भारत की पहली LNG चालित ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर किया गया शुभारंभ

27 September, 2026, 10:25 pm

अहमदाबाद, 27 सितंबर 2026: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज साबरमती में विभिन्न महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास एवं शुभारंभ किया। इन परियोजनाओं से रेल सुरक्षा, परिचालन क्षमता, माल ढुलाई, पर्यावरण संरक्षण तथा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।

इस अवसर पर श्री अमित शाह ने WAG-12 विद्युत इंजन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा ₹700 करोड़ की लागत से विकसित WAG-12 साबरमती लोकोमोटिव मेंटेनेंस शेड का लोकार्पण किया। इसके साथ ही साबरमती–साणंद–जखवाड़ा एवं साबरमती–कलोल–भांडू मोटीदाऊ रेलखंड पर 122.57 किलोमीटर में स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली का लोकार्पण और अहमदाबाद–पालनपुर एवं अहमदाबाद–सामाखियाली रेलखंड पर कुल 404 किलोमीटर में कवच प्रणाली तथा साबरमती–सरखेज रेल लाइन के दोहरीकरण का शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर भारत की पहली LNG संचालित ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

WAG-12 लोकोमोटिव मेंटेनेंस शेड का लोकार्पण

श्री अमित शाह ने कहा कि साबरमती में ₹700 करोड़ की लागत से WAG-12 लोकोमोटिव मेंटेनेंस शेड का निर्माण किया गया है। WAG-12 उच्च क्षमता वाला विद्युत माल लोकोमोटिव है, जिसकी ट्विन-सेक्शन क्षमता 12,000 हॉर्स पावर है। इसकी उच्च क्षमता के कारण भारी एवं लंबी मालगाड़ियों के संचालन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि पहले जहां भारी मालगाड़ियों के लिए दो लोकोमोटिव लगाने पड़ते थे, वहीं WAG-12 जैसे उच्च क्षमता वाले लोकोमोटिव से माल परिवहन की दक्षता बढ़ेगी। इससे देश में माल ढुलाई की क्षमता को नई मजबूती मिलेगी और गुजरात सहित देश के औद्योगिक एवं वाणिज्यिक क्षेत्रों को लाभ होगा।

इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक अहमदाबाद, श्री वेद प्रकाश ने कहा कि विश्व के शक्तिशाली विद्युत माल लोकोमोटिवों में शामिल WAG-12 के लिए साबरमती में लगभग ₹700 करोड़ की लागत से विकसित अत्याधुनिक अनुरक्षण शेड का लोकार्पण भी भारतीय रेलवे के माल परिवहन ढांचे को नई मजबूती प्रदान करेगा। WAG-12 लोकोमोटिव की उच्च क्षमता के कारण डबल-स्टैक कंटेनर तथा लंबी एवं भारी मालगाड़ियों का प्रभावी संचालन संभव होगा। इससे गुजरात के कृषि एवं औद्योगिक उत्पादों को देश के विभिन्न हिस्सों तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक अधिक दक्षता से पहुंचाने में सहायता मिलेगी।

भारत की पहली LNG संचालित ट्रेन को हरी झंडी

भारत की पहली LNG संचालित ट्रेन की शुरुआत को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए श्री अमित शाह ने कहा कि यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। LNG आधारित रेल परिवहन से ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा मिलेगा तथा आने वाले समय में भारतीय रेलवे को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई तकनीकों को अपनाया जा रहा है।

श्री वेद प्रकाश ने कहा कि देश में स्वदेशी तकनीक से निर्मित वंदे भारत ट्रेनें अपनी सेवाएं दे रही हैं, नमो भारत ट्रेनें शहरों के बीच कनेक्टिविटी को नई गति प्रदान कर रही हैं तथा हाइड्रोजन ट्रेन जैसी नई तकनीकों की दिशा में भी भारतीय रेलवे आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि इसी विकास यात्रा की अगली महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में आज माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के कर-कमलों से भारत की पहली LNG संचालित ट्रेन को राष्ट्र को समर्पित किया गया है। इसके लिए उन्होंने माननीय गृह मंत्री जी का आभार व्यक्त किया।

