बर्लिन मैराथन में इथियोपिया का दबदबा, गुए अदोला ने जीती पुरुषों की रेस; अससेफा रिकॉर्ड से चूकीं
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बर्लिन, 27 सितंबर। इथियोपिया के धावकों ने रविवार को आयोजित बर्लिन मैराथन में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में शानदार प्रदर्शन किया। गुए अदोला ने पुरुषों की मैराथन 2 घंटे 2 मिनट 50 सेकंड में जीतकर दूसरी बार बर्लिन मैराथन का खिताब अपने नाम किया। वहीं महिला वर्ग में इथियोपिया की टिग्स्ट अससेफा ने जीत दर्ज की, लेकिन आखिरी चरण में चोट के कारण विश्व रिकॉर्ड बनाने का उनका सपना अधूरा रह गया।
अससेफा दौड़ के अधिकांश हिस्से में विश्व रिकॉर्ड की ओर तेजी से बढ़ रही थीं। वह 2024 शिकागो मैराथन में रूथ चेप्नगेटिच द्वारा बनाए गए 2 घंटे 9 मिनट 56 सेकंड के विश्व रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने की स्थिति में थीं। हालांकि, लगभग चार किलोमीटर शेष रहते उनके पैर में टेंडन की चोट ने उनकी रफ्तार रोक दी।
अससेफा ने गंभीर दर्द के बावजूद दौड़ पूरी की और ब्रांडेनबर्ग गेट पर 2 घंटे 11 मिनट 4 सेकंड के समय के साथ फिनिश लाइन पार की। यह महिला मैराथन इतिहास का तीसरा सबसे तेज समय है। फिनिश लाइन पार करते ही वह दर्द से जमीन पर गिर पड़ीं। आयोजकों के अनुसार, उन्हें चिकित्सकीय जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया।
अससेफा ने इससे पहले 2022 और 2023 में भी बर्लिन मैराथन जीती थी। 2023 में उन्होंने 2:11:53 के समय के साथ उस समय का विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इस बार उन्होंने अपने पुराने बर्लिन रिकॉर्ड में सुधार किया और नया कोर्स रिकॉर्ड कायम किया। हालांकि, चोट के कारण वह पदक समारोह और दौड़ के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल नहीं हो सकीं।
महिला वर्ग में इथियोपिया का दबदबा पूरी तरह देखने को मिला। अससेफा के बाद बेदातु हिरपा दूसरे और डेरा डिडा तीसरे स्थान पर रहीं। यानी महिला वर्ग का पूरा पोडियम इथियोपिया के नाम रहा।
पुरुषों की रेस में गुए अदोला ने 2 घंटे 2 मिनट 50 सेकंड के समय के साथ जीत हासिल की। यह बर्लिन मैराथन में उनकी दूसरी जीत है। इससे पहले वह 2021 में भी इस प्रतिष्ठित मैराथन के विजेता रहे थे। उनके हमवतन गेमेचु डिडा दूसरे स्थान पर रहे, जबकि तंजानिया के गैब्रियल गे ने तीसरा स्थान हासिल किया।
पिछले साल के बर्लिन मैराथन विजेता सेबास्टियन सावे इस बार चोट के कारण प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सके।
जर्मनी के धावकों में हाफ्टोम वेलडे पुरुष वर्ग में सबसे आगे रहे। उन्होंने 2 घंटे 8 मिनट 25 सेकंड का समय दर्ज किया। महिला वर्ग में अन्ना लैंगरविश सबसे तेज जर्मन धावक रहीं और उन्होंने 2 घंटे 27 मिनट 31 सेकंड के समय के साथ अपना नया व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
इस वर्ष बर्लिन मैराथन में दुनिया के 162 देशों से करीब 84,000 लोगों ने हिस्सा लिया। इतनी बड़ी अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के कारण आयोजन के दौरान सुरक्षा और यातायात प्रबंधन भी बड़ी चुनौती रहा। बर्लिन पुलिस के अनुसार, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था संभालने के लिए करीब 1,800 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।
बर्लिन मैराथन की इस दौड़ में जहां इथियोपिया ने दोनों वर्गों में अपना दबदबा कायम किया, वहीं टिग्स्ट अससेफा की चोट ने रिकॉर्ड की ओर बढ़ रही उनकी शानदार दौड़ को दर्दनाक मोड़ दे दिया। इनपुट -डीपीए




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