दीनदयाल जी ने अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को दी सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री

25 September, 2026, 12:55 pm

 

लखनऊ, 25 सितंबर। 'अंत्योदय' के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती शुक्रवार को मनाई गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा निवेदित की। 

मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट कर पं. दीनदयाल उपाध्याय के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने लिखा कि 'एकात्म मानववाद' एवं 'अंत्योदय' के प्रणेता, प्रखर राष्ट्रचिंतक एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य, श्रद्धेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों पर आधारित विकास की ऐसी अवधारणा प्रस्तुत की, जिसमें समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। मुख्यमंत्री ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के चिंतन को आज भी समावेशी, आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण का प्रेरणास्रोत बताया।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने अंत्योदय व एकात्म मानववाद के प्रणेता और भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि विकास के केंद्र में लोगों को रखने और पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति के उत्थान के उनके शाश्वत आदर्श, समावेशी प्रगति, सामाजिक न्याय और राष्ट्र-निर्माण की हमारी सामूहिक यात्रा को निरंतर प्रेरित करते हैं।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “पंडित दीनदयाल उपाध्याय को उनकी जयंती पर मैं सादर नमन करता हूं। एक दूरदर्शी विचारक, देशभक्त और ‘एकात्म मानववाद’ व ‘अंत्योदय’ के पुरोधा के रूप में, विकास के केंद्र में लोगों को रखने और पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति के उत्थान के उनके शाश्वत आदर्श, समावेशी प्रगति, सामाजिक न्याय और राष्ट्र-निर्माण की हमारी सामूहिक यात्रा को निरंतर प्रेरित करते हैं

केंद्रीय संसदीय और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय को नमन किया। उन्होंने लिखा, “भारतीय चिंतन, सांस्कृतिक मूल्यों और मानव कल्याण पर आधारित ‘एकात्म मानववाद’ उनके समग्र दृष्टिकोण का दर्शन है। ‘अनेकता में एकता और विभिन्न रूपों में एकता की अभिव्यक्ति’ वाली भारतीय संस्कृति की उनकी सोच आज भी समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान और राष्ट्रहित के लिए मार्गदर्शक है। राष्ट्रसेवा के प्रति उनका समर्पित जीवन हम सभी के लिए सदैव प्रेरणादायी रहेगा।”

केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लिखा, “प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक, अंत्योदय और एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। उन्होंने सदैव राष्ट्रसेवा, स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान को केंद्र में रखा। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के विचार और आदर्श हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।” वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “भारत माता के महान सपूत और एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन।”

उन्होंने लिखा, “दीनदयाल ने भारतीय चिंतन के आधार पर ऐसी विकास दृष्टि प्रस्तुत की, जिसमें समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रगति का लाभ पहुंचाना केंद्र में रहा। उनका अंत्योदय का विचार आज भी राष्ट्र के समावेशी विकास और जनकल्याण की दिशा में हमारा मार्गदर्शन करता है। उनका जीवन राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।

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