स्वचालित सिग्नलिंग प्रणाली से बढ़ेगी रेलखंड की क्षमता

श्री वेद प्रकाश ने कहा कि अधिक ट्रेनों के संचालन के लिए केवल नई रेल लाइनों का निर्माण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि आधुनिक और सक्षम सिग्नलिंग प्रणाली भी आवश्यक है। इसी दिशा में साबरमती–साणंद–जखवाड़ा एवं साबरमती–कलोल–भांडू मोटीदाऊ रेलखंड पर 122.57 किलोमीटर में स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली का प्रावधान किया गया है। इससे ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए रेलखंड की क्षमता में वृद्धि होगी तथा अधिक ट्रेनों का सुरक्षित और सुचारु संचालन संभव होगा।

अहमदाबाद मंडल में 404 किलोमीटर रेलखंड पर कवच प्रणाली का कार्य

श्री अमित शाह ने रेलवे सुरक्षा के लिए किए जा रहे निवेश का उल्लेख करते हुए कहा कि रेलवे सुरक्षा के बजट में 67 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि लोकोमोटिव उत्पादन क्षमता में 66 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने कवच जैसी स्वदेशी सुरक्षा प्रणालियों के माध्यम से रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक सिग्नलिंग, कवच और अन्य तकनीकी प्रणालियां भारतीय रेलवे की सुरक्षा एवं परिचालन क्षमता को नई मजबूती प्रदान कर रही हैं।

DRM ने बताया कि कवच भारत में विकसित स्वदेशी Automatic Train Protection प्रणाली है, जो Safety Integrity Level-4 मानकों के अनुरूप प्रमाणित तकनीक है। अहमदाबाद मंडल में लगभग ₹411 करोड़ की लागत से कुल 404 किलोमीटर रेलखंड पर कवच प्रणाली का कार्य किया जा रहा है। इसमें अहमदाबाद–पालनपुर का 157 किलोमीटर तथा अहमदाबाद–सामाखियाली का 247 किलोमीटर रेलखंड शामिल है।

साबरमती–सरखेज रेल लाइन के दोहरीकरण का शिलान्यास

श्री वेद प्रकाश ने कहा कि साबरमती–सरखेज रेलखंड का दोहरीकरण क्षेत्र की रेल क्षमता और कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा। बढ़ती यात्री एवं माल परिवहन आवश्यकताओं को देखते हुए यह परियोजना अहमदाबाद क्षेत्र के रेल नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।

भारतीय रेलवे में आधुनिकीकरण और तकनीकी परिवर्तन

श्री अमित शाह ने वर्ष 2014 के बाद भारतीय रेलवे में हुए आधुनिकीकरण और तकनीकी परिवर्तन का उल्लेख करते हुए कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, रैपिड रेल सिस्टम, आधुनिक एवं प्रीमियम रेलवे स्टेशन तथा नई पीढ़ी की रेल सेवाओं जैसी अनेक महत्वपूर्ण पहलें शुरू की गई हैं।

उन्होंने JNPT मुंबई से वडोदरा तक पहली लॉन्ग-हॉल डबल-स्टैक कंटेनर ट्रेन के सफल ट्रायल का उल्लेख करते हुए कहा कि डबल-स्टैक मालगाड़ियों के माध्यम से उपलब्ध रेल पटरियों पर माल परिवहन की क्षमता को काफी बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने लगभग 11,000 किलोमीटर लंबे रेल कॉरिडोर को फोर-लेन नेटवर्क के रूप में विकसित करने की दिशा में किए जा रहे कार्यों का भी उल्लेख किया, जिससे भविष्य में माल एवं यात्री परिवहन क्षमता को और मजबूती मिलेगी।

उन्होंने भारतीय रेलवे में हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत का उल्लेख करते हुए कहा कि देश नई ऊर्जा आधारित रेल तकनीकों को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बायो-टॉयलेट, LHB कोच तथा स्वदेशी लोकोमोटिव निर्माण के क्षेत्र में हुई प्रगति को भी रेखांकित किया।

