चक्रधर स्वामी के विचारों से सशक्त समाज और राष्ट्र का निर्माण : नितिन गडकरी
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नई दिल्ली, 29 सितंबर। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि संत-महात्माओं के विचार, संस्कार, मूल्य और सेवा भाव तभी सार्थक हैं, जब उन्हें जीवन में आचरण के रूप में उतारा जाए। इन विचारों को अपनाकर ही सशक्त समाज और राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है।
महाराष्ट्र शासन के सांस्कृतिक कार्य संचालनालय, मराठी भाषा विश्वविद्यालय, रिद्धपुर (अमरावती) और अखिल भारतीय महानुभाव परिषद, अमरावती के समन्वय तथा महाराष्ट्र परिचय केंद्र, नई दिल्ली के सहयोग से महाराष्ट्र सदन में ‘भगवान सर्वज्ञ श्री चक्रधर स्वामी अवतार दिन महोत्सव’ एवं एकात्मिक राष्ट्रीय चर्चासत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के समापन समारोह में गडकरी ने प्रमुख अतिथि के रूप में विचार व्यक्त किए।
भगवान सर्वज्ञ श्री चक्रधर स्वामी के जीवन और दर्शन का उल्लेख करते हुए गडकरी ने कहा कि उनके विचार और तत्त्वज्ञान को मन, शरीर और आत्मा में आत्मसात किया जाए तो मानव जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। सदियों पहले मानव कल्याण के लिए चक्रधर स्वामी ने जो विचार प्रस्तुत किए, वे आज भी समाज निर्माण और बेहतर मानवीय जीवन के लिए प्रासंगिक हैं।
उन्होंने कहा कि संत-महात्माओं के विचार और उनका जीवन मार्ग संघर्ष के दौर में व्यक्ति को मानसिक शक्ति प्रदान करते हैं और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की प्रेरणा देते हैं।
गडकरी ने माता-पिता और गुरु से मिलने वाले शिक्षा, प्रशिक्षण और संस्कारों को व्यक्ति के भविष्य की नींव बताया। उन्होंने कहा कि जिस तरह कुंभार मिट्टी को आकार देकर उसे उपयोगी रूप देता है, उसी तरह सही विचार और संस्कार मानव मन और व्यक्तित्व को आकार देते हैं।
उन्होंने कहा कि समाज का लक्ष्य केवल सत्ता और संपत्ति हासिल करना नहीं होना चाहिए। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े नागरिकों के जीवन में सुख और संतोष लाने तथा उनकी समस्याओं को दूर करने में हर व्यक्ति को अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
महानुभाव साहित्य की समृद्ध परंपरा पर चर्चा
राष्ट्रीय चर्चासत्र में महानुभाव साहित्य, भगवान श्री चक्रधर स्वामी का दर्शन तथा मराठी भाषा, साहित्य और संस्कृति के विकास में महानुभाव वाङ्मय के योगदान पर विभिन्न साहित्यकारों, विद्वानों और विशेषज्ञों ने विचार रखे।
वक्ताओं ने महानुभाव साहित्य की समृद्ध परंपरा, उसके भाषाई एवं सांस्कृतिक महत्व तथा वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन गौरव व्यास ने किया।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र सदन में लगाए गए महानुभाव पंथ के ग्रंथ प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। प्रदर्शनी में महानुभाव पंथ के इतिहास, भगवान सर्वज्ञ श्री चक्रधर स्वामी के जीवन और कार्य, उनके दर्शन तथा महानुभाव साहित्य की परंपरा से संबंधित विभिन्न ग्रंथ और सामग्री प्रदर्शित की गई थी। गडकरी ने प्रदर्शनी की जानकारी ली और संबंधित लोगों से ग्रंथों एवं साहित्य के बारे में चर्चा की। इस दौरान समन्वयक हरिहर पांडे उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के उत्तरार्ध में भगवान श्री चक्रधर स्वामी के जीवन और विचारों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, भक्तिसंगीत और परिसंवाद भी आयोजित किए गए। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्ति, साहित्यकार, अध्येता, महानुभाव पंथ के अनुयायी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।





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