‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ ने अमृतसर में जगाया जनजागरण, तरुण चुग ने कहा — नशा पंजाब की पहचान नहीं, पंजाब पर हमला है

25 September, 2026, 5:39 pm

 


अमृतसर, 25 सितंबर 2026:भारतीय जनता पार्टी की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के अमृतसर केंद्रीय विधानसभा क्षेत्र में पहुंचने पर लोहगढ़ साहिब में यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। युवाओं ने शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह की पीली पगड़ी पहनकर नशा न करने और पंजाब को नशा मुक्त बनाने के संकल्प में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। लोहगढ़ साहिब में उमड़ी युवा शक्ति ने स्पष्ट संदेश दिया कि पंजाब की जवानी नशे की गिरफ्त में नहीं, बल्कि शहीदों की सोच, खेल, शिक्षा, रोजगार और राष्ट्र निर्माण के रास्ते पर आगे बढ़ेगी। इसके बाद यात्रा लाहौरी गेट से हॉल गेट तक पहुंची, जहां भी बड़ी संख्या में लोगों ने यात्रा का स्वागत किया।

इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी एवं सांसद तरुण चुग ने कहा कि पंजाब की धरती गुरुओं की वाणी, सेवा, त्याग, शौर्य, मेहनत और देशभक्ति की धरती है। नशा पंजाब की पहचान, संस्कृति या परंपरा नहीं है। नशा पंजाब पर हमला है और इस हमले के खिलाफ अब पंजाब की जनता को एकजुट होकर निर्णायक लड़ाई लड़नी होगी।

तरुण चुग ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पठानकोट से ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ का शुभारंभ किया। इसके बाद फतेहगढ़ साहिब से दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, फाजिल्का से केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और तलवंडी साबो, बठिंडा से केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यात्राओं को आगे बढ़ाया। चारों यात्राएं पंजाब के शहरों, गांवों, गलियों और बस्तियों तक पहुंचकर जनता से सीधा संवाद कर रही हैं। पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में इन यात्राओं के माध्यम से जनजागरण को जनआंदोलन में बदलने का प्रयास किया जा रहा है।

चुग ने कहा कि जिस हाथ में कबड्डी की ट्रॉफी होनी चाहिए, उस हाथ में नशे की सिरिंज नहीं हो सकती। जिस कंधे पर देश का भविष्य होना चाहिए, उस कंधे पर नशे का बोझ नहीं हो सकता। लोहगढ़ साहिब में पीली पगड़ी पहनकर युवाओं द्वारा लिया गया संकल्प इसी नए पंजाब की तस्वीर है।

चुग ने कहा कि भाजपा के पांच स्पष्ट संकल्प हैं: नशा तस्करों के नेटवर्क पर कठोर प्रहार, पूरी सप्लाई चेन को तोड़ना, ड्रग मनी और उससे बनाई गई संपत्तियों पर कार्रवाई, नशे में फंसे युवाओं का इलाज एवं पुनर्वास और माता-पिता, शिक्षक, धार्मिक संस्थाओं, डॉक्टरों, खिलाड़ियों तथा सामाजिक संगठनों की भागीदारी से इस लड़ाई को जनआंदोलन बनाना।

उन्होंने कहा कि सीमा की रक्षा हमारा जवान करता है, लेकिन घर के भीतर पंजाब की जवानी की रक्षा समाज को करनी होगी। जिस मिट्टी ने शहीद भगत सिंह जैसे वीर पैदा किए हैं, उस मिट्टी का भविष्य नशा माफिया तय नहीं कर सकता।

तरुण चुग ने कहा कि पंजाब की माताओं का दर्द किसी आंकड़े में नहीं समा सकता। सुल्तानपुर लोधी की मंजीत कौर द्वारा नशे के कारण अपने पांच बेटों को खोने का उदाहरण बताता है कि यह केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि परिवारों और पंजाब के भविष्य का सवाल है।

उन्होंने कहा कि NCRB की 2024 रिपोर्ट में पंजाब में ड्रग ओवरडोज से 106 मौतें दर्ज होना केवल एक संख्या नहीं, बल्कि 106 परिवारों का दर्द है। अब केवल आंकड़े गिनने का नहीं, आंकड़े बदलने का समय है।

भगवंत मान सरकार पर निशाना साधते हुए चुग ने कहा कि नशा खत्म करने के नाम पर तारीखें, घोषणाएं और नारे बहुत हो चुके हैं। पंजाब की माताएं आज भी पूछ रही हैं कि उनका बच्चा कब बचेगा। सरकारें भाषणों, पोस्टरों और तारीखों से नहीं, परिणामों से चलती हैं। अब पंजाब को तारीख नहीं, कार्रवाई चाहिए और नारा नहीं, परिणाम चाहिए।

कानून-व्यवस्था पर बोलते हुए चुग ने कहा कि पंजाब में गैंगस्टर नेटवर्क, रंगदारी और अपराधियों के कारण पैदा हुए भय के वातावरण को समाप्त करना जरूरी है। पुलिस प्रतिष्ठानों पर हमले, धार्मिक स्थलों पर गोलीबारी और ग्रेनेड हमलों की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। भाजपा पंजाब को इस भय के वातावरण से बाहर निकालने के लिए जनता को साथ लेकर जनजागरण का अभियान चला रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने आतंकवाद और नक्सलवाद जैसी गंभीर चुनौतियों के खिलाफ निर्णायक संघर्ष किया है। अब उसी संकल्प के साथ नशा मुक्त पंजाब के लिए अभियान चलाया जाएगा। चार दिशाओं से निकली ये यात्राएं हर गांव, हर शहर, हर परिवार, हर युवा और हर मां तक पहुंचेंगी।

चुग ने कहा कि चार दिशाएं हैं, लेकिन आवाज एक है — नशा मुक्त पंजाब। उन्होंने पंजाब की जनता से अपील की कि इस यात्रा को केवल यात्रा न रहने दें, बल्कि इसे जनआंदोलन बनाएं। पंजाब की पहचान बचाने, पंजाब की जवानी बचाने और पंजाब के परिवारों को बचाने के लिए हर नागरिक इस अभियान का हिस्सा बने।

बहुत हुई तारीख पर तारीख, अब चाहिए कार्रवाई। बहुत हुए नारे, अब चाहिए परिणाम। नशा पंजाब की पहचान नहीं — नशा पंजाब पर हमला है।


 

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