उन्होंने कहा कि रेलवे में ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना के अनुरूप स्वदेशी तकनीक एवं उत्पादन क्षमता को लगातार बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आधुनिक लोकोमोटिव की लागत का लगभग 94 प्रतिशत हिस्सा देश में निर्मित किया जा रहा है और इसे भविष्य में 100 प्रतिशत तक ले जाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

रेलवे विद्युतीकरण में तेजी, डीजल की खपत में कमी

श्री अमित शाह ने भारतीय रेलवे के विद्युतीकरण में हुई तेज प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2010-11 में जहां एक वर्ष में लगभग 75 किलोमीटर रेल मार्ग का विद्युतीकरण किया जाता था, वहीं वर्ष 2023-24 में लगभग 7,188 किलोमीटर रेल मार्ग का विद्युतीकरण किया गया। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे के लगभग 99.6 प्रतिशत नेटवर्क का विद्युतीकरण हो चुका है तथा शेष कार्य भी शीघ्र पूरा किया जाएगा।

उन्होंने रेलवे में डीजल की खपत में आई कमी का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2015-16 में रेलवे द्वारा लगभग 293 करोड़ लीटर डीजल का उपयोग किया जाता था, जो वर्ष 2024-25 में घटकर लगभग 108 करोड़ लीटर रह गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक रेलवे में डीजल की खपत को शून्य करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने इसे भारतीय रेलवे के ऊर्जा संक्रमण और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

गुजरात में रेलवे बजट बढ़कर ₹17,366 करोड़ हुआ

गुजरात में रेलवे के विकास और बढ़ते निवेश का उल्लेख करते हुए श्री अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले के पांच वर्षों में गुजरात के लिए रेलवे बजट लगभग ₹589 करोड़ था, जबकि वर्ष 2026-27 में गुजरात के लिए रेलवे बजट बढ़कर ₹17,366 करोड़ हो गया है।

उन्होंने कहा कि गुजरात में रेलवे अवसंरचना के विकास को बड़े पैमाने पर गति मिली है और नई रेल लाइन, दोहरीकरण, विद्युतीकरण, आधुनिक सिग्नलिंग, माल परिवहन तथा यात्री सुविधाओं के क्षेत्र में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से गुजरात की कनेक्टिविटी, औद्योगिक विकास, माल परिवहन क्षमता और यात्री सुविधाओं को और मजबूती मिलेगी।

साबरमती स्टेशन से मेट्रो, बस स्टैंड और भविष्य की रेल सेवाओं तक कनेक्टिविटी

इस अवसर पर श्री अमित शाह ने कहा कि आज साबरमती में भारतीय रेल की विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास एवं शुभारंभ हुआ है। इनमें कुछ परियोजनाएं पर्यावरण संरक्षण, कुछ यात्री सुविधाओं तथा कुछ रेल यात्रियों की सुरक्षा से संबंधित हैं। साबरमती स्टेशन से मेट्रो रेल, एसटी बस स्टैंड तथा भविष्य की तीव्र गति वाली रेल सेवाओं तक कनेक्टिविटी उपलब्ध हो रही है।

गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति

इस अवसर पर गुजरात के  मुख्यमंत्री  भूपेंद्र पटेल,  उप मुख्यमंत्री  हर्ष संघवी,  राज्य मंत्री  दर्शनाबेन वाघेला,  सांसद  हसमुखभाई पटेल,  महापौर  हितेशभाई बारोट,  विधायकगण  हर्षदभाई पटेल,  अमितभाई शाह,  अमितभाई ठाकर,  जितेंद्रभाई पटेल, कौशिकभाई जैन,  दिनेश कुशवाह,  पायलबेन कुकरानी,  कंचनबेन राधडिया,  अमूलभाई भट्ट,  बाबुभाई पटेल एवं  हसमुखभाई पटेल उपस्थित रहे।

 

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