पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही  भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान यात्रा का नेतृत्व करेंगे । 

21 September, 2026, 10:26 am

पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’  केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान यात्रा का नेतृत्व करेंगे ।

अपनी यात्रा के दौरान, केन्द्रीय मंत्री  नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ भाजपा के अभियान में शामिल होने से पहले तलवंडी साबो में तख्त श्री दमदमा साहिब में मत्था टेकेंगे। सुबह 10:00 बजे, वह तलवंडी साबो में रविदासिया चौक पर स्थित दाना मंडी में ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ का उद्घाटन करेंगे और उसमें हिस्सा लेंगे।

केंद्रीय मंत्री मैसरखाना में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे और बठिंडा में किसानों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के साथ सीधी बातचीत करेंगे। उनकी यह भागीदारी ऐसे समय में हो रही है जब चार दिन का यह अभियान अपने आखिरी चरण में है; यात्रा बठिंडा पहुंचेगी और भाजपा के राज्य-व्यापी जनसंपर्क कार्यक्रम का समापन होगा।

भाजपा ने 18 सितंबर को बड़े पैमाने पर ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ शुरू की थी, और यह अभियान पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से होकर गुजरा है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शुक्रवार को पठानकोट जिले के माधोपुर में एकता स्थल से पहली यात्रा को हरी झंडी दिखाई थी।
दूसरी यात्रा 19 सितंबर को फतेहगढ़ साहिब से शुरू हुई थी और इसे दिल्ली की नेता रेखा गुप्ता ने हरी झंडी दिखाई थी।

तीसरी यात्रा 20 सितंबर को फाजिल्का में सादिकी बॉर्डर से, आसफवाला 1971 युद्ध स्मारक के पास, शुरू हुई थी और इसे कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने हरी झंडी दिखाई थी। चार दिन की यह यात्रा पठानकोट में शुरू हुई थी और बठिंडा में इसका समापन होगा। इस दौरान राज्य के कई अहम जिलों को कवर किया जाएगा।

यह अभियान नशीली दवाओं के दुरुपयोग के मुद्दे पर केंद्रित है, जो पंजाब में एक बड़ी चिंता और राजनीतिक चर्चा का अहम विषय रहा है। इस यात्रा के जरिए, भाजपा नशीली दवाओं के बुरे असर के बारे में जागरूकता फैलाना चाहती है और नशा-मुक्त पंजाब बनाने के लिए अपनी सोच और प्रस्तावित योजना को सामने रखना चाहती है।
पंजाब में नशा केवल सामाजिक संकट नहीं, अब सरकार की जवाबदेही और कानून-व्यवस्था की परीक्षा बन चुका है। ड्यूटी पर पुलिस अधिकारियों की लगातार हत्याएं और भाजपा की ‘नशामुक्त पंजाब यात्रा’ ने भगवंत मान सरकार को एक बार फिर उसी सवाल के सामने खड़ा कर दिया है, जिसके जवाब के वादे के साथ आम आदमी पार्टी सत्ता में आई थी ।पंजाब से नशा कब खत्म होगा?

पंजाब में 18 सितंबर की रात अमृतसर के भक्तांवाला अनाज मंडी के पास ड्यूटी से लौट रहे एएसआई हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दोपहिया वाहन पर आए हमलावरों ने उन्हें नजदीक से निशाना बनाया। यह घटना अकेली नहीं है। इस साल  फरवरी में गुरदासपुर में एएसआई गुरनाम सिंह और होमगार्ड जवान अशोक कुमार की हत्या हुई थी, जबकि मई में एएसआई जोगा सिंह की हत्या हुई। सितंबर की अमृतसर घटना ने पुलिसकर्मियों को निशाना बनाए जाने की चिंता को और गंभीर कर दिया है।

 सवाल यह है कि क्या पंजाब में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी सुरक्षित हैं? क्या अपराधियों के भीतर पुलिस और कानून का डर बचा है? और क्या सरकार अपराध के उन नेटवर्क तक पहुंच पा रही है जो हथियार, नशे और संगठित अपराध से जुड़े हो सकते हैं?

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