराहे आईटीओ और मुकरबा चौक पर आपको कल से सांस लेने में हवा कुछ साफ महसूस होगी। काउंसिल ऑफ साइंस एंड इंडस्ट्रीयल रिसर्च-नेशनल एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट(सीएसआईआर-नीरी) की तरफ से विकसित विंड ऑगमेंटेशन प्यूरिंग यूनिट (वायु) का आईटीओ और मुकरबा चौक केंद्रीय विज्ञान एवं तकनीक मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने मंगलवार को शुभारंभ किया।
बस क्यू शेल्टर में भी लगेगा
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डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि 15 अक्टूबर तक दिल्ली के अलग-अलग चौराहों पर 54 एयर प्यूरीफायर लगाए जाएंगे। दिल्ली के चौराहों पर लगने वाले ये यंत्र 500 वर्गमीटर में हवा साफ करेंगे जबकि सीएसआईआर-नीरी भविष्य में 10 किलोमीटर तक की हवा साफ करने वाला यंत्र को विकसित करने पर काम कर रहा है। इस एयर प्यूरीफायर को 10 घंटे चलाने में सिर्फ आधा यूनिट बिजली और मासिक 1500 रुपए रखरखाव पर खर्च होंगे।
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केन्द्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि इस एयर प्यूरीफायर का अपग्रेड और बड़ा वर्जन विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। ये नया वर्जन 10 वर्ग किलोमीटर तक की हवा साफ करेगा। इसके साथ ही एक वर्जन बस क्यू शेल्टर में लगाने के लिए भी विकसित कर रहे हैं।
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यह हवा साफ करने की एक मशीन है जिसे व्यस्त व प्रदूषित चौराहों पर लगेगा। यह धूल कणों को सोख लेगा। वायु यंत्र दो सिद्धांत पर काम करेगा। पहले हवा में जो प्रदूषित कण है उसे सोखेगा। फिर एक्टिव प्रदूषण उसमें से हटा देगा। ये यंत्र पर्टिकुलेट मैटर निकालकर उसमें कार्बन एक्टिवेट करेगा। लैंप जहरीली गैस और कार्बन मोनोऑक्साइड को हवा से खत्म करेगा। यंत्र में 1 पंखा और 1 फिल्टर है जो पर्टिकुलेट मैटर को सोखेगा। 2 लैंप और आधा किलो कार्बन चारकोल जिसमें टाइटेनियम डाईऑक्साइड कैमिकल मिला होगा, वो भी यंत्र में होगा।
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नीरी ने दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी को शवदाह गृहों में धुएं को रोकने के लिए स्क्रबर और ढाबों में इस्तेमाल के लिए खास तरह का तंदूर डिजाइन सौंपा है। ये शवदाह गृहों व ढाबों में होने वाले प्रदूषण को 40% तक कम होंगे।


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